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दर्री तालाब की सफाई में नपा की इंजीनियरिंग फेल

दर्री तालाब की सफाई में नगर पालिका की इंजीनियरिंग फेल हो गई है। क्योंकि 7 महीने में तालाब से 200 ट्राली में 800 टन कीचड़...

Danik Bhaskar | May 01, 2018, 03:05 AM IST
दर्री तालाब की सफाई में नगर पालिका की इंजीनियरिंग फेल हो गई है। क्योंकि 7 महीने में तालाब से 200 ट्राली में 800 टन कीचड़ निकाला जा चुका है। इस पर 4 लाख रुपए खर्च हो चुके हैं, लेकिन 10 फीसदी काम पूरा नहीं हो पाया है। अब पीडब्ल्यूडी और आरईएस विभाग से मदद ली जा रही है।

तालाब की सफाई में सबसे बड़ी रुकावट सीपेज की है। दर्री तालाब से लगा हुआ खाल्हे और काली तालाब है। इन दोनों तालाबों से सीपेज के जरिए दर्री तालाब में पानी आ रही है, जिससे इस तालाब में 3 फीट तक कीचड़ जमा हो गया है। कीचड़ से सफाई के लिए उतने जेसीबी फंस रहे हैं। इधर तालाब की सफाई के लिए सीपेज के पानी को टुल्लू पंप लगाकर बाहर निकाला जा रहा है। इसके लिए 10 मजदूर भी रखे हैं। नपा इंजीनियर के सारी कोशिशों के बावजूद सीपेज बंद नहीं हो रही, इसलिए अब पीडब्ल्यूडी और आरईएस के इंजीनियर्स इस काम में उनकी मदद करेंगे।

19 लाख रुपए स्वीकृत: सौंदर्यीकरण का काम शुरु करने के लिए सितंबर 2017 में नगर पालिका को 19 लाख रुपए स्वीकृत हुआ है। सफाई के साथ तालाब किनारे बाउंड्रीवॉल निर्माण कराया जा रहा है।

सीपेज बना समस्या

अब पीडब्ल्यूडी, आरईएस विभाग की मदद से करेंगे तालाब की सफाई, 99 लाख रुपए से होंगे सौंदर्यीकरण के काम

कवर्धा. दर्री तालाब में जेसीबी उतारकर निकाला जा रहा कीचड़।

तालाब के चारों ओर पाथवे का निर्माण किया जाएगा

दर्री तालाब 2 एकड़ क्षेत्रफल में फैला है। बताया गया है कि सफाई के बाद तालाब का गहरीकरण होगा। फिर आसपास 4 एकड़ क्षेत्रफल में 99 लाख रुपए से सौंदर्यीकरण के विभिन्न काम किए जाएंगे। तालाब के चारों ओर पाथवे बनेगी, फाउंटेन, ओपन जिम, ड्रेसिंग रूम और लाइटिंग की व्यवस्था की जाएगी। ताकि यहां लोग फैमिली के साथ सैर- सपाटे का लुत्फ उठा सके।

सीपेज होने से जेसीबी धंस रही है, इसलिए हो रही देर


तालाब किनारे बने अवैध मकान गत वर्ष ताेड़े थे

दशकों पुराना ये तालाब आसपास सैकड़ों रहवासियों के निस्तारी का साधन हुआ करता था। नालियों का गंदा पानी मिलने से ये तालाब प्रदूषित होती गई। बनकचरे उग आए और अनुपयोगी हो गई। तालाब किनारे 16 से अधिक अवैध मकान बन गए थे, जिसे पिछले साल ही तोड़ा गया। दर्री तालाब के सौंदर्यीकरण से न सिर्फ इस बस्ती के, बल्कि शहरियों को सुविधा मिलेगी।