• Home
  • Chhattisgarh News
  • Kawardha
  • निर्माण में धांधली एक बारिश भी झेल नहीं पाएगी सड़क सो रुकवाया काम
--Advertisement--

निर्माण में धांधली एक बारिश भी झेल नहीं पाएगी सड़क सो रुकवाया काम

भास्कर न्यूज | कवर्धा/ महका पंडरिया ब्लॉक के ग्राम पटुआ और सेंन्हाभाठा में ठेकेदार ने मिट्‌टी के ऊपर ही सड़क बिछा...

Danik Bhaskar | Jun 05, 2018, 02:50 AM IST
भास्कर न्यूज | कवर्धा/ महका

पंडरिया ब्लॉक के ग्राम पटुआ और सेंन्हाभाठा में ठेकेदार ने मिट्‌टी के ऊपर ही सड़क बिछा दी है। डामरीकरण भी ऐसा कि छूने से सड़क उखड़ रही है। हकीकत जानने के लिए जब ग्रामीणों ने ऊंगलियों से डामर निकाला, तो वह हाथ में आ गया। पतली इतनी कि पैराें से दबाने पर चूरा गिट्‌टी अपनी जगह छोड़ने लग गई।

रोड की इस हालत को देखकर ग्रामीण विरोध करने पर अामादा हो गए। उन्होंने फौरन काम रुकवा दिया। कहा कि ये रोड गाड़ियों का दबाव तो दूर एक बारिश भी नहीं झेल पाएगी। इसकी शिकायत एसडीएम और तहसीलदार से की गई है। जांच होने से पहले रोड पर कोई भी निर्माण नहीं कराने मांग की गई है। ऐसा न होने पर आंदोलन की चेतावनी दी जा रही है। ग्रामीणों मी मानें, तो निर्माणाधीन सड़क को देखने वाला कोई तकनीकी अमला नहीं है। ठेकेदार की अनुपस्थिति में मजदूर घटिया निर्माण को अंजाम दे रहे हैं।

मिट्‌टी के ऊपर बिछा दी सड़क, छुआ तो हाथ में ही आ गया डामर, पतली इतनी कि पैरों से दबाने पर चूरा गिट्‌टी ने छोड़ी जगह, आंदोलन की चेतावनी

पटुआ-सेंन्हाभाठा से महका तक बन रही 15 किमी लंबी सड़क रीनिवल कार्य में अनियमितता

खर्च होंगे 80 लाख रुपए

पटुआ से सेन्हाभाठा- महका तक 15 किमी लंबी सड़क रीनिवल होना है। इस पर करीब 80 लाख रुपए खर्च किया जा रहा है। प्रधानमंत्री ग्रामीण सड़क योजना (पीएमजीएसवाय) के तहत यह निर्माण हो रहा है। आरोप है कि गड्‌ढों पर बगैर समतलीकरण के पीचिंग की जा रही है, जिसके चलते सड़क अभी से उखड़ना शुरू हो गई है।

कवर्धा/महका.अंगुलियों से छूने पर हाथ में आ गया डामर, नाराज ग्रामीणों ने रोड निर्माण का काम रुकवाया।

दो सेंटीमीटर से भी पतला निर्माण इसलिए भड़क उठे ग्रामीण

सेंन्हाभाठा सरपंच चंद्रदीप वैष्णव बताते हैं कि महका से राधाकृष्ण मंदिर सेन्हाभाठा तक डामरीकृत सड़क बन चुकी है। नवनिर्मित इस सड़क की गुणवत्ता जांचने के लिए ग्रामीण इकट्‌ठा हुए। सड़क में ऊंगलियां डाली, तो डामर हाथ में आ गया। ऐसा इसलिए हुआ, क्योंकि सड़क निर्धारित मापदंड 20 एमएम यानि 2 सेंटीमीटर से कम पतली थी। डामर उखड़ने पर ग्रामीणों ने काम रोकने को कहा, तो ठेकेदार के मजदूर बदजुबानी करने लगे।

ग्रामीण चाहते हैं कि 4 से 5 सेमी बने