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जांच में टेम्परिंग की पुष्टि, स्कैनिंग के लिए निकाले 12 घरेलू बिजली मीटर

बिजली चोर उपभोक्ता बिजली की खपत कम दर्शाने और भारी भरकम बिल से बचने के लिए मीटर से छेड़छाड़ (टेम्परिंग) करा रहे हैं।...

Bhaskar News Network | Last Modified - May 25, 2018, 02:35 AM IST

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    बिजली चोर उपभोक्ता बिजली की खपत कम दर्शाने और भारी भरकम बिल से बचने के लिए मीटर से छेड़छाड़ (टेम्परिंग) करा रहे हैं। गुरुवार को चेकिंग के दौरान इसकी पुष्टि होने पर 12 घरों के मीटर उतारे गए और पंचनामा बनाकर जब्ती की गई। अब इसे भिलाई के लैब में स्कैनिंग के लिए भेजे जाएंगे। खास बात ये है कि मीटर टेम्परिंग से हर महीने 1.26 लाख रुपए की बिजली चोरी हो रही है। इसका असर ईमानदारी से बिल चुकाने वाले कंज्यूमर को बिजली कटौती व दरों में वृद्धि के रूप में पड़ रहा है।

    शहर में 15 हजार बिजली कंज्यूमर हैं, जो हर महीने औसतन 1.65 करोड़ रुपए की बिजली जलाते हैं। इसमें से 77 प्रतिशत यानि 1.27 करोड़ रुपए बिजली बिल के रूप में कंपनी को मिल पाता है, जबकि कुल खपत का 23 प्रतिशत यानि 27.95 लाख रुपए कंपनी को नहीं मिल पाता है। क्योंकि मीटर टेम्परिंग से यूनिट ब्लॉक हो जाता है, जिससे बिजली बिल में इसकी राशि जुड़ नहीं पाती है। एक दिन पहले भास्कर की मदद से आरोपी उपेंद्र सिंह राजपूत के पकड़े जाने पर मीटर टेम्परिंग से यूनिट ब्लॉक होने का खुलासा हुआ।

    कवर्धा.छेड़छाड़ की पुष्टि हाेने पर घरेलू मीटर उतारकर पंचनामा बनाती टीम।

    पड़ताल करने रायपुर से 12 सदस्यीय टीम कवर्धा आई

    विभाग की मानें, तो छग राज्य में यह पहली बार है, जब मीटर टेम्परिंग करने वाले आरोपी को रंगे हाथों पकड़े हैं। यही कारण राजधानी रायपुर से 4-4 सदस्यों वाली 3 टीम गुरुवार पहुंची। ये जानने के लिए आरोपी कैसे मीटर टेम्परिंग करता था। रायपुर से ही शुक्रवार 2 और टीम आने वाली है। फिर ये सभी टीमें शहर के 1-1 घरों में मीटर जांच करेंगे। इस दौरान गड़बड़ी मिलने पर कार्रवाई भी करेंगे और मीटर जांच के लिए भेजेंगे।

    खुलासा होने के बाद बिजली कंपनी अलर्ट, रीडिंग, खपत की हो रही क्रॉस चेकिंग, रीडर पर भी कार्रवाई तैयारी,

    मीटर टेम्परिंग के मामले सामने आने के बाद अब बिजली कंपनी सतर्क हो गई है। टेम्परिंग के इस खेल में कंपनी के कई मीटर रीडर के शामिल होने का शक है। इसलिए शहर में 15 हजार घरों, दुकानों, लघु उद्योगों व राइस मिलों में लगे मीटर की वास्तविक रीडिंग और रीडर्स के बताए गए खपत की क्रॉस चेकिंग की जा रही है। इसके अलावा संबंधितों से जानकारी भी जुटाई जा रही है।

    300 घरों में खपत अधिक फिर भी बिल आ रहा आधा

    आरोपी उपेंद्र सिंह के बताए ठिकाने पर गुरुवार को विजिलेंस टीम ने दबिश देना शुरू की। दिनभर में कुल 12 घरों में टेम्परिंग की पुष्टि होने पर वहां लगे इलेक्ट्रॉनिक मीटर उतारे गए। इन घरों में फ्रिज, टीवी समेत तमाम इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों का इस्तेमाल करने के बाद भी मीटर खपत आधा भी बिल नहीं दे रहा था। कंपनी के अफसरों ने शहर में ऐसे 300 से ज्यादा घरों को चिह्नांकित किया है, जहां छापेमारी करना है।

    मीटर के सील टूटे।

    एक साल में बिजली चोरी के सिर्फ 15 केस पकड़े

    शहर में मीटर छेड़छाड़ कर बिजली चोरी की जा रही है। इसके बावजूद विभागीय कर्मचारी पिछले एक साल में सिर्फ 15 केस ही पकड़ पाए। जबकि दो साल में 29 से 30 लोगों पर ही जुर्माना वसूली की कार्रवाई हो पाई है।

    शहर में कंज्यूमर की स्थिति पर एक नजर

    10013 सामान्य घरेलू कनेक्शन

    1960 बीपीएल कनेक्शन

    2143 कमर्शियल कनेक्शन

    184 एग्रीकल्चर, उद्योग व स्ट्रीट लाइट कनेक्शन

    जब्त मीटर भिलाई भेजेंगे

    आरोपी के जिन ठिकानों के बारे में बताया था, वहां मीटर टेम्परिंग की पुष्टि हो रही है। रायपुर से 3 टीम आई है, जो घरों में छापेमारी कर मीटर की जांच करेंगे। जब्त मीटर को स्कैनिंग के लिए भिलाई के लैब भेजा जाएगा। वीके महालय, ईई, बिजली कंपनी कवर्धा डिवीजन

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