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48 हजार से लगाई 60 स्ट्रीट लाइट, कुंडी फंसा हर माह 22 हजार रु. की बिजली चोरी

शहर के आउटर इलाकों में राेशनी के लिए 60 नई स्ट्रीट लाइटें लगाई गई है, जिस पर नगर पालिका ने करीब 48 हजार रुपए खर्च किया...

Danik Bhaskar | Jun 22, 2018, 02:50 AM IST
शहर के आउटर इलाकों में राेशनी के लिए 60 नई स्ट्रीट लाइटें लगाई गई है, जिस पर नगर पालिका ने करीब 48 हजार रुपए खर्च किया है। पार्षदों की डिमांड पर लगी ये स्ट्रीट लाइटें घरेलू लाइन में कुंडी फंसाकर अवैध तरीके से जलाई जा रही है। इससे बिजली कंपनी को जहां हर महीने 22 हजार रुपए की चपत लग रही है, वहीं ट्रिपिंग से लोग परेशान हैं।

भनक लगने पर बिजली कंपनी इन प्वाइंट्स को हटाकर लाइटों को जब्ती बनाने की तैयारी में है। उनकी इस कार्रवाई से आउटर इलाके फिर से अंधेरे में डूब जाएंगे। कंपनी अफसरों की मानें, तो कुंडी फंसाकर जलाई जा रही इन स्ट्रीट लाइट से हर महीने करीब 21,600 रुपए की बिजली अवैध रूप से खर्च हो रही है। इधर नगर पालिका के नुमाइंदे नियमानुसार डिमांड राशि जमा कराकर स्ट्रीट लाइटों की व्यवस्था नहीं कर पा रहे हैं।शंकर नगर वार्ड- 8 में एसपी ऑफिस के सामने, मां कर्मा वार्ड- 24 में राजदीप कॉलोनी और ठाकुर देव वार्ड- 25 में रायपुर रोड, घोठिया रोड व जुनवानी रोड में लगी स्ट्रीट लाइटें अवैध कनेक्शन से जल रही है। जिन वार्डों के आउटर क्षेत्र में ये स्ट्रीट लाइटें लगी है और अवैध कनेक्शन से जल रही है, उन सभी में भाजपा के निर्वाचित पार्षद हैं। इन्हीं की तरफ से स्ट्रीट लाइटें लगवाने के लिए प्रस्ताव आया था।

डायरेक्ट कनेक्शन से दिन भी जलती है स्ट्रीट लाइट

बिजली पोल पर घरेलू लाइन में कुंडी फंसाई गई है। स्विच लगा नहीं है, जिसके चलते ये स्ट्रीट लाइटें दिन में भी जलती रहती है। इससे हर महीने 2160 यूनिट बिजली व्यर्थ में खर्च हो रही है। इसका खामियाजा आम लोगों को ट्रिपिंग के रूप में भुगतना पड़ रहा है। दरअसल ये स्थिति नगर पालिका और बिजली कंपनी के बीच समन्वय नहीं होने से बनी है।

वो सबकुछ, जो आपको जानना जरूरी है..

पांच हजार स्ट्रीट पोल पर लगाए जा रहे 110 वॉट के एलईडी: शहर में 5,072 स्ट्रीट लाइटें हैं, जिनमें 85 वॉट के सीएफएल बल्ब लगे थे। इन बल्बों से रोशनी कम आ रही थी, इसलिए अब इनकी जगह पर 110 वाट के एलईडी बल्ब लगाए जा रहे हैं। इसके अलावा चौराहों पर लगी पुरानी लाइटों को भी बदला जा रहा है। अभी तक 70 फीसदी लाइटें बदली जा चुकी है। पांच हजार पोल पर 110 वॉट के बल्ब लगा रहे हैं।

अवैध रूप से संचालित सभी स्ट्रीट बल्ब 18 अौर 35 वॉट के

आउटर में जितनी भी स्ट्रीट लाइटें लगी है, वह 18 और 35 वॉट के हैं, जो 24 घंटे जलती रहती है। जानकारों की मानें, 24 घंटे जलने वाली इन बल्बों से एक महीने में 2160 यूनिट बिजली खपत हाे रही है। 10 रुपए प्रति यूनिट के हिसाब से महीने में 21,600 रुपए की बिजली व्यर्थ ही खर्च हो रही है, जो कि 1 हजार परिवारों का वास्तविक खपत है।

आउटर के कॉलोनियों में पोल विस्तार के लिए 11 लाख रुपए मंजूर:

शहर के आउटर कॉलाेनियों में पोल विस्तार व रोशनी के लिए लाइटें लगाई जाएगी। बिजली कंपनी के अफसरों की मानें, तो मजगांव से लगे सैगाना रोड और भाेरमदेव रोड पर समनापुर में स्ट्रीट लाइटें लगेगी। इसके लिए 11 लाख रुपए की स्वीकृति मिल चुकी है। अब पाेल लगाने व लाइन खींचने का काम भी शुरू हो चुका है।

क्या कहते हैं पार्षद



सीधी बात

सुनील अग्रहरि, सीएमओ, नपा कवर्धा

गलती हुई है कनेक्शन को वैध कराने के लिए प्रस्ताव तैयार किया जा रहा है


-हां, गलती हुई है। कनेक्शन को वैध कराने प्रस्ताव तैयार की जा रही है।


-दबाव नहीं था। वे तो प्रस्ताव लेकर आए थे। चूंकि जनहित से जुड़ा प्रस्ताव था, इसलिए लगा दी।


-ऐसा नहीं होगा, हम कंपनी अफसरों से चर्चा कर हल निकालेंगे।

जब्ती बनाने कार्रवाई की जाएगी