• Home
  • Chhattisgarh News
  • Kawardha
  • सड़क के लिए 3 माह में 2 बार टेंडर निरस्त ठेकेदारों ने फाॅर्म भरा तो अप्रूवल नहीं मिला
--Advertisement--

सड़क के लिए 3 माह में 2 बार टेंडर निरस्त ठेकेदारों ने फाॅर्म भरा तो अप्रूवल नहीं मिला

कवर्धा शहर में सड़कों की स्थिति बदहाल हो चुकी है। बदहाल इन सड़कों पर कई गड्‌ढे हो गए हैं, जिन पर चलने वाले लोग दर्द...

Danik Bhaskar | Jun 06, 2018, 02:35 AM IST
कवर्धा शहर में सड़कों की स्थिति बदहाल हो चुकी है। बदहाल इन सड़कों पर कई गड्‌ढे हो गए हैं, जिन पर चलने वाले लोग दर्द झेलने को मजबूर हैं, लेकिन शहरी सरकार को इसकी कोई चिंता नहीं है। क्योंकि जिन 40 जगहों पर 3.59 करोड़ रुपए से सीसी रोड और रीनिवल कार्य होना है, उसके लिए परिषद का अप्रूवल जरूरी है।

नियमानुसार हर दो महीने में परिषद की मीटिंग होती है, लेकिन यहां 30 मार्च 2018 के बाद से बैठक ही नहीं हुई। अप्रूवल नहीं मिलने के कारण ही काम अटका है। खास बात यह है कि स्वीकृति के बावजूद काम 4 से 5 महीने लेट है। बीते 3 महीने में 42- 42 दिन के अंतराल में सड़क के लिए 2 बार टेंडर निकाले गए। ठेकेदारों की अरुचि से टेंडर निरस्त हो गया। अब तीसरी बार ठेकेदारों ने निविदा फाॅर्म भरा है, तो काम शुरू करने के लिए परिषद से अप्रूवल मिलने का इंतजार है। यही हाल 1.47 करोड़ रुपए से 28 जगहों पर बनने वाली नालियों का भी है।

कवर्धा. मुख्यमंत्री निवास के पीछे मार्केट लाइन की सड़क पर गड्‌ढों में भरा पानी।

सीएम के हाथों भूमिपूजन के एक हफ्ते बाद भी काम शुरू नहीं

सीन 1. दर्री पारा रोड: ठाकुरदेव चौक से दर्री पारा होते बिलासपुर रोड तक 300 मीटर लंबी सड़क गड्‌ढाें से छलनी है। सड़क रीनिवल के लिए 5 महीने पहले 35.21 लाख स्वीकृत हुआ था। लोहारा में 31 मई को विकास यात्रा में सीएम के हाथों भूमिपूजन करा दिया, लेकिन 1 हफ्ते में काम शुरू नहीं हुआ है।

सीन 2. राजमहल चौक रोड: राजमहल चौक से मठपारा होते हुए करपात्री चौक तक करीब 300 मीटर लंबी सड़क से डामर उखड़ चुका है। कुछेक जगहों पर गड्‌ढाें का विस्तार इतना बड़ा है कि वहां से बाइक सवार बचते- बचाते निकलते हैं। यदि तेज बारिश हुई, तो इन गड्‌ढों में पानी भर जाएगा।

सीन 3. मुख्यमंत्री निवास के पीछे बाजार लाइन: मुख्यमंत्री निवास के ठीक पीछे नवीन बाजार लाइन में वाहन चालक हिचकोले खाते हैं। क्योंकि यहां सड़क कई जगह उखड़ गई है, जिससे यह उबड़- खाबड़ दिखती है। गड्‌ढे में बारिश का पानी भरा है, जिसके आसपास सब्जी दुकानें लगती हैं।

जानिए, देरी के लिए ठेकेदार से लेकर परिषद तक जिम्मेदार

राशि स्वीकृत होने के बावजूद सड़क निर्माण में देरी के लिए ठेकेदार से लेकर नपा सीएमओ और अध्यक्ष जिम्मेदार है। क्योंकि पूर्व में जब टेंडर निकाला गया, ताे ठेकेदारों ने फाॅर्म नहीं भरा। इस कारण दो बार टेंडर निरस्त हुआ। ऐसे ठेकेदारों पर कार्रवाई की जगह नगर पालिका की उन पर मेहरबान ही रही। तीसरी बार जब टेंडर हो गया, तो अब परिषद काम अटका रहा है।

सीधी बात

सुनील अग्रहरि, सीएमओ, नपा कवर्धा

दो बार टेंडर निरस्त हो चुका था


-ठेकेदार काम लेने में रुचि नहीं ले रहे थे। दो बार टेंडर निरस्त हो चुका था। इस कारण काम शुरू करने में देरी हो रही है।


-हां, टेंडर आ चुका है। टेंडर कमेटी से अनुमोदन भी मिल गया। परिषद से अप्रूवल बाकी है। जल्द ही वो भी हो जाएगा।


-सीसी रोड निर्माण में बारिश बाधा पैदा नहीं करेगी। भले ही रीनिवल कार्य आगे खिसक सकता है।