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दो नए कॉलेजों में इसी सत्र से शुरू होगी पढ़ाई

मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह ने अपने कार्यकाल के आखिरी व वर्ष 2018-19 के राज्य बजट में कबीरधाम जिले में दो नए कॉलेज खोलने की...

Danik Bhaskar | Jun 24, 2018, 02:30 AM IST
मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह ने अपने कार्यकाल के आखिरी व वर्ष 2018-19 के राज्य बजट में कबीरधाम जिले में दो नए कॉलेज खोलने की घोषणा की थी। इस पर अमल शुरू हो चुका है। बोड़ला ब्लॉक के ग्राम झलमला और पंडरिया ब्लॉक के कुई- कुकदूर में खुलने वाले कॉलेजों में इसी सत्र से पढ़ाई शुरू होगी।

दोनों नए कॉलेजों में फर्स्ट ईयर के 560 सीटों पर दाखिला मिल सकेगा। इससे वनवासी इलाके के 4 हजार से अधिक युवाओं को राहत मिलेगी। क्योंकि अब उन्हें उच्च शिक्षा के लिए घर से दूर नहीं जाना पड़ेगा, बल्कि गांव में ही रहकर ग्रेजुएशन की पढ़ाई कर सकेंगे। कुई-कुकदूर और झलमला में कॉलेज तो खुल जाएंगे, लेकिन फिलहाल इनकी कक्षाएं अस्थायी तौर पर वहीं के हायर सेकंडरी स्कूल भवन में लगाई जाएगी। उच्च शिक्षा विभाग के मुताबिक दोनों कॉलेज में 1 जुलाई से एडमिशन शुरू हो जाएगा।

नए काॅलेज खुलने से दीगर कॉलेजों पर दबाव होगा कम: कबीरधाम जिले में हर साल आैसतन 7 हजार स्टूडेंट्स 12वीं पास होते हैं। विपरीत इसके यहां के 7 सरकारी कॉलेजों में फर्स्ट ईयर की 4927 सीटें हैं। सीटें सीमिति होने से 2 हजार से ज्यादा स्टूडेंट्स को एडमिशन नहीं मिल पाता। इनमें से कुछ ताे प्राइवेट एग्जाम दिलाते हैं, लेकिन कई पढ़ाई छोड़ने को मजबूर हो जाते हैं।

फर्स्ट ईयर में 560 सीटाें पर मिलेगा दाखिला, अब गांव में ही रहकर ग्रेजुएशन कर सकेंगे वनवासी युवा

कवर्धा.कुई-कुकदूर का हायर सेकंडरी स्कूल, जहां अस्थायी तौर पर कक्षाएं लगेगी।

बीए में 100 व बीएससी बीकॉम में 60-60 सीटें

कुई-कुकदूर के नए कॉलेज का संचालन की जिम्मेदारी इंदिरा गांधी कॉलेज पंडरिया को और झलमला में खुलने वाले कॉलेज की जिम्मेदारी विवेकानंद कॉलेज बोड़ला को दी गई है। दोनों नए कॉलेज में बीए की 100-100 सीटें तय की गई है। इसी तरह बीएससी और बीकॉम के लिए 60-60 सीटें निर्धारित है। नोटिफिकेशन जारी होना बाकी है।

वर्षों पुरानी मांग हुई पूरी, इसलिए जरूरी था काॅलेज खुलना

कारण 1. 11 हजार लड़कियों ने छोड़ दी पढ़ाई, 40 फीसदी 18 वर्ष की: वर्ष 2017 में महिला बाल विकास विभाग के सर्वे में सामने आया है कि जिले में 11 हजार लड़कियों ने बीच में ही पढ़ाई छोड़ दी है। इनमें 40 फीसदी लड़कियां 15 से 18 आयु उम्र की है। अधिकांश लड़कियां ऐसी भी है, जो 12वीं पास हैं। लेकिन क्षेत्र में कॉलेज न होने व परिजनों के डर ने इनकी पढ़ाई छुड़ा दी।

10 एकड़ भूमि में बनेगा भवन

बोड़ला ब्लॉक के झलमला में 10 एकड़ सरकारी जमीन चिह्नांकित कर ली गई है, जहां कॉलेज भवन का निर्माण किया जाएगा। इसी तरह कुई- कुकदूर में अभी जगह की तलाश की जा रही है। दोनों जगहाें में बिल्डिंग बनाने में करीब 2-2 करोड़ रुपए की लागत आने का अनुमान है।

कारण 2. 1वनांचल क्षेत्र से कॉलेजों की अधिक दूरी: जिले के चारों ब्लॉक में 70 हायर सेकंडरी स्कूल हैं। कवर्धा को छोड़ दें, तो सभी ब्लॉक मुख्यालयों में 1-1 कॉलेज हैं। वनांचल क्षेत्र के युवाओं को इन कॉलेजों में पढ़ाई के लिए अधिक दूरी तय करना पड़ता है। अधिकांश छात्र तो किराए के मकान में रहकर पढ़ाई करते हैं, जिससे खर्च ज्यादा होता है, इसलिए नए काॅलेज की मांग की जा रही थी।

इसी सत्र से शुरू होगी पढ़ाई