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कहां गई मानवता जमीन के लिए चचेरे भाई व पिता के बीच झगड़ा होता था

एक दिन पहले पोंडी में मिली कुसुम (बदला हुआ नाम) अपने 5 साल के बेटे के भविष्य के लिए हर मुश्किलों का सामना कर जीना...

Danik Bhaskar | Jul 10, 2018, 02:50 AM IST
एक दिन पहले पोंडी में मिली कुसुम (बदला हुआ नाम) अपने 5 साल के बेटे के भविष्य के लिए हर मुश्किलों का सामना कर जीना चाहती है। यही कारण है कि जब अपनों ने मरने के लिए छोड़ दिया था, तो जिंदगी जीने एक किराना दुकान में काम करने लगी। तरस खाकर दुकानदार ने उसे पुलिस को सौंप दिया।

अब वह सखी सेंटर में अपने 5 साल के बेटे और गर्भ में पल रहे 8 माह के शिशु के साथ रह रही है। यहां काउंसिलिंग के बाद वह उस खौफ से उभर चुकी है, जो उसे अपनों ने दिया था।

भास्कर से चर्चा में कुसुम ने अपनी आपबीती बताई, सुनिए उसी की जुबानी.. सात साल पहले ठाकुरटोला में मेरी शादी हुई। पति खेती-बाड़ी करते थे। हमें 5 साल का बेटा है। मैं दूसरी बार गर्भवती हुई। हंसी-खुशी जिंदगी चल रही थी, लेकिन नियति को कुछ और मंजूर था। टीबी से पति की मौत हो गई। तब मैं ससुराल छोड़कर मायके (गांगचुवा) आकर रहने लगी। यहां जमीन के लिए मेरे चचेरे भाई और पिता के बीच अक्सर झगड़ा होता। 8 दिन पहले की बात है, जब मैं अपने बच्चे के साथ घर में सोई थी। तभी चचेरे भाई ने घर को जला दिया। किसी तरह अपने और बेटे की जान बचाई। घर जलने बाबूजी हताश हो गए। कुछ दिन बाद उन्होंने मुझे साथ रखने से इंकार किया, गांव छोड़कर जाने को कह दिया। इसके बाद से वह हताश होकर भटक रही थी।

दो महीने पहले पति चल बसा, मायके आकर रहने लगी, तो चचेरे भाई ने घर जला दिया, बाबूजी ने भी साथ नहीं रखा और कहा- चली जा गांव छोड़कर

सखी सेंटर की देखरेख में है गर्भवती महिला व 5 साल का बेटा

भटकते हुए पोंडी पहुंची तो तरस खाकर एक किराना व्यवसायी ने दिया काम

गांव छोड़ने के बाद पीड़ित महिला 8 महीने का गर्भ और 5 साल के बेटे को लेकर पोंडी चली आई। बच्चे को खिलाने के लिए पैसे नहीं थे, तो काम ढूंढने लगी। तभी सप्ताहभर पहले एक किराना व्यवसायी ने तरस खाकर उसे काम दिया। महिला की हालत देखकर दुकानदार उसे गांव लौटने को कहता। नहीं मानी, तो दुकानदार ने पोंडी पुलिस की मदद ली। इसके बाद घने अंधकार के पश्चात उसे उजाले की किरण नजर आई है।

कवर्धा.अपने 5 साल के बेटे के साथ गर्भवती महिला।

महिला को अब वापस घर भेजना उचित नहीं

गर्भवती महिला को पुलिस कवर्धा स्थिति सखी सेंटर ले आई। यहां काउंसिलिंग के दौरान उसने अापबीती सुनाई, तो सखी स्टाफ उसकी मदद को तैयार हो गए। शुरुआती जांच में पुलिस को लगा कि महिला को वापस घर भेजना उचित नहीं है। लिहाजा अब उसे नारी निकेतन रायपुर भेजने की तैयारी है।

महिला को नारी निकेतन भेज रहे हैं