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दीपदान से जन्मों के पाप खत्म होते हैं और भगवान खुश हाेकर देते हैं वरदान: पं. चंद्र

धर्म नगरी के प्राचीन देवालय सिद्धपीठ श्री खेड़ापति हनुमान मंदिर में आयोजित पुरुषोत्तम मास की कथा में शुक्रवार को...

Danik Bhaskar | Jun 09, 2018, 02:55 AM IST
धर्म नगरी के प्राचीन देवालय सिद्धपीठ श्री खेड़ापति हनुमान मंदिर में आयोजित पुरुषोत्तम मास की कथा में शुक्रवार को पं. चंद्रकिरण तिवारी ने पुरुषोत्तम मास का महत्व बताते हुए कहा कि इस महीने में दीपदान करने से जन्म जन्म का पाप समाप्त हो जाता है और भगवान खुश होकर वरदान देते हैं, जिससे सुख समृद्धि मिलती है। शनिवार को हनुमान मंदिर में सवा लाख बाती से सामूहिक दीपदान किया जाएगा।

पं. चंद्रकिरण ने कहा कि दीपदान से ही प्राचीन काल में एक मणि ग्रीव नामक दुष्ट और चंडाल व्यक्ति अगले जन्म में राजा चित्रबाहु बन गया और अपने जीवन में राजपाट का सुख पाया। राजा के मन मेंं अक्सर विचार आता कि वह राजा कैसे बना। एक बार महल में मुनि वशिष्ठ आए और पूछने पर बताया कि तुम पिछले जन्म में राजा नहीं दुष्ट मणि ग्रीव थे। उन्होंने पूरी कथा सुनाई। महाराज ने बताया कि पुरुषोत्तम मास में दीपदान से सारे दुख दूर होते हैं। कथा के दौरान अभी पुरुषोत्तम मास है।

इस दौरान दीपदान करने से तुम्हारा दुख दूर हो जाएगा। उसने जंगल में रहते हुए बड़ी कठिनाई से दीपदान की व्यवस्था की और दीपदान करने लगे। पूरा जीवन बीतने के बाद उसका पुनर्जन्म हुआ और वह राजा चित्रबाहु बनकर राजपाट का सुख पाया।

पं. चंद्रकिरण

कवर्धा.प्रवचन सुनने जुटी महिलाएं। आज सवा लाख बाती से करेंगी दीपदान ।