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3 गांव ऐसे जिनके नगर बनने की संभावना

जांजगीर- चांपा में शुक्रवार को विकास यात्रा के दौरान मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह ने प्रदेश के 10 हजार आबादी वाले गांवों...

Bhaskar News Network | Last Modified - Jun 03, 2018, 02:50 AM IST

3 गांव ऐसे जिनके नगर बनने की संभावना
जांजगीर- चांपा में शुक्रवार को विकास यात्रा के दौरान मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह ने प्रदेश के 10 हजार आबादी वाले गांवों को नगर पंचायत बनाने की घोषणा की। कबीरधाम जिले के 461 ग्राम पंचायतों में से 3 गांव एेसे हैं, जो नगर में तब्दील हो सकते हैं। क्योंकि आबादी और सुविधाओं के लिहाज से इन पंचायतों के नगर बनने की संभावनाएं ज्यादा है।

नगर पंचायत की इस दौड़ में रूर्बन मिशन में शुमार ग्राम पंचायत कुण्डा, इंदौरी और दशरंगपुर शामिल है। तीनों ही मुख्य सड़कों से जुड़े हुए हैं। यहां पुलिस चौकी और थाना है। व्यवसायिक मार्केट, स्कूल, अस्पताल, बैंक और पोस्ट ऑफिस की सुविधाएं मौजूद हैं। यदि आश्रित गांवों को मिला दें, तो इन पंचायतों की आबादी करीब 10 हजार है। वैसे नगर पालिका एक्ट 1961 की धारा- 5 की उपधारा- 2 में 5 हजार से अधिक और 20 हजार से कम जनसंख्या वाले गांव को नगर पंचायत के रूप में गठन करने का प्रावधान है।

होगा अपग्रेडेशन

प्रदेश में 10 हजार आबादी वाले गांवों को नगर पंचायत बनाने की घोषणा कर चुके हैं मुख्यमंत्री

कवर्धा. नेशनल हाईवे से लगा ग्राम पंचायत इंदौरी।

उन पंचायतों पर एक नजर, जिनके नगर बनने की संभावनाएं ज्यादा है

ग्राम पंचायत इंदौरी

स्थिति: यह कवर्धा तहसील में स्थित सबसे बड़ा गांव है, जिसमें कुल 1,309 परिवार रहते हैं। इंदौरी गांव में 5,649 आबादी निवासरत है, जिनमें से 2789 पुरुष हैं, जबकि 2860 महिलाएं हैं। गांव का औसत लिंग अनुपात 1025 है, जो छग के औसत 991 से अधिक है।

आश्रित गांव आबादी

बड़े रगरा 1114

छोटे रगरा 872

(तीनाें ग्राम पंचायत की जनसंख्या जनगणना 2011 के अनुसार है। वर्तमान में आबादी घट-बढ़ भी सकती है।)

फायदे: गांवों के नगर में बदल जाने से यहां शहरों की तरह सुविधाएं डेवपल हो सकेगी। नगर का विकास करने के लिए अलग से सेटअप होगा।

गांव से नगर बनने के नफा-नुकसान को समझें

ग्राम पंचायत कुण्डा

स्थिति: कुंडा एक बड़ा गांव है, जो जिले के पंडरिया तहसील में स्थित है। गांव में 924 परिवार रहते हैं, जहां की आबादी 4653 है। इनमें से 2396 पुरुष हैं, जबकि 2257 महिलाएं हैं। गांव का औसत लिंग अनुपात 942 है। वर्तमान में रूर्बन मिशन में शामिल कुण्डा कलस्टर में 21 गांवों में करोड़ों के विकास कार्य स्वीकृत किए गए हैं। पक्की सड़कें व नालियों बन रही है।

नुकसान: शहरी सुविधाएं मिलने पर टैक्स के रूप में लोगों की जेब ढीली होगी। संपत्ति कर, समेकित कर और जलकर भुगतान करना पड़ेगा।

ग्राम पंचायत दशरंगपुर

स्थिति: दशरंगपुर भी कवर्धा तहसील में स्थित एक बड़ा गांव है, जिसमें कुल 720 परिवार रहते हैं। दशरंगपुर गांव में 3,347 की जनसंख्या है, जिनमें से 1675 पुरुष हैं जबकि 1672 महिलाएं हैं। गांव का औसत लिंग अनुपात 998 है, जो छग राज्य औसत 991 से अधिक है।

आश्रित गांव आबादी

छाेटे खंडसरा 683

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