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N DRF ने इन 12 वर्षों के

इन दिनाें देश के कई हिस्से भारी बारिश की चपेट में हैं। आपदा से निपटने के लिए कई जगह एनडीआरएफ की टीम मुस्तैदी से जुटी...

Bhaskar News Network | Last Modified - Aug 07, 2018, 03:00 AM IST

इन दिनाें देश के कई हिस्से भारी बारिश की चपेट में हैं। आपदा से निपटने के लिए कई जगह एनडीआरएफ की टीम मुस्तैदी से जुटी हुई है। जानें NDRF के काम और उसकी उपलब्धियों के बारे में। राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (NDRF) ने अपनी स्थापना के बाद से 12 सालों में विभिन्न आपदाओं में घिरे 1 लाख 14,492 लोगों की जानें बचाई है।


N DRF ने इन 12 वर्षों के दौरान बाढ़ एवं अन्य आपदाओं से घिरे साढ़े पांच लाख से अधिक लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया। NDRF आज आधुनिक युग की हर तरह की आपदाओं में बचाव कार्य करने में सक्षम है। विशेषज्ञों के मुताबिक NDRF आज देश में एक विशेषज्ञ बल बन चुका है। आणविक और रासायनिक आपदाओं समेत आधुनिक युग की हर तरह की चुनौतियों से निपटने में यह सक्षम है। इसके लिए NDRF की सभी 12 बटालियनों में नौ विशेषज्ञों के दल शामिल किए गए हैं। इन विशेषज्ञों को विदेश में उच्चस्तर का प्रशिक्षण मिला हुआ है और ये गहरे समुद्र और आग की घटनाओं को छोड़कर हर तरह की चुनौतियों के बीच बचाव कार्य में सक्षम रहते हैं। अभी मानसून का सीजन है, इसके मद्देनजर 26 राज्यों में 57 स्थानों पर 74 टीमें तैनात हैं, जो कहीं भी आपदा की सूचना मिलने पर कम से कम समय में पहुंचकर राहत कार्य चला सकती हैं।

क्या है राष्ट्रीय आपदा राहत बल?

NDRF एक पुलिस बल है। इस पुलिस बल का मुख्य कार्य किसी आपातकाल या आपदा के समय अति विशेषज्ञता के साथ संगठित होकर प्रभावितों को उचित और सुरक्षित स्थान पर ले जाना (बचाना) या उनके जान माल की रक्षा करना होता है। भारत में आपदा प्रबंधन की शीर्ष संस्था राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन अथॉरिटी (NDMA) है। इस संस्था का मुखिया प्रधानमंत्री होता है। भारतीय गणराज्य में आपदा प्रबंधन का जिम्मा वहां की राज्य सरकार पर होता है। भारत सरकार का गृह मंत्रालय सभी राज्य इकाइयों में समन्वय का काम करता है। अत्यधिक गंभीर मामलों में भारत सरकार की जिम्मेदारी होती है कि प्रभावित राज्य सरकारों के आग्रह पर सैन्य बल, NDRF, वैज्ञानिक उपकरण, आर्थिक मदद, केंद्रीय पैरामिलिट्री बल व अन्य तरह की मदद प्रभावित राज्यों में भेजे। वहीं राष्ट्रीय आपातकाल परिचालन केंद्र (NEOC) का कार्य 24 घंटे सक्रिय रहते हुए आपदा जैसी परिस्थितियों का पूर्वानुमान लगाना है। राष्ट्रीय आपदा राहत बल (NDRF) राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन अथॉरिटी (NDMA) के अधीन कार्य करती है। NDRF के शीर्ष अधिकारी को डाएरेक्टर जनरल कहा जाता है। यह भारतीय पुलिस बलों से चुने गए IPS अधिकारी होते हैं।

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