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टीम ने लोगों से पूछा-आपके यहां सफाई व्यवस्था ठीक कि नहीं, पहले से अब सुधार हुआ है या नहीं

स्वच्छता सर्वेक्षण के लिए पहुंची केन्द्रीय टीम अब वार्डों में जाकर निगम के दावों का आब्जर्वेशन कर रही है। चौथे...

Dainik Bhaskar

Feb 02, 2018, 02:40 AM IST
स्वच्छता सर्वेक्षण के लिए पहुंची केन्द्रीय टीम अब वार्डों में जाकर निगम के दावों का आब्जर्वेशन कर रही है। चौथे दिन कोरबा व बालको जोन में पहुंचकर टीम ने हकीकत जानी। लोगों से सवाल किया कि आपके यहां सफाई व्यवस्था तो ठीक है। साथ ही पहले से व्यवस्था में सुधार हुआ है कि नहीं। टीम के आने के पहले अधिकारी सफाई कर्मियों के साथ वाहनों में सवार होकर सफाई कराते नजर आए। वाहन में कचरा रखने के लिए डिब्बे भी रखे गए थे ताकि जरूरत पड़ने पर व्यवसायिक क्षेत्रों में इसे रख सकें। टीम ने कोरबा जोन का दूसरी बार निरीक्षण कर सफाई व्यवस्था की जानकारी ली।

स्वच्छता सर्वेक्षण में इस बार देश के 4041 शहर शामिल हैं। सोमवार को केन्द्रीय टीम नगर निगम पहुंचकर सर्वेक्षण में जुटी हैं। निगम के 67 वार्डों के दस्तावेज का अवलोकन करने के बाद टीम अब डायरेक्ट आब्जर्वेशन कर रही है। टीम ने मंगलवार को कोरबा जोन के साथ बांकीमोंगरा क्षेत्र पहुंचकर पब्लिक फीडबैक लिया था। गुरुवार को पुन: टीम ने कोरबा जोन के वार्डों में पहुंचकर सफाई व्यवस्था की जानकारी ली।

टीम ने कोरबा जोन का दूसरी बार निरीक्षण कर जानकारी ली

वाहन में कचरा डिब्बा साथ लेकर चलते रहे कर्मचारी।

रैंकिंग सुधारने में आप भी

कर सकते हैं सहयोग

कचरे डिब्बे का उपयोग : नगर निगम के 67 वार्डों में से चुनिंदा वार्डों में टीम जा रही है। डोर-टू-डोर कचरा कलेक्शन के लिए पहुंचने वाली रिक्शे में ही कचरा डालने से आसपास गंदगी नहीं होगी।

डस्टबीन का करें इस्तेमाल : नगर निगम ने व्यवसायिक क्षेत्रों में डस्टबीन लगाया है। इसका उपयोग करने से सफाई रहेगी। पहले लोग झाडू लगाकर आसपास ही कचरा फेंक देते थे।

अफसरो का दावा रैंकिंग में होगा सुधार

नगर निगम के स्वच्छता अधिकारी वीके सारस्वत का कहना है कि पिछली बार हम प्रदेश में तीसरे व देश में 77वें स्थान पर थे। इस बार रैंकिंग में जरूर सुधार होगा। यहां के लोगों में सफाई के प्रति जागरूकता आई है। स्वच्छता एप से भी व्यवस्था सुधारने में काफी मदद मिली है।

जानिए 4000 में से किसमें कितना नंबर

पब्लिक टायलेट में भी सफाई कराते रहे

गुरुवार को निगम के अधिकारी टीपी नगर जोन में भ्रमण पर रहे। यहां सबसे अधिक फोकस पब्लिक टायलेट पर रहा। पेट्रोल पंप पहुंचकर कर्मचारियों ने पब्लिक टायलेट की सफाई कराई। साथ ही नया बस स्टैण्ड, टीपी नगर मुख्य मार्ग के पब्लिक टायलेट पहले से बेहतर लगे।

1400 अंक दस्तावेज पर

1000 अंक विजिट और निरीक्षण पर

1600 अंक पब्लिक फीडबैक पर

6 दिन और रह सकती है सर्वेक्षण की टीम

नगर निगम में 67 वार्ड हैं, साथ ही प्रदेश का यह क्षेत्रफल की दृष्टि से सबसे बड़ा निगम है। केन्द्रीय टीम कब तक यहां रूकेगी यह अधिकारी भी नहीं बता रहे हैं। टीम को आए चार दिन हो गए हैं। अभी भी कई वार्डों में टीम नहीं जा पाई है। जिन क्षेत्रों में टीम गई थी वहां दूसरी बार भी जाकर सफाई व्यवस्था देख रही है। इस वजह से 6 दिन रूक सकती है। हालांकि अधिकारियों का कहना है कि टीम पांच दिन ही रूकेगी।

मोबाइल एप पर मिलती है लोकेशन

केन्द्रीय सर्वेक्षण टीम के निरीक्षण का क्षेत्र तय नहीं होता है। दिल्ली से सीधे लोकेशन मोबाइल पर एप के जरिए मिलती है। इसके बाद टीम उस क्षेत्र में पहुंचकर आब्जर्वेशन करती है। जहां टीम पहले जा चुकी हैं वहां पुन: जाकर व्यवस्था देख रही है ताकि यह पता चल सके कि सर्वेक्षण में दिखाने के लिए ही तो सफाई नहीं कराई गई है। इसके लिए निगम के अधिकारी यह देखते हैं कि एक दिन पहले टीम किस क्षेत्र में गई थी। उसके आधार पर ही सफाई व्यवस्था सुधार रहे हैं।

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