Hindi News »Chhatisgarh »Korba» अब रेडी टू ईट की गुणवत्ता से समझौता नहीं करेंगे विभाग खाद्य सामग्री का सैंपल फेल हुआ तो रद्द हो जाएगा अनुबंध

अब रेडी टू ईट की गुणवत्ता से समझौता नहीं करेंगे विभाग खाद्य सामग्री का सैंपल फेल हुआ तो रद्द हो जाएगा अनुबंध

आंगनबाड़ी केन्द्रों में पूरक पोषण आहार (रेडू टू ईट) देने वाले अनुबंधित समूहों पर नकेल कसने महिला एवं बाल विकास...

Bhaskar News Network | Last Modified - Apr 02, 2018, 02:45 AM IST

अब रेडी टू ईट की गुणवत्ता से समझौता नहीं करेंगे विभाग खाद्य सामग्री का सैंपल फेल हुआ तो रद्द हो जाएगा अनुबंध
आंगनबाड़ी केन्द्रों में पूरक पोषण आहार (रेडू टू ईट) देने वाले अनुबंधित समूहों पर नकेल कसने महिला एवं बाल विकास विभाग हर साल कुछ न कुछ प्रयोग करता है। इसके बाद भी समूह गुणवत्ता को लेकर उदासीन रहते हैं। विभाग के जिम्मेदार अधिकारी-कर्मचारियों का भी उन्हें प्रश्रय मिलता है। ऐसा नहीं रहता तो समूह हर साल बदलते रहते। बीच-बीच में कार्रवाई का केवल भय दिखाया जाता है। यही कारण है कि लंबे समय से पुराने समूहों का ही कब्जा बना हुआ है। विभाग अगर ईमानदारी से कार्रवाई करे तो एक दो समूह छोड़ सभी को बदलना पड़ जाए। अब फिर सैंपल खराब होने पर अनुबंध समाप्त करने की बात कही जा रही है।

महिला एवं बाल विकास विभाग में रेडी टू ईट फूड प्रदाय करने वाले स्व सहायता समूहों पर अगर कोई अधिकारी कार्रवाई करने की हिमाकत करता भी है तो उसके खिलाफ पहुंच वाले लोग हावी हो जाते हैं। कोई सांसद तो कोई विधायक का नजदीकी निकल जाता है। समूहों पर कार्रवाई होती है या नहीं यह तो समय बताएगा। विभाग इस बात से इनकार नहीं कर सकता कि जिले के आंगनबाड़ी केन्द्रों में पहुंचने वाला रेडी टू ईट फूड में जो क्वालिटी होनी चाहिए वह नहीं रहती। समूहों पर दबाव बनाने के लिए फिर एक बार महिला एवं बाल विकास विभाग ने कहा है कि अगर किसी भी समूह का प्रारंभ में ही सेंपल सही मिला तो उसके खिलाफ कार्रवाई होगी। यहां तक कि उससे अनुबंध भी तोड़ा जा सकता है। जिले में 84 स्व सहायता समूह अनुबंधित हैं जो 2269 आंगनबाड़ी केन्द्रों में रेडी टू ईट फूट प्रदाय कर रहे हैं। मुर्रा लड्‌डू हो या दलिया, शिशु शक्ति आहार वाला पाउडर ही क्यों न हो सभी की गुणवत्ता आंगनबाड़ी केन्द्रों में देखने से पता चलता है। महिला एवं बाल विकास विभाग के अधिकारी एपी किस्पोट्‌टा की मानें तो विभाग रेडी टू ईट फूड की गुणवत्ता को लेकर सजग है। सेंपल फेल होने पर समूहों को नोटिस जारी की जाती है। संतोषजनक जवाब नहीं आने पर कार्रवाई भी की जाती है।

गुणवत्ता के लिए विभाग के अफसरों को रोकना होगा कमीशन का खेल, नहीं तो कागजों में ही होती रहेगी कार्रवाई

आंगनबाड़ी केन्द्र मेें बैठे बच्चे। ऐसा पैकेट पहुंचता है मुर्रा लड्‌डू का।

हर साल आता है 25 करोड़ रुपए का बजट

महिलाओं व बच्चों को पौष्टिक आहार देने के लिए राज्य शासन हर साल अपने बजट में जिले के लिए 25 करोड़ रुपए का फंड जारी करता है। इस बार भी यह राशि मिलेगी। जिससे जिले के 1 लाख 23 हजार हितग्राहियों को हर माह पूरक पोषण आहार दिया जाता है। इसका पात्र लोगों को कितना लाभ मिल रहा है इसकी मानिटरिंग करने वालों की भी नजर फंड पर टिक जाती है।

अब तक तीन सेंपल फेल होने पर होती थी कार्रवाई

महिला एवं बाल विकास विभाग से मिली जानकारी के अनुसार अब तक रेडी टू ईट फूड प्रदाय करने वाले समूहों से तैयार पोषण आहार जो जांच के लिए भेजा जाता था अगर वह लगातार तीन बार सही नहीं निकलता था तो कार्रवाई होती है, लेकिन अब नियम बदलकर पहले प्रयास में ही सही नहीं होने पर कार्रवाई का नियम बनाया गया है।

भास्कर संवाददाता|कोरबा

आंगनबाड़ी केन्द्रों में पूरक पोषण आहार (रेडू टू ईट) देने वाले अनुबंधित समूहों पर नकेल कसने महिला एवं बाल विकास विभाग हर साल कुछ न कुछ प्रयोग करता है। इसके बाद भी समूह गुणवत्ता को लेकर उदासीन रहते हैं। विभाग के जिम्मेदार अधिकारी-कर्मचारियों का भी उन्हें प्रश्रय मिलता है। ऐसा नहीं रहता तो समूह हर साल बदलते रहते। बीच-बीच में कार्रवाई का केवल भय दिखाया जाता है। यही कारण है कि लंबे समय से पुराने समूहों का ही कब्जा बना हुआ है। विभाग अगर ईमानदारी से कार्रवाई करे तो एक दो समूह छोड़ सभी को बदलना पड़ जाए। अब फिर सैंपल खराब होने पर अनुबंध समाप्त करने की बात कही जा रही है।

महिला एवं बाल विकास विभाग में रेडी टू ईट फूड प्रदाय करने वाले स्व सहायता समूहों पर अगर कोई अधिकारी कार्रवाई करने की हिमाकत करता भी है तो उसके खिलाफ पहुंच वाले लोग हावी हो जाते हैं। कोई सांसद तो कोई विधायक का नजदीकी निकल जाता है। समूहों पर कार्रवाई होती है या नहीं यह तो समय बताएगा। विभाग इस बात से इनकार नहीं कर सकता कि जिले के आंगनबाड़ी केन्द्रों में पहुंचने वाला रेडी टू ईट फूड में जो क्वालिटी होनी चाहिए वह नहीं रहती। समूहों पर दबाव बनाने के लिए फिर एक बार महिला एवं बाल विकास विभाग ने कहा है कि अगर किसी भी समूह का प्रारंभ में ही सेंपल सही मिला तो उसके खिलाफ कार्रवाई होगी। यहां तक कि उससे अनुबंध भी तोड़ा जा सकता है। जिले में 84 स्व सहायता समूह अनुबंधित हैं जो 2269 आंगनबाड़ी केन्द्रों में रेडी टू ईट फूट प्रदाय कर रहे हैं। मुर्रा लड्‌डू हो या दलिया, शिशु शक्ति आहार वाला पाउडर ही क्यों न हो सभी की गुणवत्ता आंगनबाड़ी केन्द्रों में देखने से पता चलता है। महिला एवं बाल विकास विभाग के अधिकारी एपी किस्पोट्‌टा की मानें तो विभाग रेडी टू ईट फूड की गुणवत्ता को लेकर सजग है। सेंपल फेल होने पर समूहों को नोटिस जारी की जाती है। संतोषजनक जवाब नहीं आने पर कार्रवाई भी की जाती है।

20 फीसदी समूहों के सेंपल जांचना जरूरी

जिले में 84 समूह अधिकृत हैं। इनमें से हर माह 20 प्रतिशत समूहों के तैयार रेडी टू ईट फूड का सेंपल जांचने का प्रावधान है। जांच के लिए सेंपल भेजा भी जाता है लेकिन अब तक किसी समूह के खिलाफ कार्रवाई की बात सामने नहीं आ सकी है। अफसरों की मानें तो नियमानुसार सेंपल प्रयोगशालाओं में परीक्षण के लिए भेजे जाते हैं।

देश के कई राज्यों में हैं सैंपल की जांच के लिए परीक्षण केन्द्र

रेडी टू ईट फूड का सेंपल मुंबई स्थित खाद्य व पोषाहार बोर्ड के प्रयोगशाला में भेजना होता है। इसके अलावा केन्द्र शासन से मान्यता प्राप्त 4 लैब एईएस लेबोरेट्रीज प्राइवेट लिमिटेड नोयडा, यूपी, एनाकॉन लेबोरेट्रीज प्राइवेट लिमिटेड नागपुर, महाराष्ट्र, सीईजी टेस्ट हाउस प्राइवेट लिमिटेड जयपुर, राजस्थान व टेक्टेक्स इंडिया लेबोरेट्रीज प्राइवेट लिमिटेड मुंबई शामिल हैं।

राजस्व अमले को निभानी होगी भूमिका

इस नियम में कसावट लाने के लिए जिन्हें दायित्व दिया गया है उन्हें सक्रिय होना होगा। इसके लिए राजस्व अधिकारियों को आंगनबाड़ी केन्द्रों का सतत निरीक्षण करना होगा। मौके से रेडी टू ईट फूड का सेंपल लेकर उसे जांच के लिए भेजना होगा। आंगनबाड़ी कार्यकर्ता, सहायिका सब कुछ जानकर भी नहीं बोल पाती हैं।

Get the latest IPL 2018 News, check IPL 2018 Schedule, IPL Live Score & IPL Points Table. Like us on Facebook or follow us on Twitter for more IPL updates.
दैनिक भास्कर पर Hindi News पढ़िए और रखिये अपने आप को अप-टू-डेट | अब पाइए Korba News in Hindi सबसे पहले दैनिक भास्कर पर | Hindi Samachar अपने मोबाइल पर पढ़ने के लिए डाउनलोड करें Hindi News App, या फिर 2G नेटवर्क के लिए हमारा Dainik Bhaskar Lite App.
Web Title: अब रेडी टू ईट की गुणवत्ता से समझौता नहीं करेंगे विभाग खाद्य सामग्री का सैंपल फेल हुआ तो रद्द हो जाएगा अनुबंध
(News in Hindi from Dainik Bhaskar)

More From Korba

    Trending

    Live Hindi News

    0
    ×