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अपने परिवार को आंदोलन में शामिल होने से रोकने सुबह 4 बजे से जवानों ने दिया पहरा

साेमवार को नगर के न्यू व पुराने पुलिस लाइन में खुद पुलिसकर्मी अपने ही परिवाराें को रायपुर में आयोजित पुलिस धरना...

Dainik Bhaskar

Jun 26, 2018, 02:45 PM IST
अपने परिवार को आंदोलन में शामिल होने से रोकने सुबह 4 बजे से जवानों ने दिया पहरा
साेमवार को नगर के न्यू व पुराने पुलिस लाइन में खुद पुलिसकर्मी अपने ही परिवाराें को रायपुर में आयोजित पुलिस धरना में जाने से रोकने के लिए ड्यूटी करते दिखे। दोनों लाइन के मेन व पीछे गेट में पुलिस जवानों की ड्यूटीलगाई गई थी ताकि खुद के परिजन रायपुर के आंदोलन में शामिल न हो सके। पुलिसकर्मी की ड्यूटी दो दिनों से लगाई गई थी। वहीं पुलिस द्वारा सुबह 4 बजे से ही बस स्टैंड में जांच की गई। यह जांच सुबह 4 बजे से लेकर 12 बजे तक जारी रहा। साथ ही जिला पुलिस विभाग द्वारा अपने ही कर्मचारियों के ऊपर नजर लगातार नजर रखी जा रही थी।

इस पुलिस परिवार आंदोलन को लेकर विभाग संजीदा है। यही कारण है कि खुद के परिजन को आंदोलन में शामिल होने से राेकने के लिए पुलिसकर्मी दिखाई दिए। विभाग की ओर से पुराना व न्यू पुलिस लाइन में करीब 20 पुलिसकर्मी की ड्यूटी लगाई थी तो वहीं 10 की संख्या पुलिसकर्मी बस स्टैंड व बाहर पीसीआर वैन में गश्ती करते दिखे। पुरानी पुलिस लाइन में क्राइम ब्रांच के जवानों की ड्यूटी लगाई गई थी।

सुबह चार बजे से बस स्टैंड भी पहुंची पुलिस

कवर्धा.पुराना पुलिस लाइन में क्राइम ब्रांच के जवानों की ड्यूटी लगाई गई थी, पुरुष के साथ महिला जवानों की ड्यूटी भी लगी।

वेलफेयर के नाम पर किराना दुकान

इधर जिला पुलिसकर्मी की वेलफेयर को लेकर विभाग द्वारा कोतवाली थाना के पीछे 3 साल पहले किराना दुकान खोला गया है। इसमें 5 से 8 प्रतिशत की छूट में समान दिया जाता है। इसमें किसी भी 10 रुपए के साबुन में 50 पैसे की छुट दिया जाता हैं। लेकिन नगर के अन्य बड़े दुकानों में तो 10 से 12 प्रतिशत की छूट दिया जा रहा है। इस कारण इस दुकान में कम ही पुलिसकर्मी खरीदी करने पहुंचते हैं।

राज्य में मेडिकल के लिए मिलते हैं 200 जबकि अधिकतर राज्य 2000 रुपए दे रहे हैं

राज्य पाैष्टिक आहार भत्ता मेडिकल भत्ता मकान भत्ता धुलाई भत्ता साइकिल भत्ता

छत्तीसगढ़ 100 200 600 100 80

हरियाणा 3000 2000 3000 भत्ता बंद,वेतन बढ़ा 1000

मध्यप्रदेश 650 2000 1000 60 12

केरल 3000 2000 3000 भत्ता बंद,वेतन बढ़ा 1000

महाराष्ट्र 3000 2000 3000 भत्ता बंद,वेतन बढ़ा 1000

दूसरे राज्य सुविधाओं में छत्तीसगढ़ से आगे

कई राज्य हैं जहां की सरकारें वहां के पुलिस कर्मचारियों को बेहतर सुविधाएं व भत्ते दे रही हैं। इनमें केरल, हरियाणा और महाराष्ट्र सरकार सबसे बेहतर है। इसके अलावा नक्सल मोर्चे पर काम करने के लिए भत्ते का जो आधार सरकार ने बनाया है वह आक्रोश का कारण है। इसके अलावा पुलिस वाला शहीद होता है तो परिजनों को 1 करोड़ की सहायता दी जाती है जबकि राज्य में 50 लाख मिलते हैं।

एक ही जिले में काम लेकिन भत्ता अलग-अलग

छत्तीसगढ़ सरकार की ओर से पुलिस जवानों को दिया जाने वाला जोखिम भत्ता का वितरण भी अलग-अलग है। अभी छत्तीसगढ़ सरकार अति संवेदनशील नक्सल प्रभावित क्षेत्र में काम करने वाले जवानों को 50 प्रतिशत, संवेदनशील क्षेत्र में काम करने वाले को 30 और सामान्य क्षेत्र में काम करने वाले को 15 प्रतिशत अतिरिक्त भत्ता दे रही है।

सहमति पत्र भराए गए

एएसपी अनंत साहू ने बताया कि कर्मचारियों से आंदोलन में शामिल न हो, इसे लेकर सहमति पत्र भराए जा चुके हैं। साथ ही पुलिसकर्मी को समझाइश देने 4 बार बैठक आयोजित की जा चुकी है। अध्यक्षता खुद एसपी डॉ.लाल उमेंद सिंह कर चुके हैं।

सुबह से ही ड्यूटी लगाई थी आगे भी नजर रखेंगे


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