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कोयला उत्पादन से शासन को 15 अरब से अधिक कमाई

जिले की कोयला खदानों से इस बार भी रिकार्ड उत्पादन हुआ है। वित्तीय वर्ष 2017-2018 में जिले की खदानों से उम्मीद के मुताबिक...

Bhaskar News Network | Last Modified - Apr 02, 2018, 02:50 AM IST

जिले की कोयला खदानों से इस बार भी रिकार्ड उत्पादन हुआ है। वित्तीय वर्ष 2017-2018 में जिले की खदानों से उम्मीद के मुताबिक 107 मिलियन टन से ज्यादा कोयला का उत्पादन हुआ है। जिसकी बदौलत जिले के खनिज विभाग को राजस्व के तौर पर 15 अरब से अधिक की कमाई हुई है। विभाग को 1496 करोड़ राजस्व वसूली का लक्ष्य मिला था।

वित्तीय वर्ष के पहले ही विभाग ने 1530.54 करोड़ राजस्व वसूल लिया था। अंतिम मूल्याकंन बाद इसमें और भी बढ़ोत्तरी की संभावना है। इसकी 30 फीसदी राशि डिस्ट्रिक्ट मिनिरल फंड (डीएमएफ) को जाती है। ऐसे में जिले के विकास के लिए लगभग 460 करोड़ की राशि मिली है। एशिया की सबसे बड़ी ओपन कास्ट कोल माइंस गेवरा व दीपका ने सबसे ज्यादा कोयला उत्पादन किया। कुसमुंडा खदान भी 26 मिलियन टन के लक्ष्य को पूरा करने में सफल रही। काेरबा एरिया से 5 मिलियन टन कोयला उत्पादन किया गया है।

जिले में 107 मिलियन टन कोयला उत्पादन, जिले के विकास के लिए डीएमएफ में मिले 460 करोड़ रुपए

टारगेट से ज्यादा राजस्व मिला 99% आय कोयला से : मिश्रा

जिला खनिज अधिकारी डॉ डीके मिश्रा ने बताया शासन ने गत वित्तीय वर्ष के लिए 1496 करोड़ का राजस्व वसूली लक्ष्य था। जिसे समय से पहले पूरा करते हुए 1530.54 करोड़ से अधिक का राजस्व लक्ष्य अर्जित किया गया है। अंतिम मूल्याकंन जारी है राजस्व और बढ़ने की संभावना है। जिले में कोयला खदानों से 99 फीसदी राजस्व वसूली होती है।

गेवरा, दीपका में पिछले साल से ज्यादा उत्पादन, कुसमुंडा

का भी लक्ष्य पूरा, कोरबा में 5 मिलियन टन प्रोडक्शन

एसईसीएल चूका लेकिन पिछले वर्ष से ज्यादा उत्पादन:जिले की कोयला खदानों की बदौलत ही एसईसीएल उत्पादन लक्ष्य पूरा करने में कामयाब रहता है। वित्तीय वर्ष 2017-2018 मेें एसईसीएल के लिए लगभग 153.80 मिलियन टन का उत्पादन लक्ष्य रखा गया था। जिले की खदानों ने उम्मीद के अनुसार जरुर उत्पादन किया। लेकिन इसके बाद भी एसईसीएल लगभग 144.70 मिलियन टन कोयला उत्पादन किया। हालांकि यह पिछले साल की तुलना में 5 मिलियन टन अधिक है।

दीपका क्षेत्र ने वित्तीय वर्ष 2017-2018 में कोयला उत्पादन सहित अन्य मामलों में ऐतिहासिक रिकार्ड बनाया है। कोयला उत्पादन गत वर्ष से 10 % बढ़ोत्तरी हुई। रिकार्ड 33.63 मिलियन टन कोयला प्रेषण किया गया। 58.1 प्रतिशत बढ़ोत्तरी के साथ अब तक सर्वाधिक ओबीआर 29.97 मिलियन क्युबिक मीटर रहा। 31 मार्च को 143800 टन कोल उत्पादन का रिकार्ड बनाया। उत्पादकता 67.99 (ओएमएस) रही। इसमें पहले के मुबाबले 36.80 प्रतिशत की बढ़ोत्तरी रही। इस साल का कुल लाभ 2685 करोड़ रहा। पिछले साल यह 1835 करोड़ था। इसमें 46.30 % की बढ़ोत्तरी रही। अधिग्रहित भूमि के एवज में 99 प्रतिशत मुआवजा वितरित किया गया।

दीपका ने बनाया उत्पादन व आय का कीर्तिमान

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