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राज्यपाल के आदेश पर समाज कल्याण विभाग के डायरेक्टर सहित 6 निलंबित

राज्यपाल के आदेश पर मुजफ्फरपुर मामले में टीआईएसएस सामाजिक लेखा रिपोर्ट पर देरी से कार्रवाई करने के चलते सामाजिक...

Bhaskar News Network | Last Modified - Aug 06, 2018, 02:55 AM IST

राज्यपाल के आदेश पर समाज कल्याण विभाग के डायरेक्टर सहित 6 निलंबित
राज्यपाल के आदेश पर मुजफ्फरपुर मामले में टीआईएसएस सामाजिक लेखा रिपोर्ट पर देरी से कार्रवाई करने के चलते सामाजिक कल्याण विभाग के सहायक निदेशक देवेश कुमार को निलंबित कर दिया है। साथ ही भोजपुर, मुंगेर, अररिया, मधुबनी और भागलपुर सामाजिक कल्याण विभाग के सहायक निदेशकों को भी सस्पेंड किया गया है।

उधर यौन उत्पीड़न कांड में खुलासा हुआ है कि सिविल सर्जन कार्यालय से बालिका गृह की बच्चियों के स्वास्थ्य जांच से संबंधी कोई दस्तावेज नहीं है। जबकि बालक गृह के बच्चों के स्वास्थ्य जांच संबंधी रिपोर्ट मौजूद है। स्वास्थ्य विभाग के अनुसार बालक और बालिका दोनों गृह में रहने वाले 18 साल से कम के लड़के व लड़कियों के स्वास्थ्य की जांच सप्ताह में दो बार सरकारी डॉक्टरों को करना था।

माना जा रहा है कि सीबीआई जांच शुरू होने के बाद बालिका गृह से संबंधित दस्तावेज को खत्म करने की कोशिश की जा रही है। इधर, सामाजिक सुरक्षा कोषांग विभाग के अधिकारी भी अब तक दावा करते रहे हैं कि सिविल सर्जन से लेकर डॉक्टर तक बालिका गृह में निरीक्षण के साथ ही स्वास्थ्य जांच के लिए जाते थे, लेकिन 2013 से लेकर 2018 तक में बालिका गृह में जांच के लिए गए सरकारी डॉक्टरों के नाम रिकॉर्ड से गायब हैं।

सिविल सर्जन से लेकर सरकारी डॉक्टर तक बालिका गृह पहुंचते थे। इसकी पुष्टि निरीक्षण के दौरान लड़कियां भी करती थीं। अब मामला उजागर होने के बाद 2013 से 2018 के बीच रहे सिविल सर्जन से लेकर उन डॉक्टरों की परेशानी बढ़ सकती है, जो बालिका गृह जाकर स्वास्थ्य जांच कर रहे थे।

नीतीश ने कहा- दोषियों को बख्शा नहीं जाएगा, मिलेगी कड़ी सजा

मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने रविवार को कहा है कि दोषियों को बख्शा नहीं जाएगा। हमने आज तक समझौता नहीं किया। लेकिन अगर फिर भी हमें गाली देने ही तो दीजिए। कैसे कैसे लोगों से गाली दिलवा रहे हैं। उन्होंने कहा, जरा सकारात्मक खबरों पर भी नजरें डालिए। अगर एक दो नकारात्मक घटना हो गई और उसी पर जोर दिया जा रहा है। लेकिन हमारा मकसद एकदम साफ है। जो गलत करेगा वो अंदर जाएगा। और उसको बचाने वाला भी नहीं बचेगा।

राज्यपाल ने दुष्कर्म मामले में नीतीश को लिखा पत्र

मुजफ्फरपुर के बालिका आश्रय गृह में बच्चियों के साथ हुए दुष्कर्म के मामले में राज्यपाल सत्यपाल मलिक ने मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को दो पत्र लिखे। साथ ही केंद्रीय कानून मंत्री रविशंकर प्रसाद और हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश को पत्र लिखा। राज्यपाल के पत्र के बाद पार्टी में यह चर्चा शुरू हो गई है कि यह सब सिर्फ राजभवन का किया धरा नहीं है। राज्यपाल सत्यपाल मलिक और नीतीश कुमार एक-दूसरे को दशकों से जानते हैं और जनता दल में करीब एक ही समय रहे हैं। हालांकि जब राज्यपाल ने पत्र लिखा तो यह चौंकाने वाला कदम जरूर था। एक जदयू नेता ने कहा, राजभवन को कलम उठाने पर मजबूर करने की पटकथा कहीं और लिखी गई है।

इसके पीछे बिहार भाजपा नहीं है। नीतीश कुमार कैबिनेट में मंत्री सुशील मोदी जैसे नेताओं का सहयोगात्मक रवैया रहा है। संभव है कि यह दिल्ली के भाजपा मुख्यालय में हुआ हो।

कागजातों के विश्लेषण के बाद होगा सीबीआई का मेगा एक्शन, हर पहलू टटोल रही जांच टीम

ब्रजेश को कैसे मिलता रहा बालिका गृह का ठेका, यह भी जांचेगी

पटना | मुजफ्फरपुर बालिका गृह कांड की जांच में लगी सीबीआई की टीम फिलहाल विभागीय व अन्य कागजातों का अध्ययन कर रही है। हर बिंदू का विश्लेषण किया जा रहा है। इसके निचोड़ के आधार पर आने वाले दिनों में जांच एजेंसी का मेगा एक्शन हो सकता है। इस क्रम में नए एफआईआर दर्ज होने के साथ ही आरोपियों का नया चेहरा भी सामने आ सकता है। इससे पूर्व पुलिस की जांच में बालिका गृह की लड़कियों के साथ हुए शारीरिक, मानसिक व यौन शोषण के मामले में संचालक ब्रजेश ठाकुर (संचालक व मुख्य कार्यकारी) समेत 11 आरोपियों की संलिप्तता पाई गई थी। पुलिस ने 10 आरोपियों को गिरफ्तार करके न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया था।

ब्रजेश ठाकुर को बालिका गृह या अन्य संस्थाओं के संचालन के लिए ठेका कैसे मिलते रहा? जांच टीम इस पहलू को भी खंगाल रही है। दरअसल मुजफ्फरपुर जिले में बालिका गृह के संचालन के लिए ब्रजेश की एनजीओ ‘सेवा संकल्प एवं विकास समिति’ के साथ 24 अक्टूबर 2013 को एग्रीमेंट किया गया था। इसके बाद गृह का संचालन नवंबर 2013 से किया जा रहा था। इस बीच ब्रजेश के हथियारों के लाइसेंस रद्द कर दिए गए हैं।

आरोपियों पर हो रही कार्रवाई, नीतीश नहीं देंगे इस्तीफा : जेडीयू

जेडीयू के वरिष्ठ नेता केसी त्यागी ने दो टूक कहा कि नीतीश कुमार ना तो इस्तीफा देंगे और ना ही इसका कोई औचित्य है। विपक्ष की तरफ से नकारात्मक राजनीति की जा रही है, जिसकी हम निंदा करते हैं। नेता विपक्ष तेजस्वी झूठ बोल रहे हैं। वह कह रहे हैं कि मुख्य आरोपी के खिलाफ नामजद एफआईआर नहीं है। यह झूठ है। ना सिर्फ आरोपी ब्रजेश ठाकुर के खिलाफ केस दर्ज है बल्कि वह जेल में भी है। पुलिस उससे लगातार पूछताछ कर रही है। त्यागी ने कहा कि बिहार में नीतीश सरकार की सख्ती के कारण शराब और बालू माफिया त्रस्त हैं। आरजेडी का हमेशा उन्हें समर्थन रहा है। ऐसे में उनके दबाव में आरजेडी नीतीश कुमार का इस्तीफा मांग रही है। माफिया चाहते हैं कि नीतीश जाएं ताकि उनकी मौज वापस आए। नीतीश सरकार किसी भी कीमत पर सूबे में अपराध, भ्रष्टाचार और सांप्रदायिकता से समझौता नहीं करेगी।

लड़कियों की स्वास्थ्य जांच संबंधी रिपोर्ट भी कार्यालय से गायब

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