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भाजपा जांच के लिए नहीं बना पा रही दबाव

नगर निगम के निर्दलीय पार्षदों ने कहा है कि विकास कार्यों में भेदभाव का आरोप गलत नहीं है। कांग्रेस की महापाैर रेणु...

Danik Bhaskar | Apr 02, 2018, 02:45 AM IST
नगर निगम के निर्दलीय पार्षदों ने कहा है कि विकास कार्यों में भेदभाव का आरोप गलत नहीं है। कांग्रेस की महापाैर रेणु अग्रवाल एक तरफ पैसे की कमी बताकर कई विकास कार्यों को रोक रही हैं। दूसरी ओर बजट में 150 करोड़ रुपए बचत बताया जा रहा है। श्रद्धांजलि योजना के 3 हजार रुपए के लिए लोग भटकते हैं। फर्जी लोगों को चेक बांटा जा रहा है।

निगम के निर्दलीय पार्षद शिव अग्रवाल, महेन्द्र सिंह चौहान, अमरनाथ अग्रवाल, अब्दुल रहमान, संतोष राय व रवि चंदेल ने रविवार को पत्रकार वार्ता ली। पार्षद शिव अग्रवाल ने कहा कि स्लम बस्तियों में विकास कार्य ठप हैं। सड़क नाली के लिए पैसे नहीं हैं। दूसरी ओर सुनालिया में डामरीकरण कराया जा रहा है। नियम के तहत हर दो माह में समान्य सभा होनी चाहिए। लेकिन साल में एक बार बैठक बुलाई जा रही है। लोकतंत्र की पीठ पर खंजर घोंपा जा रहा है। उन्होंने कहा कि महापौर की चुनौती पर भाजपा के पार्षद जांच के लिए दबाव नहीं डाल पा रहे हैं। यह भाजपा की कमजोरी है। पार्षद अमरनाथ ने कहा कि 40 लाख रुपए आउटसोर्सिंग से टैक्स वसूली में खर्च किया गया है। लेकिन किसी को पता नहीं है। इसके लिए किसी कंपनी को नियुक्त किया गया है। पार्षद रवि चंदेल ने कहा कि 10 माह पहले नाली व सड़क का टेंडर होने के बाद काम शुरू नहीं हुआ। विकास कार्यों का ढिंढोरा पीटा जा रहा है। पार्षद चौहान ने कहा कि कोई भी पार्टी हो जनहित का कार्य नहीं करेगी तो उसका विरोध करेंगे। पहले भाजपा का करते थे अब कांग्रेस छोड़ने के बाद भी कर रहे हैं। सत्तापक्ष अपनी सुविधा के हिसाब से समान्य सभा कराती है।पार्षद संतोष राय का कहना था कि निगम को सबसे अधिक एमपीनगर, शिवाजीनगर, रविशंकर शुक्लनगर से संपत्तिकर मिलता है। वहां के लोग सिवरेज की समस्या से परेशान हैं। सत्तापक्ष को विकास कार्यों से लेना देना नहीं है।

पत्रकारों से चर्चा करते निर्दलीय पार्षद।

10 माह पहले टेंडर फिर भी नहीं शुरू हुआ काम

पार्षद अब्दुल रहमान ने कहा कि रविशंकर शुक्लनगर में 10 माह पहले सिवरेज लाइन के लिए 25 लाख रुपए का टेंडर जारी किया था। इसी तरह कल्वर्ट, नाली व शेड का काम था। लेकिन अब तक वर्क आर्डर ही जारी नहीं हुआ है। अधिकारी फंड की कमी बता रहे हैं। दूसरी ओर उद्घाटन व शिलान्यास के नाम पर 40 लाख रुपए खर्च किए जा रहे हैं।