Hindi News »Chhatisgarh »Kawardha» तीन साल पहले तहसील कोर्ट किए थे ऑनलाइन अब भी नहीं मिल रही घर बैठे केस की जानकारी

तीन साल पहले तहसील कोर्ट किए थे ऑनलाइन अब भी नहीं मिल रही घर बैठे केस की जानकारी

डिजिटल इंडिया को लेकर राज्य सरकार ने अपने कई विभागों को ऑनलाइन कर दिया है। उद्देश्य है कि लोगों को घर बैठे जानकारी...

Bhaskar News Network | Last Modified - Jun 19, 2018, 02:50 AM IST

तीन साल पहले तहसील कोर्ट किए थे ऑनलाइन अब भी नहीं मिल रही घर बैठे केस की जानकारी
डिजिटल इंडिया को लेकर राज्य सरकार ने अपने कई विभागों को ऑनलाइन कर दिया है। उद्देश्य है कि लोगों को घर बैठे जानकारी मिल सके। इसी तरह राजस्व विभाग ने राज्यभर के तहसील से लेकर कलेक्टर के राजस्व ई-कोर्ट को ऑनलाइन किया। लेकिन जिले में राजस्व विभाग की ई-कोर्ट की स्थिति ठीक नही हैं।

संबंधित अफसर ई-कोर्ट में केस की जानकारी अपडेट नहीं करते। इसके चलते लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ता है। जिले में राजस्व के 9988 मामले दर्ज हैं। वहीं दस्तावेजों की कॉपी को प्राप्त करने के लिए आमजन को अाज भी संबंधित शाखा में राशि जमा करके निकलवाना पड़ता है।

राजस्व मंत्री भी लगा चुके हैं फटकार: इस ई-कोर्ट को लेकर राजस्व मंत्री प्रेमप्रकाश पांडेय ने कई बार समीक्षा की है। अाखिरी बार 29 मई को राज्यभर के राजस्व प्रकरण व ई-कोर्ट को लेकर समीक्षा की गई थी। इसमें कबीरधाम जिले की स्थिति खराब थी। इसे लेकर मंत्री ने जिले के राजस्व अधिकारियों को फटकार भी लगाई थी। बैठक में बेमेतरा को ई-कोर्ट में बेहतर कार्य करने को लेकर तारीफ भी मिल चुकी है।

कवर्धा. अपने राजस्व प्रकरणों की जानकारी लेने पहुंचे आमजन

3 साल पहले की थी आॅनलाइन शुरुआत

राजस्व विभाग ने 2015 में प्रदेश में ई-कोर्ट को ऑनलाइन करने तैयारी शुरु की थी। 2017 में इसे पूर्ण रूप से ऑनलाइन किया व सभी प्रकरणों को पेशी तारीख में अपडेट करने आदेश जारी किया गया। सभी ई-कोर्ट को 3 साल हो जाने के बाद भी ऑनलाइन नहीं किया जा सका है। 9988 प्रकरणों में महज 439 प्रकरणों को ऑनलाइन किया गया है। नियम था कि हर दिन आगामी पेशी तारीख व उस दिन अादेश की कॉपी को ऑनलाइन करना था।

ये दो केस से जानिए हकीकत

केस 1. जाति प्रमाण पत्र को लेकर दिया आदेश, लेकिन ई-कोर्ट में नहीं किया अपडेट:
पंडरिया ब्लॉक के मोहम्मद समीर ने स्थाई जाति प्रमाण पत्र जारी करने को लेकर अपर कलेक्टर पीएस ध्रुव के न्यायालय में अपील की। इस प्रकरण की सुनवाई मार्च माह में अपर कलेक्टर के कोर्ट में की गई। अप्रैल माह में स्थाई जाति प्रमाण पत्र जारी करने को लेकर पंडरिया एसडीएम को आदेश भी किया गया, लेकिन आदेश की कॉपी को ई-कोर्ट में अपडेट नहीं किया गया।

केस 2. कलेक्टर के ई-कोर्ट भी अपडेट नहीं: कलेक्टर के राजस्व ई-कोर्ट में वर्तमान तारीख तक 886 प्रकरण पंजीकृत हैं। इसमें से 84 प्रकरण लंबित हैं। इस कोर्ट में निराकृत 802 प्रकरणों में करीब 439 प्रकरण को ऑनलाइन नहीं किया गया है। वहीं कई ऐसे मामले हैं, जिनमें आगामी पेशी तारीख से लेकर आदेश की कॉपी को ऑनलाइन नहीं किया जा रहा है। इससे लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ता है।

आमजन को इस तरह होती है परेशानी

राजस्व ई-कोर्ट कलेक्टर से लेकर नायब तहसीलदार के पास होता है। संबंधित अफसर को राजस्व संबंधित प्रकरणों को प्रतिदिन अपडेट किया जाना चाहिए। जिले में 20 राजस्व ई-कोर्ट हैं। इन सभी को ऑनलाइन तो किया गया है, लेकिन किसी भी ई-कोर्ट की वेबसाइट को अपडेट नहीं किया जा रहा है। इससे नुकसान यह है कि संबंधित प्रकरण के व्यक्ति को दफ्तर का चक्कर काटना पड़ता है। साथ ही आदेश की कॉपी के लिए राजस्व शाखा में प्रति पेज 5 रुपए की दर से शुल्क जमा करना पड़ता है। इसके बाद 7 से 10 दिन के भीतर दस्तावेज प्राप्त होता है। वहीं अगर कोर्ट में सभी दस्तावेज को अपडेट किया जाता है, तो लोगों को दफ्तरों का चक्कर काटने व शुल्क जमा करने की समस्या नहीं होगी।

सीधी बात

दस्तावेज को अपलोड किए जाने को लेकर कुछ परेशानी हो रही है

ई-कोर्ट में प्रकरणों को अपडेट क्यों नहीं किया जा रहा हैं?

-कई जगहों में नेटवर्क कनेक्टिविटी के चलते परेशानी हो रही है। इस कारण से अपडेट नहीं हो पा रहा है।

संबंधित अफसर द्वारा पेशी की तारीख ई-कोर्ट में नहीं डाली जा रही है। इससे आमजन को परेशानी होती हैं।

-देखिए, अफसरों द्वारा सभी प्रकरणों को हर पेशी तारीख में अपडेट किए जाने को लेकर आदेश दिया जाता रहा है। अगर नहीं हुआ होगा, तो जानकारी ली जाएगी।

आदेश की कॉपी को अपलोड नहीं किया जा रहा है, इससे संबंधित आवेदक को राशि खर्च कर राजस्व शाखा से दस्तावेज को निकालना पड़ता है। आप क्या करेंगे?

-ई-कोर्ट की वेबसाइट में दस्तावेज को अपलोड किए जाने को लेकर कुछ परेशानी हो रही है। जल्द ही इसे सुधारा जाएगा।

एसएस सोम, डिप्टी कलेक्टर, राजस्व शाखा

दैनिक भास्कर पर Hindi News पढ़िए और रखिये अपने आप को अप-टू-डेट | अब पाइए News in Hindi, Breaking News सबसे पहले दैनिक भास्कर पर |

More From Kawardha

    Trending

    Live Hindi News

    0

    कुछ ख़बरें रच देती हैं इतिहास। ऐसी खबरों को सबसे पहले जानने के लिए
    Allow पर क्लिक करें।

    ×