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तेज हवाओं से 140 खंभे गिरे, बिजली लाइन में फाॅल्ट, 42 गांवों में 72 घंटे से ब्लैक आउट

खराब मौसम और तेज हवाओं के चलने से कवर्धा डिवीजन में 140 बिजली के खंभे गिर गए हैं। बिडोरा डिस्ट्रीब्यूशन केंद्र में...

Dainik Bhaskar

Jun 09, 2018, 02:55 AM IST
तेज हवाओं से 140 खंभे गिरे, बिजली लाइन में फाॅल्ट, 42 गांवों में 72 घंटे से ब्लैक आउट
खराब मौसम और तेज हवाओं के चलने से कवर्धा डिवीजन में 140 बिजली के खंभे गिर गए हैं। बिडोरा डिस्ट्रीब्यूशन केंद्र में सर्वाधिक 82 पोल एकसाथ धराशायी हो गए । वहीं 33केवी लाइनों में फाॅल्ट के कारण करीब 42 गांवों में 72 घंटे से ब्लैक आउट की स्थिति बनी हुई है, जिसके चलते 16 हजार से ज्यादा लोग परेशान हैं।

डिवीजन के 9 पावर सब स्टेशन से जुड़े सभी फीडर प्रभावित हुए हैं। खासतौर पर बिडोरा, राजानवागांव, रवेली, पिपरिया और कवर्धा के ग्रामीण क्षेत्र में कई जगह खंभे टूटकर गिर चुके हैं। इन खंभों को पुन: खड़ा करने व लाइन शुरू करने में वक्त लग रहा है, क्योंकि कंपनी के पास मात्र 40 कर्मचारी हैं। इस काम में स्थानीय ग्रामीणों की भी मदद ली जा रही है।

1 हफ्ते रोकी थी सप्लाई, 3 लाख खर्च, फिर भी ये हाल : कंपनी ने मेंटेनेंस कराया था। 1 हफ्ते तक अलग- अलग फीडर को बंद कर बिजली सप्लाई रोकी गई। मेंटेनेंस पर 3 लाख खर्च किए गए। लाइनों में फाॅल्ट रुक नहीं रहे। खंभे गिर रहे हैं, जबकि मानसून आया नहीं है।

सुधार में होगी देर क्योंकि: कंपनी के मैदानी अमले में 40 कर्मचारी ही

कवर्धा.बिडोरा में तेज हवाओं से गिरे बिजली के खंभे। सुधार का काम शुरू नहीं।

मात्र 8 किलोमीटर प्रति घंटे से चली हवाएं झेल नहीं सकी 140 किलो के खंभे

बिजली कंपनी की मानें, तो ग्रामीण क्षेत्र में जितने भी खंभे गिरे हैं, वह सीमेंट के बने हैं। इन खंभों की क्षमता 140 किलो तक भार सहन करने की है, जबकि ये 8 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से चली हवाओं की झेल तक नहीं सह पाई। यानि स्पष्ट है कि या तो कंपनी ठेकेदारों ने खंभे ठीक ढंग से लगाए नहीं थे या फिर मेंटेनेंस में खानापूर्ति की गई थी।

खंभों व लाइन सुधारने में 9.80 लाख रुपए होंगे खर्च

घटिया काम: मानसून के पहले गिरे ठेकेदार के काम की निगरानी नहीं

गिरे खंभों काे दोबारा खड़ा करने और लाइन सुधारने में 9.80 लाख रुपए खर्च का अनुमान है। अफसरों की मानें, तो एक खंभे को सुधारने में करीब 7 हजार रुपए खर्च हाेते हैं। इस हिसाब से 140 खंभों पर साढ़े 9 लाख रुपए से ज्यादा खर्च आएगा। फिलहाल लाइनों को कब तक सुधारा जा सकेगा, ये ठीक- ठीक नहीं बता रहे हैं।

खंभे टूटने से उपस्वास्थ्य केंद्र की लाइन बंद, बिजली- पानी को तरसे लोग

इधर पंडरिया डिवीजन के कुई वितरण केंद्र से सप्लाई लाइन वाले खंभे टूट गए हैं, जिससे क्षेत्र के 11 गांवों में बिजली बंद है। नेऊर और बदना उपस्वास्थ्य केंद्र में मोटरपंप नहीं चलने से पानी की समस्या बढ़ गई है। क्षेत्र के नेऊर, अमनिया, अमलीटोला, बदना, कौआनार, घोघरा, कुशियारी, परसाटोला, महीडबरा, आमाटोला में 3 दिन से बिजली बंद है।

आगे क्या: सुधार कार्य में लगेंगे करीब 10 लाख समय-सीमा भी तय नहीं

चेतावनी- आंधी साथ बाैछारें

उत्तर पश्चिम राजस्थान से बिहार तक उत्तरी मध्यप्रदेश होते समुद्री तल से 1.5 किमी ऊंचाई तक द्रोणिका बनी है। उत्तर पश्चिम मध्यप्रदेश व आसपास 1.5 किमी और 2.1 किमी ऊंचाई के मध्य ऊपरी हवा का चक्रवाती घेरा बना है। मौसम विज्ञान ने चेतावनी दी है चक्रवाती घेरे से गरज- चमक के साथ बौछारें पड़ने की संभावना है।

जानिए, कहां- कितने खंभे क्षतिग्रस्त

वितरण केंद्र क्षतिग्रस्त खंभे

बिडोरा 82

राजानवागांव 27

रवेली 15

पिपरिया 08

कवर्धा ग्रामीण 05

कवर्धा शहरी 03

सीधी बात

वीके महालय, ईई, कवर्धा डिवीजन

लाइनों का मेंटेनेंस हुआ था


- तेज हवाएं चलने से लाइनों के बीच दबाव बढ़ता है, जिसे खंभे सहन नहीं कर पाए और गिर गए।


- मेंटेनेंस लाइनाें का हुआ था। खंभे तो पहले से लगे हुए हैं।


- खंभे गिरने, पेड़ों के गिरने और शाॅर्ट सर्किट से भी लाइन में फाॅल्ट आया है।


- लाइनों में सुधार काम चल रहा है। अमला कम होने से थोड़ा- बहुत वक्त लग सकता है।

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