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नवतपा में तपे कृषक मुख्यमंत्री ने पल-भर में दी सुविधा, अब भी किसान बेबस

विकास यात्रा में 28 मई को पंडरिया पहुंचे मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह ने एक क्लिक कर जिले के 49 हजार किसानों के खाते में 62.71...

Danik Bhaskar | May 31, 2018, 02:40 AM IST
विकास यात्रा में 28 मई को पंडरिया पहुंचे मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह ने एक क्लिक कर जिले के 49 हजार किसानों के खाते में 62.71 करोड़ रुपए बाेनस राशि डालकर चले गए। लेकिन खाते से पैसा निकालने के लिए किसानाें को मशक्कत करना पड़ रहा है।

बैंकों में अचानक भीड़ बढ़ गई है। अव्यवस्था ऐसी हे कि बैंक आए किसानाें के लिए पीने का पानी और बैठने के लिए पर्याप्त छांव तक नहीं है। जिला सहकारी केंद्रीय बैंक में बुधवार को करीब 80 किसानाें की भीड़ लगी रही। बैंक के अंदर बैठने को जगह नहीं थी, तो बाहर परिसर में जहां गाड़ियां खड़ी होती है, वहीं किसान फाॅर्म भरते दिखे। फाॅर्म भरने के 2 से 3 घंटे बाद उनका नंबर आया, तब तक वे धूप व गर्मी में इंतजार करते रहे। बता दें कि कवर्धा विधानसभा क्षेत्र में सबसे ज्यादा 32,447 किसानों के खाते में 40,564980 रुपए जारी हुआ है। पंडरिया विधानसभा क्षेत्र के 16,701 किसानों को 22,1574540 रुपए धान बोनस राशि जारी हुई है। ये राशि किसानों के खातों में पहुंच चुकी है।

49 हजार खाते में बोनस के 62.71 करोड़ रुपए डाल गए सीएम, बैंकों में रुपए निकालने किसानों की भीड़, यहां न पीने का पानी न छांव का इंतजाम

रुपे कार्ड जारी, 80 फीसदी डि- एक्टिवेट

सहकारी बैंक में 45 हजार किसानों के खाते हैं। इनमें 40 हजार खातेदारों को रुपे केसीसी कार्ड जारी हुआ है, लेकिन ज्यादातर किसानों को इसका उपयोग नहीं आता। यही कारण है कि 3 महीने से इसका इस्तेमाल नहीं होने के कारण 80 फीसदी रुपे कार्ड डि-एक्टिवेट हो चुके हैं। इसलिए बैंक में फार्म भरकर पैसा निकालने में देरी हो रही है।

बदइंतजामी: फाॅर्म भरने के 2 से 3 घंटे बाद आ रहा नंबर

कवर्धा.बैंक के अंदर बैठने तक को जगह नहीं।

10 करोड़ रुपए होंगे ट्रांसफर : जिले में 4 हजार किसान ऐसे हैं, जिनके खाते स्टेट बैंक ऑफ इंडिया और पंजाब नेशनल बैंक में है। बोनस का करीब 10 करोड़ रुपए इन बैंकों में ट्रांसफर किया जाएगा। अभी फंड ट्रांसफर नहीं हुआ है, इसलिए जानने के लिए बैंकों के चक्कर काट रहे हैं।

सहकारी बैंक में ये अव्यवस्थाएं

बैठने को कुर्सी नहीं:ग्राम लालपुर कला से आए किसान मंगल सिंह ने कहा कि बैंक में पर्याप्त कुर्सी नहीं है। 15 के लिए ही बैठने की सुविधा है। बाकी खड़े रहते हैं।

भुगतान में सुस्ती: ग्राम मगरदा के किसान लीलाराम साहू कहते हैं कि बोनस भुगतान में सुस्ती बरती जा रही है। फाॅर्म जमा करने में 2 से 3 घंटे में नंबर आता है। आधे घंटे में 10 से 12 को ही पैसा मिलता है

पेयजल नहीं: लालपुर कला गांव के किसान नेतराम धुर्वे कहते हैं कि बैंक में पेयजल की पर्याप्त व्यवस्था नहीं है। परिसर में एक छोटी टंकी है, लेकिन खाली रहता है।

धान खरीदी पर एक नजर






भीड़ बढ़ने से व्यवस्था बिगड़ गई