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102 व 108 कर्मचारियों की छह मांगें अधूरी, 10 तक नहीं मानी तो हड़ताल

कबीरधाम जिले में एक बार फिर सबसे जरूरी मेडिकल सेवा से जुड़े एंबुलेंस चालक व कर्मचारी हड़ताल पर जाने वाले हैं। वजह है...

Bhaskar News Network | Last Modified - Jul 04, 2018, 03:10 AM IST

कबीरधाम जिले में एक बार फिर सबसे जरूरी मेडिकल सेवा से जुड़े एंबुलेंस चालक व कर्मचारी हड़ताल पर जाने वाले हैं। वजह है कंपनी और सरकार ने पिछले डेढ़ साल से इन कर्मचारियों की छह मांगें नहीं मानी है। यदि ये कर्मचारी हड़ताल पर गए तो 10 जुलाई के बाद 102 सेवा की 11 व 108 सेवा की 6 गाड़ियां बंद हो जाएंगी। 70 कर्मचारी हड़ताल पर चले जाएंगे।

एंबुलेंस सेवा से जुड़े कर्मचारियों ने कलेक्टर, एसपी व मुख्य चिकित्सा व स्वास्थ्य अधिकारी के नाम पर इस संबंध में ज्ञापन सौंपा। उन्होंने बताया कि छत्तीसगढ़ शासन श्रम विभाग ने अप्रैल 2017 से न्यूनतम मजदूरी दर में वृद्धि किया है, लेकिन छत्तीसगढ़ के 108-102 कर्मचारियों को इसे नहीं दिया जा रहा है। समय पर वेतनमान भी नहीं दिया जाता है। इस विषय में कंपनी और कर्मचारियों के मध्य लंबे समय से चर्चा होती रही है। कंपनी ने तय न्यूनतम मजदूरी दर लागू करने का आश्वासन भी दिया था, लेकिन दिया नहीं गया। अब कमचारियों ने जल्द ही मांगें न मानने पर 10 जुलाई से क्रमिक आंदोलन की चेतावनी दे दी है।

स्वास्थ्य संचालक ने पुनर्निविदा का दिया था आश्वासन, अब तक अधूरा: कर्मचारियों ने बताया कि उन्होंने इस संबंध में स्वास्थ्य विभाग के उच्च अधिकारियों को कई बार अवगत कराया, लेकिन उचित समाधान न हो सका। अक्टूबर 2017 में धरना-प्रदर्शन भी किया गया। 1 जनवरी 2018 को एक दिवसीय सामूहिक अवकाश भी लिया गया। इस दौरान उच्च अधिकारियों से चर्चा भी हुई। स्वास्थ्य संचालक रानू साहू ने पुनर्निविदा कर समाधान करने का आश्वासन दिया। व पुनर्निविदा की प्रक्रिया 15 दिनों में किए जाने के लिए कहा गया था।

संजीवनी व महतारी पर संकट

न तनख्वाह बढ़ी न पिछले दो महीनों से मिली

5 अप्रैल से 11 अप्रैल तक छह सूत्रीय मांग को लेकर अनिश्चितकालीन हड़ताल की गई। जीवीके कंपनी ने 5 प्रतिशत की वृद्धि करने का आश्वासन दिया व इसके 1 जनवरी 2018 से प्रभावी होने की जानकारी भी दी लेकिन यह भी आश्वासन ही निकला। पुनर्निविदा की प्रक्रिया भी अब तक पूरी नहीं की जा सकी है। स्थिति यह है की दो महीने से तनख्वाह तक नहीं मिली है।

हड़ताल हुई तो यह असर

मरीजों को तत्काल अस्पताल पहुंचाने के साथ ही प्राथमिक चिकित्सा सुविधा देने के मामले में 108 व 102 एंबुलेंस गाड़ियों की भूमिका है। वर्तमान में 6 संजीवनी व 11 महतारी एक्सप्रेस गाड़ियां चल रही हैं। यदि 108-102 कर्मचारियों ने हड़ताल की तो ये सभी एंबुलेंस बंद हो जाएंगे, जिससे आम लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ेगा। साथ ही इमरजेंसी सेवाओं के साथ मरीजों को इलाज की तत्काल सुविधा नहीं मिल सकेगी।

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