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ये कैसी जिम्मेदारी कबीरधाम जिले में हैं कुल 20 हजार 664 दिव्यांग

जिले में यूडीआईडी (यूनिक डिसेबिलिटी आईडी कार्ड) बनाने को लेकर स्थिति ठीक नहीं हैं। जिले में 20 हजार 664 दिव्यांग हैं।...

Danik Bhaskar

Jun 22, 2018, 02:45 AM IST
जिले में यूडीआईडी (यूनिक डिसेबिलिटी आईडी कार्ड) बनाने को लेकर स्थिति ठीक नहीं हैं। जिले में 20 हजार 664 दिव्यांग हैं। इन दिव्यांगों के लिए शासन ने 3 माह पहले योजनाओं को लाभ देने यूडीआईडी कार्ड बनाने का काम शुरू किया। उद्देश्य था कि दिव्यांगों को केवल एक ही कार्ड के जरिए सभी योजनाओं का लाभ मिल सके। जिले में यूडीआईडी कार्ड बनाने का काम मार्च में शुरू किया गया। 21 जून तक केवल 660 दिव्यांगों के लिए कार्ड बनाने की प्रक्रिया चल रही हैं। वहीं 20 हजार के करीब दिव्यांगों को यूडीआईडी कार्ड नहीं बन सका है।

यूडीआईडी कार्ड बनाने शासन ने समाज कल्याण विभाग व स्वास्थ्य विभाग को जिम्मेदारी सौंपी है। समाज कल्याण विभाग के अफसर एनडी भट्‌ट ने बताया कि स्काई योजना में यूडीआईडी के अॉपरेटरों की ड्यूटी लगाई थी, इसके चलते लेट हो रहा हैं। स्काई योजना में लगे कर्मचारियों को वापस कार्ड बनाने के काम में बुला लिया गया है। यूडीआईडी कार्ड जिले में सीएमएचओ कार्यालय व सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पिपरिया में काम किया जा रहा हैं।

तीन महीने में सिर्फ 210 दिव्यांगों का बना यूडीआईडी, अफसर बोले- स्काई योजना में ऑपरेटर व्यस्त रहते हैं इस कारण से हो रहा विलंब

कबीरधाम राज्य में 14वें पायदान पर है

यूडीआईडी राज्य के सभी जिलों में बनाया जा रहा है। कबीरधाम जिले की राज्य में बेहतर स्थिति नहीं हैं। सीएमएचओ कार्यालय से प्राप्त जानकारी अनुसार इस प्रोजेक्ट में जिले की स्थिति 14वें पायदान पर है। पड़ोसी जिला बेमेतरा राज्य में 5वें नंबर पर है। समाज कल्याण की ओर से यूडीआईडी कार्ड बनाने हेल्थ विभाग को 1770 आवेदन सौंपे हैं। 210 लोगों को कार्ड दिया है।

कवर्धा.यूडीआईडी कार्ड बनाने के लिए दिव्यांग भटक रहें हैं।

इस तरह दिव्यांगों को हो रही परेशानी

यूडीआईडी कार्ड बनाने को लेकर दिव्यांगों को परेशानी हो रही है। दरअसल कार्ड बनाने को लेकर आवेदन तीन विभागों से होकर गुजर रहा है। इसमें संबंधित दिव्यांग सबसे पहले नगर पालिका/पंचायत या ग्राम पंचायत का निवासी जनपद पंचायत के जरिए आवेदन करता है। इन कार्यालयों द्वारा समाज कल्याण विभाग में आवेदन को भेजा जाता है। समाज कल्याण विभाग की ओर से हेल्थ विभाग में फाइल को भेज दी जाती है। जहां से वेरिफिकेशन होने के बाद ऑनलाइन एंट्री की जाती है। तीन विभागों के चक्कर काटने के बाद यूडीआईडी कार्ड जारी होता है। आवेदन में कमी होने से दिव्यांग को फिर से प्रमाण पत्र बनवाना पड़ता है।

जानकारी भेजी है, प्रक्रिया शुरू होगी


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