--Advertisement--

10% टीडीएस कटा तो अायकर रिटर्न फाइल करना होगा

आयकर विभाग की नजरें अब लेडीज पर्स पर भी टिक गई है। गृहणियां घर बैठे किसी नेटवर्क कंपनी का सामान बेची हों तो, लोगों...

Danik Bhaskar | Jul 13, 2018, 02:50 AM IST
आयकर विभाग की नजरें अब लेडीज पर्स पर भी टिक गई है। गृहणियां घर बैठे किसी नेटवर्क कंपनी का सामान बेची हों तो, लोगों से डाकघरों में निवेश कराया हो या फिर म्युच्युल फंड में निवेश कराके सालभर में 5 हजार से अधिक का कमीशन लिया हो और इसमें से 10 फीसदी राशि टीडीएस के रूप में कटी हो तो उन्हें इस साल आयकर रिटर्न फाइल जमा करना होगा।

ऐसा नहीं करने पर उन्हें विभागीय नोटिस का सामना करना भी पड़ सकता है।

इसके दायरे में और कौन-कौन आएंगे: नए नियम के अनुसार एलआईसी को छोड़कर महिलाएं किसी भी अन्य कंपनियों का काम घर बैठे कर रही हों और उससे उन्हें सालभर में 5 हजार रुपए या इससे अधिक आय हो रही हो तो कमिशन की दस फीसदी राशि टीडीएस के रूप में कटेगी। इसे वापस लेने के लिए महिलाओं को रिटर्न फाइल जमा करना होगा। रिटर्न फाइल जमा करने को लेकर आयकर विभाग सख्त रवैया अपना रहा है।

पति का सहयोग करते हुए सालभर में कमाए 5 हजार तो जमा करना होगा रिटर्न, नियम को लेकर सर्कुलर जारी

कवर्धा.आयकर विभाग के सर्कल में 1 हजार से अधिक लोग रिटर्न भरते हैं।

आमदनी-खर्चा और मुनाफा बताना होगा

नगर के सीए गोपाल अग्रवाल ने बताया कि गृहणियों को भी रिटर्न फाइल जमा करते समय आय के स्रोत, उससे हुई आमदनी, कुल खर्च और उससे कितना मुनाफा हुआ आदि की जानकारी देनी होगी। इसमें तारीखों का भी उल्लेख करना होगा। उसकी पुष्टि के लिए संबंधित संस्थाओं से मिली पावती भी जमा करनी होगी। नहीं तो नोटिस की संभावना है। उन्होंने बताया कि कवर्धा सर्कल अंतर्गत 1 हजार से अधिक लोग हर साल रिटर्न फाइल समेत अपने आयकर की जानकारी इनकम टैक्स विभाग को देते हैं।

वेबसाइट से लें जानकारी

आयकर विभाग ने रिटर्न फाइल जमा करने के नियमों में बदलाव किया है। सभी के अलग-अलग बिंदु है। इसके अनुसार ही रिटर्न फाइल जमा करना होगा। अधिक जानकारी के लिए या तो आप अपने आयकर सलाहकार से मिल सकते हैं या फिर चार्टर्ड अकाउंटेंट से। विभागीय वेबसाइट पर भी सर्च करें।

नहीं तो लगेगी पेनाल्टी

सरकार ने इस बार सभी लोगों के लिए 31 जुलाई तक रिटर्न फाइल जमा करना जरूरी किया है। इसके बाद फाइल जमा करने वालों से विलंब शुल्क लेंगे। 1 अगस्त से 31 दिसंबर तक 5 हजार और 1 जनवरी से 31 मार्च तक 10 हजार विलंब शुल्क लिया भी जाएगा।