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3 साल से आवेदन पेंडिंग, रुचि नहीं दिखा रहे बेरोजगार

जिले के बेरोजगारों को रोजगार उपलब्ध कराने हर साल विभिन्न विभाग लोन स्वीकृत करते हैं। इस साल भी उद्याेग विभाग, खादी...

Bhaskar News Network | Last Modified - Jun 08, 2018, 02:50 AM IST

3 साल से आवेदन पेंडिंग, रुचि नहीं दिखा रहे बेरोजगार
जिले के बेरोजगारों को रोजगार उपलब्ध कराने हर साल विभिन्न विभाग लोन स्वीकृत करते हैं। इस साल भी उद्याेग विभाग, खादी एवं ग्रामोद्योग, जिला अन्तायावसी द्वारा करीब 200 से अधिक बेरोजगारों को लोन दिया जाएगा। लेकिन पिछले साल तीनों विभागों में विभिन्न योजना अंतर्गत बेरोजगारों द्वारा किए गए आवेदन अब तक पेंडिग हैं। इसके चलते बेरोजगारों को लाेन नहीं मिलने के कारण इस साल एक भी आवेदन नहीं पहुंचे हैं। इसे लेकर विभाग के अफसरों का कहना है कि बैंकों द्वारा विभिन्न प्रकार के नियम बताकर प्रकरणों को पेडिंग रखा जाता है। इस साल आवेदन नहीं आ रहे हैं।

बैंकर्स व विभागाें में मतभेद, : उद्योग विभाग के अफसर अजय पाठक के मुताबिक उनके विभाग द्वारा बेरोजगारों से आवेदन लिया जाता है। विभाग द्वारा जांच कर संबंधित बैंक में भेज दिया जाता है। बैंक में आवेदन भेजने के बाद उनके द्वारा दस्तावेजों की कमी बताकर प्रकरण को पेंडिंग रखा जाता है। बेरोजगारों को परेशानी हो रही है।

ऐसा है हाल

इस साल 3 विभागों द्वारा 2 सौ से अधिक बेरोजगारों को दिया जाएगा लोन, विभागों का कहना- बैंकों ने अटका दी फाइल

कवर्धा.खादी एवं ग्रामोद्योग दूसरी याेजना संबंधित आवेदन लिए जा रहे हैं

जानिए, तीन विभागों की स्थिति

पिछले साल का लक्ष्य पूरा नहीं: जिला अन्त्यावसायी समिति के पुराने प्रकरण अभी भी बैंकों में पेंडिंग हैं। इसमें एससी वर्ग के 101 व एसटी वर्ग के 60 प्रकरण पिछले साल से पेंड़िंग हैं। वहीं इस साल भेजे गए 94 प्रकरणों को बैंकों ने पूरा नहीं किया। समिति के अफसर दीपक नामदेव ने बताया कि इस साल समिति की ओर से एससी, एसटी वर्ग के लाेगों को लोन दिया जाएगा। अभी तक आवेदन नहीं मिले हैं। लेटलतीफी से रुचि नहीं ले रहे हैं।

खादी व ग्रामोद्योग में 81 प्रकरणों के लिए एक भी आवेदन नहीं: जिला पंचायत स्थित खादी एवं ग्रामोद्योग विभाग में पीएमईजीपी योजना अंतर्गत 40, मुख्यमंत्री स्वरोजगार योजना अंतर्गत 32, ससक्त महिला ग्रामीण कार्यक्रम अंतर्गत 9 महिलाओं को लोन देने लक्ष्य रखा गया है। विभाग के अफसर डीआर रावटे के मुताबिक अभी तक एक भी आवेदन प्राप्त नहीं हुआ हैं।

उद्योग विभाग लोन में देता है छूट: जिला उद्योग व व्यापार विभाग द्वारा जिले में सबसे ज्यादा राशि का प्रकरण मंजूर किया जाता है। विभाग के अफसर अजय पाठक ने बताया कि पिछले साल का लक्ष्य पूरा नहीं हो सका था। वहीं इस साल मुख्यमंत्री स्वरोजगार योजना अंतर्गत करीब 55 लाेगों को 2 से 25 लाख रुपए का लोन उनके विभाग की ओर से बैंकों से स्वीकृत किया जाएगा। 1 अप्रैल से लेकर अभी तक एक भी आवेदन प्राप्त नहीं हुआ है।

लाेन देने शिविर लगाकर नहीं किया जाता जागरूक

तीनों विभागों द्वारा योजना संबंधित आवेदन लिया जाता है। विभागों द्वारा आमजन तक योजनाओं की जानकारी को लेकर जागरूक नहीं किया जा रहा हैं। शिविर लगाकर बेरोजगारों को जानकारी भी दी जा सकती है। लेकिन विभाग ध्यान नहीं देते हैं।

समीक्षा बैठक में होगी चर्चा

विभागों से भेजे गए आवेदन की जांच बैंक द्वारा की जाती है। बैंक अपनी पूर्ण संतुष्टि के बाद ही लोन जारी करता है। वहीं बैंकों में अगर प्रकरण पेंडिंग है तो 8 जून की समीक्षा बैठक में चर्चा की जाएगी। राजीव ठक्कर, लीड बैंक मैनेजर

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