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शेल्टर होम्स में यौन उत्पीड़न

देश में पांच साल में 61% बढ़े दुष्कर्म, लेकिन नाबालिगों से जुड़े मामलों में 133% इजाफा, रोज 46 नाबालिग हो रहीं शिकार ...

Dainik Bhaskar

Aug 12, 2018, 03:20 AM IST
शेल्टर होम्स 
 में यौन उत्पीड़न
देश में पांच साल में 61% बढ़े दुष्कर्म, लेकिन नाबालिगों से जुड़े मामलों में 133% इजाफा, रोज 46 नाबालिग हो रहीं शिकार

भास्कर न्यूज नेटवर्क

उत्तरप्रदेश के देवरिया स्थित बालिका गृह में बच्चियों से दुष्कर्म के मामले में योगी सरकार जिला प्रशासन को जिम्मेदार ठहरा दे। या जांच सीबीआई को सौंप दी जाए। चिंता इस बात की है कि दुष्कर्म के मामले लगातार बढ़ रहे हैं। मुख्य रूप से 18 साल से कम उम्र की बच्चियों के साथ। नेशनल क्राइम रिकॉर्ड ब्यूरो की रिपोर्ट भी इसकी पुष्टि करती है। रिपोर्ट के अनुसार 2011 के बाद पांच साल में दुष्कर्म के कुल मामले (सभी आयु वर्ग की महिलाओं को जोड़कर) करीब 61 फीसदी बढ़े हैं। वहीं नाबालिगों से दुष्कर्म के मामलों में 133 फीसदी तक की बढ़ोतरी दर्ज की गई। 2011 में नाबालिगों से दुष्कर्म के 7228 मामले सामने आए थे, जबकि 2016 (ताजा रिपोर्ट) में ऐसे 16863 मामले दर्ज हुए हैं। यानी देश में रोजाना ही औसतन 46 से ज्यादा नाबालिग दुष्कर्म का शिकार हो रही हैं। पिछले सप्ताह मुजफ्फरपुर की घटना पर सुनवाई करते हुए सुप्रीम कोर्ट के जस्टिस मदन बी लोकुर ने यह भी कहा कि दुष्कर्म की सबसे ज्यादा घटनाएं मध्यप्रदेश फिर उत्तरप्रदेश में हो रही हैं। जस्टिस लोकुर सभी तरह के मामलों का जिक्र कर रहे थे।

वैसे सिर्फ नाबालिगों से दुष्कर्म के मामले देखें तो दूसरे स्थान पर महाराष्ट्र आता है। 2016 में यहां उत्तरप्रदेश से भी ज्यादा ऐसी घटनाएं हुईं। 2015 में तो महाराष्ट्र 18 साल से कम उम्र की लड़कियों के साथ दुष्कर्म के मामले में शीर्ष पर था। इतना ही नहीं, 12 वर्ष से कम आयु की बच्चियों के साथ दुष्कर्म के सबसे ज्यादा मामले भी महाराष्ट्र में ही देखे जा रहे हैं। हालांकि छोटी बच्चियों के लिए सबसे असुरक्षित राज्य में केरल भी शीर्ष पांच में शामिल है। एक हकीकत यह भी है कि देश की विभिन्न अदालतों में 2016 में दुष्कर्म के जिन मामलों की सुनवाई हुई, उनमें से 18.9 फीसदी मामलों में ही आरोपियों को सजा हुई।

मुजफ्फरपुर, फिर देवरिया के शेल्टर होम की घटना ने देश में नाबालिगों के प्रति चिंता बढ़ा दी है। मगर इन घटनाओं को अलग रखकर देखें, तो भी 18 साल से कम उम्र की लड़कियों से दुष्कर्म के आंकड़े चिंताजनक ही दिखते हैं। यहां पढ़िए देश में नाबालिगों की सुरक्षा की स्थिति और शेल्टर होम्स में लड़कियों की सुरक्षा से जुड़ा वो सबकुछ जो आप जानना चाहते हैं।

नाबालिगों से जुड़ी हैं शेल्टर होम्स की घटनाएं, इसलिए पहले जानिए इनकी सुरक्षा की स्थिति

कुल मामलों की तुलना में नाबालिगों से दुष्कर्म के मामले

24206

7228

24923

30%

2011

9082

2012

33707

36%

13304

40%

2013

37413

14535

39%

2014

2014

34651

11393

2015

33%

38947

16863

43%

2016

नाबालिगों के लिए ये 5 राज्य सबसे असुरक्षित

राज्य मामले

मध्यप्रदेश 2479

महाराष्ट्र 2310

उत्तरप्रदेश 2115

ओडिशा 1258

छत्तीसगढ़ 984

12 वर्ष से छोटी बच्चियों के लिए ये असुरक्षित

इसी साल अप्रैल में केंद्रीय कैबिनेट ने 12 साल तक की बच्चियों से दुष्कर्म के मामले में दोषियों को फांसी की सजा दिए जाने संबंधी अध्यादेश को मंजूरी दी है। यदि पुराने मामले देखें तो 2016 में महाराष्ट्र इनमें शीर्ष पर था। तब यहां 12 साल से कम उम्र की बच्चियों से दुष्कर्म के सबसे ज्यादा 348 मामले दर्ज हुए थे। दूसरे स्थान पर 327 मामलों के साथ उत्तरप्रदेश, तीसरे पर 192 मामलों के साथ मध्यप्रदेश, चौथे पर केरल और पांचवें पर दिल्ली है। केरल में 2016 में 188 तथा दिल्ली में 171 मामले दर्ज किए गए। वैसे सभी उम्र वर्ग की महिलाओं द्वारा दर्ज कराए गए दुष्कर्म के मामलों को जोड़कर देखें तो केरल का स्थान राज्यों की सूची में 7वां है।

साल 2016 के आंकड़े बताते हैं कि नाबालिगों के लिए मध्यप्रेदश सबसे असुरक्षित राज्य है। जबकि सभी उम्र वर्ग की महिलाओं द्वारा दर्ज कराए गए मामलों को जोड़कर देखें तो ओडिशा तथा छत्तीसगढ़ शीर्ष पांच की सूची में नहीं हैं। इस सूची में चौथे स्थान पर राजस्थान तथा पांचवें पर दिल्ली है।

नेशनल क्राइम रिकॉर्ड ब्यूरो के ये आंकड़े बताते हैं कि दुष्कर्म के मामले लगातार बढ़ ही रहे हैं। ये जरूर है कि 2015 में इनमें कुछ कमी देखी गई थी। तब नाबालिगों से दुष्कर्म के मामले तो 2013 से भी काफी हद तक कम रहे थे।

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