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अनुबंध ईईसीएल से, उजाला का लेबल लगा बेचे ओसराम के बल्ब, बदले भी नहीं

उजाला स्कीम के जरिए कबीरधाम जिले में कंज्यूमर्स को असली के बजाय खराब व घटिया दर्जे के एलईडी बेचे गए हैं। गंभीर बात...

Bhaskar News Network | Last Modified - Jun 08, 2018, 02:55 AM IST

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    उजाला स्कीम के जरिए कबीरधाम जिले में कंज्यूमर्स को असली के बजाय खराब व घटिया दर्जे के एलईडी बेचे गए हैं। गंभीर बात ये हैं कि जिस एनर्जी इफिशिएंसी सर्विसेज लिमिटेड (ईईएसएल) से सरकार का अनुबंध है, उन्हीं के कर्मचारियों ने ऐसा किया है। मामला तब खुला, जब गुरुवार को डिवीजन ऑफिस में एक कंज्यूमर बल्ब को रिप्लेस करने पहुंचा।

    पड़ताल से सामने आया कि उजाला का लेबल लगा यह बल्ब ओसराम का है, जिसमें मेड इन इंडिया लिखा है। जबकि इंटरनेट पर सर्च करने से पता चलता है कि ये जर्मनी की कंपनी है। अब जब लोग खराब बल्ब बदलने के लिए आ रहे हैं, तो इस गड़बड़ी की परतें उधड़ने लगी हैं। इन बल्बों में जल्दी खराब होने की शिकायत मिल रही है। लोग इसे बदलने के लिए परेशान हो रहे हैं। क्योंकि शिकायत बढ़ने पर कर्मचारी काउंटर बंद कर चले गए हैं।

    सड़कों पर भी बिके थे सरकारी एलईडी

    कवर्धा.काउंटर के अलावा सड़कों पर भी बेचे गए थे सरकारी एलईडी।

    3 साल की वारंटी लेकिन डेढ़ साल में ही बदलने पड़े 40 हजार बल्ब

    स्कीम के लिए कबीरधाम जिले में 84,809 कंज्यूमर्स को 2,86717 एलईडी बांटे गए हैं। कवर्धा डिवीजन में 58,092 और पंडरिया डिवीजन में 26,717 एलईडी बांटे गए हैं। बेचे गए बल्ब के साथ 3 साल की रिप्लेसमेंट वारंटी थी। लेकिन पिछले डेढ़ साल में 40 हजार से ज्यादा बल्ब खराब होने से बदलने पड़े। आंकड़ें बताने के लिए काफी है कि बेचे गए अधिकांश बल्ब घटिया क्वालिटी के थे।

    खराब बल्बों को बदलने में त्रस्त हुए

    गुरुवार को डिवीजन ऑफिस पहुंचे ग्राम तारों के सुनील झारिया ने बताया कि वह खराब बल्ब को बदलने के लिए पिछले 16-17 दिन से बिजली दफ्तर के चक्कर काट रहा हैं, लेकिन काउंटर बंद है। इसलिए डिवीजन ऑफिस में अधिकारी से शिकायत करने आया था।

    सरकारी एलईडी बंटने पर भी 4 फीसदी बढ़ गई बिजली खपत

    सरकारी एलईडी बंटने पर बिजली खपत में 10 फीसदी कमी आने का दावा किया जा रहा था, लेकिन हुआ उलट। आंकड़ों की मानें, तो कवर्धा डिवीजन में बीते डेढ़ साल में 4 फीसदी तक खपत बढ़ गई है। 2017-18 में 23.50 करोड़ यूनिट यानि 112 करोड़ रुपए की बिजली बेची गई थी, जबकि उसके पूर्व के साल में यह डेढ़ करोड़ यूनिट कम था। मई महीने में ही 2.53 करोड़ यूनिट की बिजली खपत हुई है।

    खराब होने पर रिप्लेस करने लाए बल्ब दूसरी कंपनी के।

    सीधी बात

    वेदप्रकाश डिंडोरे,इंचार्ज,ईईएसएल कंपनी, रायपुर

    रिप्लेसमेंट के लिए बल्ब नहीं

    बांटे गए खराब बल्बों को बदलने जो काउंटर खोला था, उसे क्यों बंद कर दिया?

    - बल्ब का स्टॉक खत्म हो गया है। रिप्लेसमेंट करने के लिए और बल्ब नहीं है, इसलिए कुछेक जगहों पर काउंटर बंद है। जिसमें कवर्धा में शामिल है।

    ईईसीएल के साथ दूसरी कंपनी के भी बल्ब बेचे गए हैं, जो खराब हो रहे हैं?

    - उसके बारे में मुझे कोई जानकारी नहीं है। हमने सिर्फ उजाला लिखा हुआ बल्ब बेचा है।

    ..लेकिन लोग तो आपके काउंटर से खरीदने की बात कह रहे हैं?

    - बिल्कुल नहीं।

    खराब बल्बों की शिकायत लेकर उपभोक्ता आ रहे हैं

    खराब बल्बों की शिकायत लेकर लगातार कंज्यूमर्स आ रहे हैं। अनुबंधित कंपनी को बिजली ऑफिस में काउंटर खोलने जगह दिया गया था, लेकिन उसे बंद कर कर्मचारी चले गए हैं। इस संबंध में कंपनी अधिकारियों को अवगत कराया गया है। वीके महालय, ईई, कवर्धा डिवीजन

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