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रेंगाखार जंगल को तहसील बनाने की घोषणा

भास्कर न्यूज | कवर्धा/सहसपुर लोहारा. मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह बुधवार की शाम रथ के जरिए विकास यात्रा में पहली बार...

Danik Bhaskar | May 31, 2018, 02:40 AM IST
भास्कर न्यूज | कवर्धा/सहसपुर लोहारा.

मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह बुधवार की शाम रथ के जरिए विकास यात्रा में पहली बार सड़क मार्ग से कवर्धा पहुंचे। इस 35 किलोमीटर की रथयात्रा में उन्होंने सिल्हाटी, सहसपुर लोहारा, उड़िया और फिर आखिर में कवर्धा में सभा की। मुख्य सभा सहसपुर लोहारा में हुई। यहां उन्होंने जिले के वनांचल के हिस्से रेंगाखार जंगल को तहसील का दर्जा दे दिया। वहीं कहा कि यह तो विकास का ट्रेलर है पूरी फिल्म अभी बाकी है।

लोहारा की सभा में मुख्यमंत्री शाम 6.30 बजे पहुंचे। इस दौरान उन्होंने भावनात्मक रूप से लोगों से जुड़ते हुए कहा कि इस जनपद क्षेत्र के ठाठापुर में मेरा जन्म हुआ। इसलिए इसकी मिट्‌टी ही मेरी जन्नत है। मैंने ऐसी सभा लोहारा में आज तक नहीं देखी। आपने दो विधायक चुनकर मुझे दिया, इसलिए मैं मुख्यमंत्री बन पाया। अब कांग्रेस के लोग विकास ढूंढने निकले हैं। उन्हें कहता हूं कि आप लोहारा का विकास देख लीजिए, विकास ढूंढना नहीं पड़ेगा। यह विकास नहीं जनता के विश्वास की यात्रा है। इस क्षेत्र में 1990 से 1998 तक विधायक रहा।

सहसपुर लोहारा में सीएम के रोड शो में इस तरह उमड़ी भीड़।

जब मंत्री और गागड़ा व्यवस्था बनाने में जुटे

मंच संचालक कार्यकर्ताओं के नामों की सूची पढ़ने लगे। ऐसे में मंत्री राजेश मूणत संचालक के पास जाकर बोले की सारे कार्यकर्ताओं को एक साथ बुला लीजिए। कार्यकर्ताओं को एक लाइन से आने के लिए मंत्री मूणत और मंत्री महेश गागड़ा खुद व्यवस्था बनाते रहे। साथ ही जब विधायक अशोक साहू भाषण दे रहे थे, तो भाषण लंबा खिंचता देख मंत्री गागड़ा ने विधायक के पीछे जाकर इशारा किया और तब विधायक ने भाषण समाप्त किया।

162 विकास कार्यों की दी सौगात

मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह ने विकास यात्रा के दौरान सहसपुर लोहारा में 200 करोड़ रुपए के 162 विभिन्न विकास कार्यों का लोकार्पण व भूमिपूजन किया। इनमें 63.39 करोड़ रुपए से हाफ नदी में बनने वाला पुल, फिशरीज कॉलेज, बालगृह भवन सिटी बस टर्मिनल, पोषण पुनर्वास केंद्र, लोहारा, घुघरीखुर्द और घोठिया में जलप्रदाय योजना समेत 79 कार्य शामिल हैं। इसी तरह 137.83 करोड़ से लाइवलीहुड कॉलेज में 50 सीटर हॉस्टल आिद है।

चक्काजाम, रात 9 बजे पथराव, लाठीचार्ज

ग्राम महराजपुर में देर शाम 7.30 बजे विकास यात्रा के दौरान मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह के पहुंचने पर स्वागत की तैयारी की गई थी। हालांकि, यह कार्यक्रम प्रोटोकाल का हिस्सा नहीं था। सीएम ने उड़िया में स्वागत सभा ली और इसके बाद वे महराजपुर में बिना रुके कवर्धा चले गए। इससे नाराज ग्रामीणों ने बांस- बल्ली अड़ाकर चक्काजाम कर दिया। पंडाल तोड़ दिए और बैनर-पोस्टर फाड़ दिए। गाड़ियां जाम में फंस गईं।

टाइगर रिजर्व के प्रस्ताव से बढ़ी दूरियों का डैमेज कंट्रोल

कवर्धा|विकास यात्रा में लोहारा पहुंचे मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह ने नक्सल प्रभावित रेंगाखार जंगल को पूर्ण तहसील का दर्जा देने ऐलान कर दिया। यह सहसपुर लोहारा की जनसभा का जिले के लिए सबसे बड़ा ऐलान है। इसे भाजपा सरकार की चौथी पारी यानी विधानसभा चुनाव 2018 की तैयारी भी मानी जा रही है। क्योंकि टाइगर रिजर्व के प्रस्ताव से क्षेत्र के 100 से ज्यादा गांवों के लोग सरकार के खिलाफ हो गए थे, जिसका फायदा कांग्रेस उठा रही थी। यही कारण है कि सरकार ने रेंगाखार जंगल को पूर्ण तहसील देने की घोषणा की। इससे जहां सरकार और ग्रामीणों के बीच बढ़ी दूरियां खत्म होगी, वहीं क्षेत्रवासियों को सुविधा मिल सकेगी।

पत्रकारों के साथ बदतमीजी

इधर, सहसपुर लोहारा की सभा के तुरंत बाद मुख्यमंत्री की घोषणा व दूसरे मसलों पर उनकी बाइट लेने के लिए जा रहे पत्रकारों को पुलिस ने रोक दिया। पत्रकारों ने डीएसपी से निवेदन भी किया। एक तरह से पत्रकारों को सीएम के जाने तक बंधक बना लिया गया। इसके बाद पुलिस के खिलाफ नारेबाजी हुई।

30 हजार आबादी को मिलेगा फायदा

नक्सल प्रभावित रेंगाखार जंगल के आसपास 20 ग्राम पंचायत आते हैं, जहां करीब 30 हजार आबादी निवासरत है। एक तरह से यह क्षेत्र जिला मुख्यालय और अपने ब्लॉक मुख्यालय से भी बहुत दूर है।