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खड़गे: एससी-एसटी एक्ट पर अध्यादेश लाएं

Dainik Bhaskar

Aug 03, 2018, 02:55 AM IST
खड़गे: एससी-एसटी एक्ट पर अध्यादेश लाएं

भास्कर न्यूज | नई दिल्ली

आम चुनाव से 9 महीने पहले एससी-एसटी एक्ट पर राजनीति जारी है। गुरुवार को लोकसभा में एससी-एसटी एक्ट को लेकर भाजपा और कांग्रेस के बीच तीखी बहस हुई। लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने कहा कि हमने सरकार से सुप्रीम कोर्ट के फैसले को रोकने की अपील की थी। एससी-एसटी समुदाय के लोगों पर देश में हर 15 मिनट पर अत्याचार होता है। सरकार 6 अध्यादेश भी लेकर आई है, लेकिन इस मुद्दे पर कोई भी कदम नहीं उठाया गया। सरकार अध्यादेश लेकर क्यों नहीं आई। इससे पता चलता है कि सरकार इस मामले पर गंभीर नहीं है। सरकार कल ही बिल पेश करे, हम पारित कराने के लिए तैयार हैं।

सरकार की ओर से इस पर गृहमंत्री राजनाथ सिंह जवाब देने खड़े हुए। उन्होंने कहा कि शायद इन्हें जानकारी हो चुकी है कि मोदी कैबिनेट ने इस बिल को अप्रूव कर दिया है। सुप्रीम कोर्ट के आदेश के तत्काल बाद प्रधानमंत्री ने कहा था कि जरूरत पड़ी तो इससे भी कड़ा बिल लाएंगे। इस बिल को सरकार इसी सत्र में पास कराएगी।

एससी/एसटी एक्ट पर भाजपा और कांग्रेस आमने-सामने

लोकसभा की 250 सीटों पर एससी-एसटी वोटर निर्णायक

131 लोकसभा सीटें एससी-एसटी समुदाय के लिए आरक्षित हैं

देश में अनुसूचित जाति(एससी) के लिए 84 लोकसभा सीटें आरक्षित हैं। जबकि अनुसूचित जनजाति(एसटी) के लिए 47 सीटें रिजर्व हैं। 2019 चुनाव को देखते हुए सत्तापक्ष और विपक्ष इसके पक्ष में खड़े हैं। इसलिए सरकार लोकसभा चुनाव से करीब 9 महीने पहले एससी-एसटी एक्ट को लेकर लोकसभा में बिल भी पेश करने वाली है।

राजनाथ: इसी सत्र में पास कराएंगे बिल

जादूगर सांसद

टीडीपी सांसदों का गांधी के सामने प्रदर्शन

तेलगू देशम पार्टी के सांसदों ने गुरुवार को विशेष राज्य के दर्जे को लेकर संसद परिसर में महात्मा गांधी की मूर्ति के सामने प्रदर्शन किया। इस दौरान सांसद नारामल्ली शिवप्रसाद जादूगर की ड्रेस में पहुंचे थे। वह महिला, धोबी और छात्र भी बन चुके हैं।

देश में 30% एससी-एसटी वोटर, हर राज्य में निभाते हैं अहम भूमिका

देश में करीब 30% एससी और एसटी वोटर हैं। इनमें 20% एससी और 10% एसटी मतदाता हैं। ये करीब 250 लोकसभा सीटों पर अहम भूमिका निभाते हैं। इस साल के अंत में राजस्थान, मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ के विधानसभा चुनाव भी होने हैं। यहां भी इनकी आबादी अच्छी-खासी है। ऐसे में इस मुद्दे पर भाजपा-कांग्रेस सबसे ज्यादा मुखर हैं।

एक दिन पहले ही कैबिनेट ने बिल के प्रस्ताव को मंजूरी दी थी

केंद्रीय मंत्रिपरिषद ने बुधवार को एससी-एसटी एक्ट के मूल प्रावधानों को बहाल करने संबंधी विधेयक के प्रस्ताव को मंजूरी दी थी। अब मानसून सत्र में ही इसे पास कराए जाने की भी तैयारी है। एनडीए के घटक दल भी इस मुद्दे पर आक्रामक तेवर अपनाए हुए थे।

मोदी सरकार ने राष्ट्रीय पिछड़ा वर्ग आयोग को संवैधानिक दर्जा दिया

सत्तापक्ष एनडीए और विपक्ष ने राष्ट्रीय पिछड़ा वर्ग आयोग को संवैधानिक दर्जा देने संबंधी विधेयक का लोकसभा में एक सुर में समर्थन किया। संविधान के 123वें संशोधन विधेयक को राज्यसभा से कुछ संशोधनों के साथ पारित करके लोकसभा को लौटाया गया है।

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