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खुली पोल, 25 क्विंटल से ज्यादा शकर भीगी

बारिश ने पंडरिया के सरदार वल्लभ भाई पटेल शुगर फैक्ट्री के प्रबंधन की पोल खोल दी है। जहां शकर बनकर बाहर आती है, उस...

Danik Bhaskar | Jul 02, 2018, 04:10 AM IST
बारिश ने पंडरिया के सरदार वल्लभ भाई पटेल शुगर फैक्ट्री के प्रबंधन की पोल खोल दी है। जहां शकर बनकर बाहर आती है, उस हिस्से में बोरियों में भरकर रखे गए 25 से 30 क्विंटल तक शकर के पानी में भीगने की खबर है। इतना ही नहीं शकर बनने की प्रक्रिया में बनने वाली ब्राउन शुगर के भी बड़ी मात्रा में खराब होने की जानकारी सामने आई है। हालांकि, प्रबंधन इससे इनकार कर रहा है। कारखाना शुगर पैकिंग के हिस्से में पानी भरा हुआ है।

इस पेराई सीजन में सरदार पटेल शुगर फैक्ट्री ने 32 लाख क्विंटल से गन्ना पेरा था। इससे 2.80 लाख क्विंटल से ज्यादा शकर का उत्पादन भी हुआ था। लेकिन नई शुगर फैक्ट्री के पास गोदाम न होने के कारण बड़ी मात्रा में शकर भोरमदेव शकर फैक्ट्री को भेजा गया, ताकि शकर सुरक्षित रखा जा सके। 2 लाख क्विंटल शकर तो पंडरिया फैक्ट्री के गोदाम में आ गई, लेकिन 50 हजार क्विंटल से ज्यादा शकर पुराने कारखाने में भेज दिया गया।

मोलासिस टैंक भी नहीं, औने-पौने दाम पर बेच रहे: बताया जाता है कि नए कारखाने में मोलासिस टैंक नहीं होने से जमीन में तालाब के सामान 2 गड्ढे बनाकर धूल मिट्टी सहित इसे भरकर रखा गया है, जिसे औने-पौने दाम में भी बेचा गया है।

टरबाइन मामले में जांच अब भी जारी: नए कारखाना के पावर प्लांट के खराब टरबाइन के मामले में प्रशासन की जांच अब भी चल ही रही है। यह टरबाइन 4 महीनों से खराब है, जिसके कारण प्लांट बंद है। ऐसे में कारखाना को हर दिन 10 लाख रुपए का नुकसान हो रहा है। इसे लेकर अब तक प्रबंधन ने न तो कारखाना बनाने वाली कंपनी पर व न ही टरबाइन सप्लाई करने वाली कंपनी पर जिम्मेदारी तक की है।

दी आंदोलन की चेतावनी: जोगी कांग्रेस के सदस्य रवि चन्द्रवंशी ने बताया कि इस सरकार ने मांग की है कि यदि जल्द से जल्द नए कारखाने की व्यवस्था नहीं सुधरती है, तो आंदोलन किया जाएगा।

कवर्धा. इस तरह से कारखाने के भीतर पानी भरा हुआ है।

पुराने कारखाने में भेजा