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जल संरक्षण के लिए महराजपुर के ग्रामीणों ने की पहल

Kawardha News - सूखे की हालत ने लोगों को पानी सहेजने पर मजबूर कर दिया है। ताजा उदाहरण बोड़ला ब्लॉक के ग्राम महराजपुर में देखने को...

Dainik Bhaskar

Jun 11, 2018, 02:40 AM IST
जल संरक्षण के लिए महराजपुर के ग्रामीणों ने की पहल
सूखे की हालत ने लोगों को पानी सहेजने पर मजबूर कर दिया है। ताजा उदाहरण बोड़ला ब्लॉक के ग्राम महराजपुर में देखने को मिल रहा है, जहां मनरेगा से 10 लाख रुपए खर्च करने पर भी काम पूरा नहीं हुआ, तो ग्रामीणों ने खुद से 1 लाख रुपए चंदा जुटाकर 20 साल पुराने सोनारिन तालाब का गहरीकरण शुरू करा दिया ताकि बारिश होने पर इसमें पानी को सहेजा जा सके और निस्तारी का संकट न हो। ब्लॉक मुख्यालय कवर्धा से महज 7 किलोमीटर दूर स्थित इस गांव में छोटे- बड़े मिलाकर 3 तालाब हैं। इन्हीं तालाबों में से एक है सोनारिन तालाब। यह गांव का बड़ा और वर्षों पुराना तालाब है। करीब 20 साल पुराने इस तालाब का गहरीकरण नहीं हो पाया था। इसका पानी गंदा व दूषित हो चुका था, जिसके चलते निस्तारी लायक नहीं थी। ऐसे में ग्रामीणों ने सामुहिक निर्णय लेकर इस तालाब के गहरीकरण कराने का जिम्मेदारी उठाई, ताकि बारिश के पानी को सहेजा जा सके।

इस तालाब का पानी गंदा व दूषित होने के कारण निस्तारी करने के लायक भी नहीं था

सूखे से लिया सबक, मनरेगा में 10 लाख रु. खर्च, काम अधूरा होने पर ग्रामीणों ने 1 लाख रु. चंदा कर 20 साल पुराने सोनारिन तालाब का किया गहरीकरण

बोड़ला ब्लॉक के ग्राम महराजपुर में देखने को मिल रही ग्रामवासियों की एकजुटता की मिसाल

कवर्धा. महराजपुर में वर्षों पुराने सोनारिन तालाब का गहरीकरण।

हर घर से 150 से 300 रुपए लिया चंदा कर जुटाए 1 लाख रुपए: सहमति के बाद ग्रामीण सोनारिन तालाब के गहरीकरण में जुट गए। करीब 1500 आबादी वाले इस गांव में हर घर से 150 रुपए से 300 रुपए तक चंदा कर 1 लाख रुपए इकट्‌ठा किया। गहरीकरण के लिए जेसीबी लगाई। मुरुम, मिट्‌टी लाया गया।

तालाब किनारे रिटेनिंग वॉल से रुकेगा मिट्‌टी का कटाव : ग्रामीणों के साथ ग्राम पंचायत भी जल संरक्षण के लिए सोनाारिन तालाब में रिटेनिंग वॉल का निर्माण कराने में लगा। 3 फीट 70 इंच लंबी यह वॉल तालाब के चारों ओर बनाई जा रही है।

मनरेगा से 10 लाख खर्च, काम पूरा नहीं हुआ, तब लिया फैसला:

मनरेगा के जरिए गांव के 2 तालाबों का गहरीकरण पहले ही कराया जा चुका है। बीते साल 2017 में मनरेगा से सोनारिन तालाब का गहरीकरण शुरू हुआ। 10 लाख रुपए खर्च हुआ, लेकिन काम पूरा नहीं हुआ। ऐसे में ग्रामीणों ने लिया निर्णय।

इससे ग्रामीणों को आगामी समय में होंगे ये 3 फायदे


ग्रामीणों ने स्वयं के खर्च से जेसीबी व ट्रैक्टर लगवाया




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