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गो शरण में सरकार सरकार अब यहीं से गो सेवा के सरकारी प्रकल्प की शुरुआत करेगी

भास्कर न्यूज | कवर्धा/बोड़ला कबीरधाम जिला मुख्यालय से लगभग 40 किलोमीटर दूर बोड़ला के पचराही में प्रदेश की पहली...

Dainik Bhaskar

Jul 09, 2018, 02:55 AM IST
गो शरण में सरकार 
 सरकार अब यहीं से गो सेवा के सरकारी प्रकल्प की शुरुआत करेगी
भास्कर न्यूज | कवर्धा/बोड़ला

कबीरधाम जिला मुख्यालय से लगभग 40 किलोमीटर दूर बोड़ला के पचराही में प्रदेश की पहली सरकारी गोशाला बनेगी, जहां एक हजार से ज्यादा गायों की सेवा होगी। यह वही पचराही है, जहां 10 साल पहले हुई खोदाई में करोड़ों साल पुराना जीवाश्म, सोने-चांदी के प्राचीन सिक्के, महल और मंदिरों के अवशेष मिले थे।

सरकार अब यहीं से गो सेवा के सरकारी प्रकल्प की शुरुआत करेगी। प्रदेश के इस पहले सरकारी गोशाला के निर्माण के लिए मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह ने रविवार को पचराही में भूमिपूजन किया। उनके साथ कृषि मंत्री बृजमोहन अग्रवाल, सांसद अभिषेक सिंह, केन्द्रीय जीव जन्तु बोर्ड के सदस्य सुनील मानसिंह, गोसेवा आयोग के अध्यक्ष बिशेसर पटेल, विधायक मोतीराम चंद्रवंशी व अशोक साहू, संतोष पटेल, रामप्रताप सिंह आदि मौजूद थे। मुख्यमंत्री ने कहा कि यह स्थान हजारों साल से धर्म और पवित्र विचारों का स्थान रखा है। यहां मंदिर-देवालय व ऋषि-मुनि रहा करते थे। गोशाला के लिए इससे बेहतर जगह नहीं हो सकती।

जहां निकले सोने-चांदी के प्राचीन सिक्के, महल और मंदिर उसी पचराही में खुलेगी प्रदेश की पहली सरकारी गोशाला, इसी मॉडल पर पूरे प्रदेश में बनेंगी 40 गोशालाएं

बारिश के बीच प्रदेश के पहले गोशाला का मुख्यमंत्री व कृषि मंत्री ने किया भूमिपूजन

कवर्धा/बोड़ला.पचराही में प्रदेश की पहले सरकारी गोशाला के भूमिपूजन कार्यक्रम में मौजूद मुख्यमंत्री।

गोसेवकों की समिति करेगी संचालन

अब पचराही में सरकार जो गोशाला बनाने जा रही है, वह 24.5 एकड़ में बनेगी। इसे 2.14 करोड़ रुपए से बनाया जाएगा। इसमें एक हजार गायों को रखेंगे। ग्रामीणों व गोसेवकों की समिति बनाकर इसका संचालन किया जाएगा। इसे आदर्श गोशाला के रूप में विकसित करेंगे। यहां गायों की सेहत जांचने पशु चिकित्सकों की टीम भी काम करेगी। यह राज्य सरकार की गो पालन को लेकर पायलेट प्रोजेक्ट है, इसके सफल होने पर प्रदेश के 40 स्थानों पर गोशाला बनाने की योजना कृषि मंत्रालय व गो सेवा आयोग ने बना रखी है।

खाद और गोमूत्र से बनेगी औषधि

सड़क में घूमने वाली गायों को इस गोशाला में रखेंगे। यहां नस्ल सुधार के कार्यक्रम चलेंगे। गोबर से गोबर गैस निर्माण को लेकर योजना चलेगी। गोमूत्र से औषधि बनाई जाएगी। चारा विकास पर कृषि वैज्ञानिक काम करेंगे। प्रदेश के पहला पंचगव्य निर्माण प्रशिक्षण सेंटर भी बनाएंगे। हर साल एक हजार गो सेवकों का यहां प्रशिक्षण कराएंगे। गो पालन के जरिए किसानों के बीच जैविक खेती को बढ़ावा देने की दिशा में काम होगा। यहां जल्द वारबेड फेंसिंग होगा। सोलर सिस्टम से पॉवर सप्लाई होगा व सोलर पंप होगा।

पंजाब, राजस्थान में संचालित है

छत्तीसगढ़ सरकार पहली बार सरकारी गोशाला बनाने जा रही है, लेकिन देश के दूसरे राज्यों में पहले ही सरकारी गोशालाएं संचालित हैं। राजस्थान देश का इकलौता प्रदेश है, जहां गो कल्याण मंत्रालय हैै। पंजाब में भी सरकारी गोशालाएं चल रही हैं। मई महीने में हरियाणा सरकार ने प्रदेश के जेलों में सरकारी गोशाला बनाने अभियान की शुरुआत की है। करनाल जेल से इसकी शुरुआत हुई है। हरियाणा सरकार एक एकड़ जमीन में 100 गायों को रखने गोशाला बनाने वाले ग्राम पंचायतों को 5 लाख रुपए देगी। यूपी में योगी आदित्यनाथ की सरकार ने प्रत्येक गांव में गोशाला बनाने की योजना बनाई है।

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