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सीख: स्टाफ व ग्रामीणों ने संवारा बीरेन्द्र नगर उपस्वास्थ्य केंद्र

ओपीडी में घुसते ही दवाओं की जगह रूम फ्रेशनर की खुशबू और शानदार टाइल्स से चमचमाते फर्श के साथ बीरेन्द्र नगर...

Bhaskar News Network | Last Modified - May 28, 2018, 02:45 AM IST

सीख: स्टाफ व ग्रामीणों ने संवारा बीरेन्द्र नगर उपस्वास्थ्य केंद्र
ओपीडी में घुसते ही दवाओं की जगह रूम फ्रेशनर की खुशबू और शानदार टाइल्स से चमचमाते फर्श के साथ बीरेन्द्र नगर उपस्वास्थ्य केंद्र जिले के प्राइवेट अस्पतालों को भी मात दे रहा है। यहां लेबर रूम और वार्ड तक हर जगह व्यवस्था चकाचक है। यह सब किसी सरकारी बजट से नहीं, बल्कि डॉक्टर और ग्रामीणों की पहल से हुआ है।

ग्रामीणों ने 100 रुपए से लेकर 10 हजार रुपए चंदा जुटाया। चंदे के 60 हजार रुपए से अस्पताल की रंगाई-पुताई कराई। ओपीडी और लेबर रूम में टाइल्स व एलसीडी टीवी लगवाए हैं। खिड़कियों पर कांच व पर्दे लगवाए हैं। ताकि मरीजों को घर जैसा माहौल मिल सके। यहां के स्टॉफ और ग्रामीणों ने आपसी सहयोग से धन खर्च कर इसका कायाकल्प ही कर दिया है। हॉस्पिटल कैंपस में गार्डन डेवलप कर पौधे लगाए गए हैं, जहां सुरक्षा के लिए लाेहे की ग्रील तक चंदे के पैसे से लगी है।

सरकार से नहीं ली किसी तरह की मदद, ग्रामीणों ने खुद से 60 हजार रुपए इकट्‌ठा किया चंदा अस्पताल में लगवाई टाइल्स व एलसीडी, ताकि मरीजों को मिल सके घर जैसा माहौल

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1. ओपीडी में मरीजों को देखते स्वास्थ्य संयोजक सनत कुमार।

2. वार्ड में लगे टाइल्स और खिड़कियों पर साफ- सुथरे पर्दे।

3. ओपीडी में मरीज बोर नहीं हों इसलिए यहां पर टीवी लगाया गया है।

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ग्राम सभा में मांगा सहयोग तो तैयार हुए ग्रामीण

ग्राम सभा में बात रखी, तो गांववालों ने अपना लिया

स्वास्थ्य संयोजक सनत कुमार साहू ने 2015 को इस स्वास्थ्य केंद्र में ज्वाइनिंग ली थी। तब स्थिति खराब थी। यहां फ्लोरिंग उखड़ा हुआ था। शौचालय भी गंदे थे। कैंपस में बोर तो हुआ था, लेकिन नल कनेक्शन नहीं लगा था, जिसे देखकर उन्हें पीड़ा हुई। तभी सनत ने इसे संवारने सहयोग मांगा तो ग्रामीण तैयार हो गए।

यहां हर साल औसतन 100 डिलिवरी

जिले के 146 उपस्वास्थ्य केंद्रों के मुकाबले यहां सुविधाएं बेहतर है। यहां हर साल औसतन 100 डिलवरी होती है। वर्ष 2017 में 82 महिलाओं की सुरक्षित जचकी हुई थी। सामुदायिक अस्पताल में अनुपयोगी रेडिएंट बेबी वार्मर को सुधार कर इस्तेमाल कर रहे हैं। जल्द ही ऑक्सीजन सिलेंडर भी खरीदने की तैयारी है।

सरपंच ने लगवाई टाइल्स, मेघनाथ ने नल कनेक्शन

सरपंच लक्ष्मी पटेल ने 25 हजार रुपए खर्च कर लेबर रूम में और गजानंद कौशल ने 8 हजार रुपए से ओपीडी में टाइल्स लगवाए हैं। अरूण साहू ने एलसीडी टीवी दिए हैं। सत्यनाराण ने अस्पताल के खिड़कियों में शीशे लगवाए, मेघनाथ पटेल ने बोनपंप से ओपीडी, लेबर रूम व मरीज वार्ड में नल फिटिंग कराया है।

क्षेत्र में पुरुष नसबंदी के लिए प्रेरक बने स्टाफ

यहां स्टाफ पुरुष नसबंदी के लिए प्रेरक का काम कर रहे हैं। बीते साल सहसपुर लोहारा ब्लॉक में लगभग 190 पुरुषों ने नसबंदी कराया है। इनमें से 35 लोगों को अकेले स्वास्थ्य संयोजक सनत कुमार ने प्रेरित किया। सनत कहते हैं कि ग्रामीणों से संपर्क कर अस्पताल में कमियों को दूर करने और व्यवस्थाओं को सुचारु बनाने प्रयासरत हैं।

ऐसी निष्ठा बदलेगी नजरिया

स्टाफ व ग्रामीणों का प्रयास सराहनीय है। ऐसी निष्ठा सबमें आ जाए, तो स्वास्थ्य केंद्रों के प्रति लोगों को जो नजरिया है वह बदलेगा। केंद्रों को अपनाने से व्यवस्था में सुधार होगी। डॉ. अखिलेश त्रिपाठी, सीएमएचओ, कबीरधाम

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