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एक्शन में एसपी कप्तान की कार्रवाई से महकमे में खलबली

चोरी के कई मामले में क्राइम ब्रांच के हाथ से लगातार आरोपी छिटकते जा रहे हैं। इस बात से नाराज एसपी डॉ. लाल उमेंद सिंह...

Danik Bhaskar | Jul 12, 2018, 05:45 AM IST
चोरी के कई मामले में क्राइम ब्रांच के हाथ से लगातार आरोपी छिटकते जा रहे हैं। इस बात से नाराज एसपी डॉ. लाल उमेंद सिंह ने एक्शन मूड में आते हुए बुधवार को क्राइम ब्रांच को ही भंग कर दिया।

साथ ही टीम के 2 एसआई समेत 12 पुलिसकर्मियों को लाइन हाजिर करने के आदेश दिए हैं। कबीरधाम जिला के पुलिस विभाग इतिहास में ऐसा पहली बार हुआ है, जब क्राइम ब्रांच को भंग किया गया। इस कार्रवाई से महकमे में खलबली मच गई है। क्राइम ब्रांच की टीम ने भले ही कुछ मामलों में बेहतर काम कर वाहवाही बंटोरी है, लेकिन पिछले 2- 3 महीने से टीम की कार्यप्रणाली पर लगातार सवाल उठ रहे हैं। एसपी की मानें, तो फिलहाल नई टीम नहीं बनाई जाएगी। इस बल का दूसरी जगह पर उपयोग करेंगे, जहां इसकी जरूरत है।

चोरी के मामलों में लगातार हाथ से छिटकते अपराधी, नाराज एसपी ने किया क्राइम ब्रांच को भंग, दो एसआई समेत 12 पुलिसकर्मी लाइन हाजिर

इन 12 को किया लाइन हाजिर

एसपी ने जिन 12 पुलिसकर्मियों को लाइन हाजिर किया है, उनमें उपनिरीक्षक विनोद जाटवर, उपनिरीक्षक सचिन गुमास्ता, सहायक उपनिरीक्षक शिवसेवक वर्मा, आरक्षक देवनारायण चंद्रवंशी, गज्जू सिंह राजपूत, अभिषेक दुबे, प्रमेन्द्र चंदेल, अनिल चंद्रवंशी, खेलनराम पाटले, शंकर यादव, दिलहरण मरकाम और चालक आरक्षक शेषनारायण सिन्हा शामिल हैं।

दो बड़े हाई प्रोफाइल केस, जिन्हें साल्व नहीं कर पाई क्राइम ब्रांच

केस 1. 5 जुलाई 2018 को जी- श्याम नगर कवर्धा में रहने वाले मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह के भतीजी दामाद के घर से 2.50 लाख रुपए के सोने-चांदी के गहने और कैश चाेरी हुई। क्राइम ब्रांच काे चोरों की तलाश में लगाया था, जिसमें टीम नाकाम साबित हुई। सिर्फ 12 रूटीन चोरों को पकड़े थे, उनसे भी पूछताछ में कोई सुराग हासिल नहीं कर पाए।

केस 2. अक्टूबर 2017 को मुख्यमंत्री के गृहग्राम रामपुर (ठाठापुर) में संचालित केंद्रीय जिला सहकारी बैंक का ताला टूटा था। लॉकर तोड़ने की कोशिश की गई थी। क्राइम ब्रांच को आरोपी की तलाश में लगाए थे। सीसीटीवी फुटेज की जांच की गई, लेकिन आरोपी का अब तक कोई सुराग नहीं मिल पाया है।

नई टीम नहीं, बल दूसरी जगह प्रयोग करेंगे