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बदलती जलवायु दे सकती है अापको नया बिज़नेस

ग्रामीण लोगों के लिए जॉब निर्मित करने वाले मेट्रो शहरों की देशभर में एक अनूठी समस्या है। न सिर्फ एप आधारित टैक्सी...

Bhaskar News Network | Last Modified - May 01, 2018, 03:05 AM IST

बदलती जलवायु दे सकती है अापको नया बिज़नेस
ग्रामीण लोगों के लिए जॉब निर्मित करने वाले मेट्रो शहरों की देशभर में एक अनूठी समस्या है। न सिर्फ एप आधारित टैक्सी सेवा की मांग बढ़ी है बल्कि गर्मी के इस चरम वक्त में तापमान बढ़ने के साथ सर्ज प्राइसिंग और यात्री को उसकी जगह पर लेने के लिए टैक्सी के आने का अपेक्षित समय (ईटीए) भी बढ़ जाता है। समस्या इससे और भी जटिल हो जाती है कि एप कंपनियों के कई ड्राइवर विवाह के इस मौसम में किसी समारोह में शरीक होने के लिए छुट्टी पर हैं। इसका सीधा असर यह है कि कर्मचारी या तो देर से दफ्तर पहुंचते हैं या टैक्सी के इंतजार में लंबे वक्त तक चिलचिलाती धूप में खड़े रहने के कारण कुंठित पहुंचते हैं, जिसका परोक्ष प्रभाव उनकी उत्पादकता पर पड़ता है।

लेकिन, कुछ एचआर मैनेजर न सिर्फ उन्हें लाने व घर पहुंचाने की सेवा दे रहे हैं बल्कि महिला कर्मचारियों के लिए विशेष सुरक्षा भी सुनिश्चित कर रहे हैं। कई बहुराष्ट्रीय कंपनियों की तरह ये एचआर मैनेजर ‘मूवइनसिंक’ की सेफ स्टाफ ट्रांस्पोर्टेशन सिस्टम की सेवाएं ले रहे हैं। मूवइनसिंक के प्लेटफॉर्म से प्रभावित कई घरेलू वेंचर कैपिटल फंड्स ने हाल ही में इसमें 52 करोड़ रुपए का निवेश किया है। इसे देश में कर्मचारियों के परिवहन का एकमात्र समाधान या एकमात्र कर्मचारी परिवहन प्रबंधन माना गया है और 19 से ज्यादा महानगरों में गूगल, माइक्रोसॉफ्ट, एमेजॉन और फेसबुक सहित 50 से ज्यादा कंपनियां इसकी सेवाअों का इस्तेमाल उदारता से कर रही हैं।

2009 में कॉर्पोरेट ट्रांसपोर्ट सर्विस में बिज़नेस संचालित करने के लिए स्थापित ‘मूवइनसिंक’ ने पिछले साल ही 1.60 करोड़ ट्रिप में 173 ऑफिस लोकेशन से कर्मचारियों को लाने-छोड़ने में करीब 35 करोड़ किमी फासला तय किया है। कर्मचारियों के यूसेज़ पर आधारित इस सब्सिक्रिप्शन मॉडल ने दो लाख कर्मचारियों को सेवाएं दी हैं और पिछले चार साल से यह शतप्रतिशत वृद्धि कर रहा है। इससे उन्हें इस साल से श्रीलंका में बिज़नेस शुरू करने की हिम्मत दी है, जहां ट्रांसपोर्टेशन बिज़नेस अभी शुरुआती चरण में है। इंटरनेशनल मार्केट में उनकी योजना अब दक्षिण-पूर्व एशिया, दक्षिण अफ्रीका और फिलिपीन्स जाने की है।

पर्यटन उद्योग लोगों को घर से लेकर पर्यटन के बाद घर तक छोड़ने का अविस्मरणीय अनुभव देने पर जोर दे रहा है, उसी तरह ‘मूवइनसिंक’ भी प्रसन्न और झंझटों से मुक्त कर्मचारी सुनिश्चित करता है, जो काम के घंटों में अत्यधिक उत्पादक साबित होते हंै। किसी भी विकासशील देश में बैक ऑफिस सुविधाओं में एम्प्लाई ट्रांसपोर्टेशन की तरह और भी समाधानों की मांग रहेगी, क्योंकि जमीन की बढ़ती लागत के कारण घर या दफ्तर शहरों की बाहरी सीमा तक पहुंच रहे हैं। ट्रांसपोर्टेशन बिज़नेस तब नया अवतार ग्रहण करेगा जब एक ही केंद्रीय बिज़नेस क्षेत्र में मौजूद विभिन्न कंपनियों के कर्मचारी एक ही वाहन की पूलिंग शुरू करेंगे।

हालांकि, भारतीय वर्कफोर्स में टैक्सी सेवाअों के इस्तेमाल की संस्कृति ने अभी पूरी तरह पैठ नहीं बनाई है। हालांकि, गेटवे शहरों में यह आम हो रहा है, जहां लोग या तो अपना वाहन रखने की प्रवृत्ति से दूर होते जा रहे हैं या एप एग्रीगेटर का इस्तेमाल परिवहन के प्राथमिक साधन के रूप में कर रहे हंै। वर्तमान में ये सेवाएं प्रति कर्मचारी प्रति माह उपयोग के आधार पर शुल्क ले रही है, जबकि कंपनी को 170-180 रुपए प्रति ट्रिप लागत आ रही है। दफ्तरों को कर्मचारियों को सुगम परिवहन उपलब्ध कराने में मदद करना आउटसोर्सिंग एजेंट्स के लिए अगला बैक ऑफिस बिज़नेस है।

फंडा यह है कि तापमान बढ़ने या भारी बारिश से मुश्किलें होंगी पर बिज़नेस सूंघ लेने वालों के लिए इससे नए मौकों की खिड़की खुलेगी।

मैनेजमेंट फंडा एन. रघुरामन की आवाज में मोबाइल पर सुनने के लिए टाइप करें FUNDA और SMS भेजें 9200001164 पर

एन. रघुरामन

मैनेजमेंट गुरु

raghu@dbcorp.in

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