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काढ़ा पीकर स्वस्थ हुए महाप्रभु, आज रथयात्रा

लगभग पखवाड़े भर से अस्वस्थ महाप्रभु जगन्नाथ स्वस्थ हो चुके हैं। अब वे भक्तों को दर्शन देने के लिए रथ द्वितीया के...

Bhaskar News Network | Last Modified - Jul 14, 2018, 02:50 AM IST

लगभग पखवाड़े भर से अस्वस्थ महाप्रभु जगन्नाथ स्वस्थ हो चुके हैं। अब वे भक्तों को दर्शन देने के लिए रथ द्वितीया के अवसर पर बड़े भाई बलभद्र व बहन सुभद्रा के साथ नगर भ्रमण करेंगे। शनिवार को दोपहर 3 बजे रथ यात्रा की शुरुआत होगी। शहर के करपात्री पार्क स्थित प्राचीन जगन्नाथ मंदिर से यह रस्म निभाई जाएगी।

महाप्रभु जगन्नाथ स्वस्थ होने के बाद भाई बलभद्र व बहन सुभद्रा के साथ रथ में सवार होकर अपनी मौसी के घर जाएंगे। भगवान जगन्नाथ को स्वस्थ करने के लिए पखवाड़े भर से काढ़ा पिलाया जा रहा था। शुक्रवार को वे स्वस्थ हो गए और शनिवार को अपने रथ में सवार होकर नगर भ्रमण करेंगे। भगवान को मंदिर में ही स्वास्थ्य लाभ दिया जा रहा था। शनिवार को दोपहर 3 बजे नगर भ्रमण करते हुए वे मारुति वार्ड नंबर 15, देवांगन पारा में विश्राम करेंगे।

भजन मंडली साथ चलेगी, बंटेगा गजा-मूंग का प्रसाद

आषाढ़ शुक्ल पक्ष द्वितीय के अवसर पर भगवान जगन्नाथ, भगवान बलभद्र व माता सुभद्रा की प्रतिमाओं को वस्त्र-आभूषण से सजाकर नगर भ्रमण कराया जाएगा। इसके साथ ही विशेष पूजा-अर्चना भी होगी। इसके बाद शोभायात्रा निकाली जाएगी। इस अवसर पर पुलिस अधीक्षक डॉ. लाल उमेंद सिंह मौजूद रहेंगे। महाप्रभु का रथ श्रद्धालु रस्सी से खींचेंगे। यात्रा में भजन मंडली आगे चलेगी। इस दौरान रास्ते भर गजा-मूंग का प्रसाद भी वितरित होगा।

कैलाश नगर में भी रथ यात्रा का आयोजन : इधर, नगर के कैलाश नगर में भी रथ यात्रा का आयोजन होगा। ईश्वर दास वैष्णव ने बताया कि रथ यात्रा के अवसर पर मयारू सदन में छत्तीसगढ़ कृषक कल्याण परिषद के सदस्य अजीत चंद्रवंशी व जिला पंचायत सदस्य सुषमा चंद्रवंशी भगवान का प्रथम पूजन करेंगे। इसके बाद रथ को पूरे कैलाश नगर में भ्रमण कराया जाएगा। कैलाश नगर राम नगर में यात्रा का यह पांचवां वर्ष है।

देवशयनी एकादशी के दिन वापस आएंगे मंदिर

शहर के जगन्नाथ मंदिर से रथयात्रा शुरु होगी। इसके बाद महाप्रभु देवशयनी एकादशी तक देवांगन पारा में ही रहेंगे। इस दौरान मुकुन्द माधव कश्यप के निवास पर 14 जुलाई से लेकर 22 जुलाई तक श्रीमद् भागवत कथा का आयोजन भी होगा। साथ ही विभिन्न मंडलियों द्वारा भजन-कीर्तन के कार्यक्रम भी होंगे। प्रतिदिन सुबह 7 बजे व रात्रि 8 बजे भगवान की आरती का आयोजन होगा। 23 जुलाई को देवशयनी एकादशी के अवसर पर महाप्रभु दोबारा अपने मंदिर प्रस्थान करेंगे।

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