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जिले में लगातार बढ़ रहा बाल अपराध का ग्राफ, पांच महीने के अंदर 42 प्रकरणों में दर्ज हुई एफआईआर

जिले के नाबालिग बच्चों की सुरक्षा लेकर पुलिस व महिला एवं बाल विकास विभाग ध्यान नहीं दे रहा है। जिले में बाल अपराध...

Danik Bhaskar | Jun 12, 2018, 02:55 AM IST
जिले के नाबालिग बच्चों की सुरक्षा लेकर पुलिस व महिला एवं बाल विकास विभाग ध्यान नहीं दे रहा है। जिले में बाल अपराध संबंधित घटना हर साल बढ़ती जा रही है।

आंकड़ों के अनुसार पिछले 3 साल में जिले से करीब 350 से अधिक बाल अपराध संबंधित घटनाएं सामने आ चुकी है। वहीं दो दिनों में जिले में 10 वर्षीय बालक के गुप्तांग को दांत से काटने व नाबालिग बच्ची को शादी की झासा देकर अपहरण करने का मामला आ चुका है। बढ़ती घटनाओं को लेकर न तो पुलिस विभाग ध्यान दे रहा हैं और न ही महिला एवं बाल विकास विभाग।

आकड़ों पर एक नजर

वर्ष बाल अपराध के आंकड़े

2015 125

2016 132

2017 117

2018 (मई तक) 42

शिविर आयोजित नहीं कर सका विभाग

बाल अपराध संबंधित घटनाएं केवल जागरुकता से रोका जा सकता हैं। इसे लेकर शासन ने पुलिस व महिला एवं बाल विकास विभाग को जिम्मेदारी दी हैं। इन विभागों द्वारा शिविर के माध्यम से गुड-टच व बैड-टच को लेकर जानकारी दी जानी थी। लेेिकन दोनो विभागों द्वारा अभी तक एक भी शिविर का आयोजन नहीं किया जा सका हैं।

सेल्फडिफेंस के लिए बच्चों को कराते का प्रशिक्षण दिया जा रहा है।

अपराध में नाबालिग भी शामिल

ऐसा नही कि बाल अपराध की घटना व्यस्क व्यक्ति ही कर रहा हैं। बल्कि नाबालिग द्वारा भी अपराध की घटना में शामिल हो रहे हैं। पिछले 3 वर्षो में 107 ऐसे मामले सामने आए हैं, जिनमे अारोपी नाबालिग हैं। एसपी कार्यालय से प्राप्त जानकारी अनूसार इन अपराधों में नाबालिग द्वारा हत्या से लेकर दुष्कर्म की कोशिश किए जाने का मामला शामिल है।

दिए गए हैं निर्देश