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180 रुपए प्रति क्विं. में खरीदकर 305 रुपए में कारखाने को बेचा

भाेरमदेव सहकारी शकर कारखाना राम्हेपुर में गन्ना आपूर्ति पर्ची के नाम पर बड़ी धांधली हुई है। धांधली में बोर्ड ऑफ...

Danik Bhaskar | Jul 05, 2018, 02:55 AM IST
भाेरमदेव सहकारी शकर कारखाना राम्हेपुर में गन्ना आपूर्ति पर्ची के नाम पर बड़ी धांधली हुई है। धांधली में बोर्ड ऑफ डायरेक्टर के अध्यक्ष, उपाध्यक्ष व कुछेक मेंबर की संलिप्तला सामने आई है। कूटनीति से 180 रुपए क्विंटल में किसानों से गन्ना खरीदकर इसे कारखाने को 350 रुपए में बेचा है।

इसी सिलसिले में बुधवार को भारतीय किसान संघ के प्रतिनिधियाें ने कलेक्टर अवनीश कुमार शरण से मुलाकात की। बताया कि धांधली में शामिल बोर्ड ऑफ डायरेक्टर्स ने किसानों का हक मार के 5 करोड़ रुपए का लाभ कमाया है। कारखाने में गन्नाें का समर्थन मूल्य 305 रुपए प्रति क्विंटल तय है। जबकि बोर्ड ने किसानों से 180 रुपए प्रति क्विंटल में खरीदकर कारखाने को 305 रुपए में बेचा है। यह खेल 4 हजार पर्ची में खेला गया। यानि प्रति पर्ची 125 रुपए के हिसाब से बोर्ड ऑफ डायरेक्टर्स ने 4 हजार पर्ची में 5 करोड़ रुपए की बेजा कमाई की है।

गन्ना किसानों को 5 करोड़ रु. की चपत लगाई, कलेक्टर बोले: जांच चल रही..

कवर्धा.भारतीय किसान संघ के प्रतिनिधियाें ने कलेक्टर से मुलाकात की।

25 मार्च से 20 अप्रैल के बीच नियमविरुद्ध पर्ची

किसान संघ का कहना है कि पेराई सीजन के 25 मार्च से लेकर 20 अप्रैल तक शकर काराखाना बोर्ड ऑफ डायरेक्टर्स के चंगुल में रहा है। ऑपरेटर से मिलीभगत कर नियम विरुद्ध पर्ची निकलवाकर बेचा। इस बीच जिन किसानों को नियम से पर्ची मिला था, उन्हें गन्ना कटाई के बावजूद 20 से 25 दिन तक कारखाने में इसे बेचने के लिए इंतजार करना पड़ा।

15 दिन के भीतर दोषी संचालकों को बर्खास्त करो

किसान संघ ने 20 जुलाई तक यानि 15 दिन के भीतर दोषी संचालकों को बर्खास्त करने और उनके खिलाफ एफआईआर कराने मांग की है। ऐसा नहीं होने पर आंदोलन की चेतावनी दी गई है। इधर कलेक्टर शरण ने आश्वस्त किया है कि मामले की जांच अभी चल रही है। जो भी मामले में दोषी होंगे, उन पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी।

ऑपरेटर्स के दिए बयान में फंसे अध्यक्ष भेलीराम

धांधली की जांच अपर कलेक्टर पीएस ध्रुव कर रहे हैं। कुछ दिन पहले ही उन्होंने कारखाने के गन्ना पर्ची निकालने वाले कंप्यूटर आॅपरेटर मुकेश चंद्रवंशी, महेश चंद्रवंशी, मयंक यादव और आशीष तिवारी का बयान लिया। बयान में उन्होंने बोर्ड आॅफ डायरेक्टर्स के अध्यक्ष भेलीराम चंद्रवंशी, उपाध्यक्ष गणेश तिवारी समेत कुछेक मेंबर का नाम लिया है। जिन्होंने उनसे नियम विरुद्ध गन्ना आपूर्ति पर्ची निकलवाया था।

कारखाने को भी नुकसान