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15 दिन में सर्टिफिकेट की गारंटी हकीकत : 30 हजार अर्जियां बाकी

लोक सेवा केंद्रों में 15 से 30 दिन के भीतर लोगों को आय, जाति, निवास समेत अन्य प्रमाण पत्र बनाने की गारंटी है, लेकिन...

Dainik Bhaskar

Jun 10, 2018, 02:35 AM IST
15 दिन में सर्टिफिकेट की गारंटी हकीकत : 30 हजार अर्जियां बाकी
लोक सेवा केंद्रों में 15 से 30 दिन के भीतर लोगों को आय, जाति, निवास समेत अन्य प्रमाण पत्र बनाने की गारंटी है, लेकिन अफसरों की सुस्ती से यहां बीते 2 साल से आय, जाति, निवास की 30,837 अर्जियां पेंडिंग हैं। इधर जुर्माने से बचने के लिए दस्तावेजाें में कमी बताकर आवेदन खारिज कर देते हैं।

अब तक किसी न किसी बहाने 3044 अर्जियों को खारिज किए जा चुके हैं। अफसरों के रवैये से आम लोगाें को परेशानी हो रही है क्योंकि एक हफ्ते बाद 16 जून से स्कूल खुल जाएंगे।

पैरेंट्स इस बात से परेशान हैं कि आय, जाति, निवास के बिना बच्चों को स्कूलों में दाखिला नहीं मिलेगा। इधर कॉलेजों में एडमिशन के लिए फाॅर्म भरे जा रहे हैं, जिसमें ये सर्टिफिकेट जमा करना जरूरी है। गांवों से लंबी दूरी तय कर पालक तहसील ऑफिस आते हैं, लेकिन आवेदन के एक महीने बाद भी उन्हें प्रमाण पत्र नहीं मिल पा रहा है।

संचार क्रांति में ड्यूटी, इसलिए सर्टिफिकेट जारी करने में सुस्ती: संचार क्रांति (स्काई) योजना के जरिए जिले में 78 हजार स्मार्टफोन बांटा जाना है। इसके लिए भरे गए आवेदनों को ऑनलाइन करने का काम किया जा रहा है। लोक सेवा केंद्रों में कार्यरत ज्यादातर कर्मचारियों की ड्यूटी इसी में लगा दी गई है, जिसके चलते आय, जाति, निवास के प्रकरण अटके हुए हैं।

कवर्धा.लोक सेवा केंद्र में प्रमाण पत्र बनवाने आवेदन करने पहुंचे लोग।

पेंडेंसी कम करने आवेदन करते हैं खारिज:

केस 1. सात महीने पेंडेंसी के बाद आवेदन खारिज: सहसपुर लोहारा तहसील के पैलपार गांव निवासी बुधराम पटेल। 2 जुलाई 2015 को मूल निवास प्रमाण पत्र बनवाने के लिए तहसील अॉफिस में आवेदन दिया था। सात महीने तक सर्टिफिकेट नहीं बना। 5 फरवरी 2016 को तत्कालीन तहसीलदार ने दस्तावेजों की कमी बताकर इसे खारिज कर दिया।

लोक सेवा केंद्रों में पेंडेंसी पर एक नजर

तहसील कुल आवेदन पेंडिंग खारिज हुए

पंडरिया 55528 6657 706

कवर्धा 41948 6691 1382

बोड़ला 39917 10736 528

सहसपुर लोहारा 30330 6753 428

केस 2. 9 माह से पेंडिंग: बरकोही निवासी चितराम कोशले ने 15 सितंबर 2017 को तहसील ऑफिस में आवेदन किया था। 20 सितंबर 2017 को तहसीलदार मनोज कुमार रावते ने दस्तावेज की कमी बता प्रकरण पेंडिंग रखा। नौ महीने बाद भी आय प्रमाण पत्र नहीं मिला।

केस 3. जाति प्रमाण पत्र बनवाने 1 साल में दूसरी बार आवेदन: पंडरिया ब्लॉक के ग्राम पेंड्रीकला निवासी प्रदीप चन्द्राकर ने जाति प्रमाण पत्र बनाने 17 जून 2017 को आवेदन किया था। तहसीलदार ने अस्थाई जाति प्रमाण पत्र जारी तो कर दिया, लेकिन स्थायी बनवाने के लिए दिया, तो आवेदन पंडरिया एसडीएम ऑफिस में पेंडिंग पड़ा है।

ढाई सौ रुपए रोज के हिसाब से जुर्माना

नियमानुसार एक दिन भी देरी होने पर प्रमाण-पत्र बनाने वाले अफसर पर 250 रुपए रोजाना के हिसाब से जुर्माना तय है। इसके लिए आवेदक को एसडीएम और कलेक्टर के पास आवेदन देकर अपील करनी होती है। लेकिन लोगों को जानकारी नहीं है, इसलिए एक भी अपील नहीं हुई। वैसे भी पेंडेंसी के मामले में कबीरधाम जिला प्रदेश में 11वें नंबर पर है।

सीधी बात

पीएस ध्रुव, अपर कलेक्टर

जानकारी ली जाएगी


- दस्तावेजों को पूर्ण रूप से जांच किया जाता है। इसके बाद ही प्रमाण पत्र जारी होता है। प्रकरण 2-2 साल से पेंडिंग है, तो जानकारी ली जाएगी।


- सबसे पहले तो हम देखेंगे कि प्रकरण किन कारणों से रोका गया है।


- पेंडेंसी देखना पड़ेगा। यदि कर्मचारियों की उदासीनता से आवेदन पेंडिंग है, तो उन पर कार्रवाई जरूर की जाएगी।

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