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महिला को सांप ने डंसा, झाड़-फूंक में बिगड़ी हालत, अस्पताल में बची जान

सर्पदंश पीड़ित एक महिला को गुरुवार सुबह 6 बजे बदहवासी की हालत में जिला अस्पताल लाया गया, जहां डॉक्टरों की सूझबूझ से...

Danik Bhaskar | Jun 08, 2018, 02:55 AM IST
सर्पदंश पीड़ित एक महिला को गुरुवार सुबह 6 बजे बदहवासी की हालत में जिला अस्पताल लाया गया, जहां डॉक्टरों की सूझबूझ से उसकी जान बच गई। दरअसल महिला को पहले झाड़-फूंक कराने ले गए थे, जिसके चलते 5 घंटे देर से उसे अस्पताल लाने पर उसकी हालत नाजुक हो चुकी थी।

महिला कुमारी बाई सौरा ग्राम चिमरा की रहने वाली है। बुधवार रात को जमीन पर सोते वक्त उसके जांघ में कुछ काटने का अहसास हुआ तो वह हड़बड़ा कर उठी। देखा तो सांप रेंग रहा था। रात में ही परिजन उसे तुरंत अस्पताल पहुंचाने के बजाय झाड़-फूंक कराने ले गए। उसकी हालत बिगड़ने लगी। वह टीबी की मरीज भी थी। अगली सुबह 6 बजे जिला अस्पताल में डॉ. आदेश बागड़े ने उसका इलाज शुरू किया।

5 माह में 48 केस: 5 महीने में सर्पदंश के 48 केस आए हैं। पिछले साल 2017 केस आए थे, जिसमें 210 को बचा लिया गया, जबकि 7 की मौत हो गई। जिन प्रकरणों में मरीज की मौत हुई है वे अस्पताल में देर से आने के मामले थे।

कवर्धा. इलाज करते हुए डॉक्टर।

झाड़-फूंक न करवाएं

सीएमएचओ डॉ. अखिलेश त्रिपाठी ने बताया कि जहरीले सर्प की प्रजाति को दो भागों में बांटा गया है। एक वह जो नर्वस सिस्टम को ब्रेक करते हैं और दूसरा ब्लड सर्कुलेशन को प्रभावित कर मरीज की जान लेते हैं। करीब 85 फीसदी मामलों में सर्पदंश से गहरी नींद जैसा अनुभव होने लगता है।