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खाद में आधार से परेशानी, नहीं ले रहा थंब इंप्रेशन, धुलवा रहे हाथ

खाद के लिए आधार लिंक और बायोमेट्रिक्स दर्ज करने की अनिवार्यता ने किसानों की मुसीबत बढ़ा दी है। समितियों में पाइंट...

Bhaskar News Network | Last Modified - Jul 03, 2018, 02:55 AM IST

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    खाद के लिए आधार लिंक और बायोमेट्रिक्स दर्ज करने की अनिवार्यता ने किसानों की मुसीबत बढ़ा दी है। समितियों में पाइंट ऑफ सेल (पीओएस) मशीन किसानों के धूल भरे हाथों का थंब इंप्रेशन नहीं ले रहा है। मशीन में थंब इंप्रेशन के लिए किसानों के हाथ बार- बार धुलवाए जा रहे हैं। कहीं तो नेट कनेक्टिविटी नहीं होने से किसान खाद के लिए चक्कर काट रहे हैं।

    केंद्र सरकार ने खाद की सबसिडी के दुरुपयोग को रोकने के लिए ही आधार लिंक और बायोमेट्रिक्स की नई व्यवस्था शुरू की है। इसके तहत जिले के सभी 60 सेवा सहकारी समितियों में पीओएस मशीन उपलब्ध कराई गई है। लेकिन अब यही सिस्टम किसानों के लिए मुसीबत बन गया है। लालपुर कला सेवा सहकारी साेसायटी के मशीन में थंब इंप्रेशन के लिए किसानों को हाथ धुलवाया जा रहा है। वहीं जिनके नाम पर आधार लिंक है, उन्हें ही सोसायटी में लेकर आने कहा जा रहा है। शहरी क्षेत्रों में तो हाईस्पीड वाई-फाई की वजह से स्थिति ठीक नहीं है, लेकिन बोड़ला और पंडरिया ब्लॉक के दूरस्थ अंचलों में हर दिन सर्वर और पाइंट ऑफ सेल को लेकर शिकायत सामने आ रही है।

    कवर्धा.लालपुर कला सोसायटी में ऊंगलियों को नहीं किया दर्ज, तो हाथ धोना पड़ा।

    जिनकी हाथों की लकीरें मिटी, उन्हें परेशानी अधिक

    लालपुर कला सोसायटी में खाद लेने आए 65 वर्षीय किसान खिलावन राम को बार-बार हाथ धोना पड़ा। क्योंकि उसके हाथों की लकीरें धुमिल पड़ गई थी। सोसायटियों में ऐसे कई बुजुर्ग किसान हैं, जिनके हाथों की ऊंगलियां घिस गई है। इसलिए पाइंट ऑफ सेल मशीन इसे दर्ज नहीं कर पा रही है। खाद के लिए उन्हें भटकना पड़ रहा है।

    खाद भंडारण की स्थिति पर एक नजर

    लक्ष्य उपलब्धता समितियों में पहुंचे किसानों को बांटे

    58,900 टन 30,255 टन 24,983 टन 19,930 टन

    यूं समझें, इसलिए धुलवा रहे हैं किसानों के हाथ

    लालपुर कला सोसायटी से जुड़े संचालक धर्मेन्द्र पाली का कहना है कि सोसायटी में अाने वाले किसानों के हाथों में धूल- मिट्‌टी लगी होती है। इस कारण मशीन हाथों के निशान दर्ज नहीं कर पाता। एक बार मशीन में गलत बायोमेट्रिक्स दर्ज होने के बाद दूसरे व्यक्ति का निशान लेने में परेशानी होती है। इसलिए किसानों को हाथ धोकर आने कहा जाता है।

    इस तरह बार-बार धुलवा रहे हाथ

    हड़ताल पर समिति प्रबंधन नहीं बंट पाया खाद-बीज

    इधर सोमवार को सभी 60 समितियों के प्रबंधक सोमवार को एकदिवसीय हड़ताल पर रायपुर चले गए हैं। मानदेय बढ़ाने विभिन्न मांगों को लेकर वे आंदोलन कर रहे हैं। सोमवार को समितियों में पहुंचे किसानों को खाद-बीज के लिए भटकना पड़ा। हड़ताल की जानकारी नहीं थी, इसलिए किसान दिनभर इंतजार करते दिखे।

    मैनुअल खाद देने को कहा

    खाद की कालाबाजारी को रोकने नई व्यवस्था शुरू की है। पीओएस मशीन में जिन किसानों की ऊंगलियों के निशान दर्ज नहीं हो पा रहे हैं, उन्हें मैनुअल खाद उपलब्ध कराने कहा है। ताकि उन्हें परेशानी न हों। नारायण जंघेल, नोडल अधिकारी, जिला सहकारी बैंक

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