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जांच के लिए आएंगे आज अफसर, पूर्व सीएस और अकाउंटेंट ने मांगा समय

अप्रैल में जिला अस्पताल में भ्रष्टाचार का बड़ा मामला सामने आया था। आरोप था कि पूर्व सिविल सर्जन डॉ. आरके भुआर्य और...

Danik Bhaskar | Jun 01, 2018, 02:55 AM IST
अप्रैल में जिला अस्पताल में भ्रष्टाचार का बड़ा मामला सामने आया था। आरोप था कि पूर्व सिविल सर्जन डॉ. आरके भुआर्य और अकाउंटेंट दिनेश कुमार सोनी ने मिलकर 3.12 करोड़ का गबन किया है। ये घोटाले अस्पताल के जीवनदीप समिति व डीडीओ फंड में हुआ था।

मामले पर राज्य सरकार ने भी कड़ा रुख अपनाया है। इसे लेकर राज्य के स्वास्थ्य विभाग के संयुक्त संचालक शुक्रवार को अस्पताल के भ्रष्टाचार को लेकर जांच करेंगे। पूर्व सिविल सर्जन डॉ. आरके भुआर्य और अकाउंटेंट दिनेश कुमार सोनी को आज जिला अस्पताल में बुलाया गया है। तत्कालीन कलेक्टर नीरज कुमार बनसोड़ ने जिला अस्पताल में भ्रष्टाचार को लेकर जांच बैठाई थी। जांच कमेटी ने पाया था कि जिला अस्पताल के डीडीडी एकाउंट में करीब 2.61 करोड़ रुपए का हिसाब नही हैं। इसे लेकर कमेटी ने अकाउंटेंट पूर्व सिविल सर्जन को एक माह एंट्री करने समय दिया गया था। वहीं जीवनदीप समिति में करीब 51 लाख रुपए को वापस करने कमेटी ने प्रस्ताव किया था। वर्तमान में डीडीओ एकाउंट एंट्री करने को लेकर 1 माह की मियाद खत्म हो गया हैं। विभागीय अफसर के मुताबिक दोनों कर्मचारी फिर से समय की मांग रहे हैं, ताकि जीवनदीप समिति के अकाउंट में एंट्री की जा सके।

कवर्धा.अकाउंटेंट डीके सोनी का जांच समिति ने एक माह का समय दिया था।

जानिए पूरा मामला

अकाउंटेंट दिनेश कुमार सोनी को मई 2016 में निलंबित कर दिया गया था। टीम ने पाया कि अस्पताल के डीडीओ कार्यालय से 2,6100546 रुपए और जीवनदीप समिति के 51,10923 रुपए का हिसाब नहीं मिल सका। दोनों मामलों में जांच कमेटी ने गड़बड़ी को लेकर तत्कालीन सिविल सर्जन डॉ. भुआर्य व अकाउंटेंट दिनेश सोनी को दोषी पाया है।

पूर्व सीएस को बुलाया