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बालको प्लांट में मजदूर का हाथ पीछे से बांध गले पर चाकू से किया हमला, बेहोश होने पर छोड़ भागे

बालको प्लांट (प्लांट-1) में ठेका कंपनी सुरेंद्रा नियोजित है। उक्त कंपनी में कार्यरत मजदूरों की ड्यूटी पॉट रूम, जीरो...

Danik Bhaskar | Apr 02, 2018, 02:50 AM IST
बालको प्लांट (प्लांट-1) में ठेका कंपनी सुरेंद्रा नियोजित है। उक्त कंपनी में कार्यरत मजदूरों की ड्यूटी पॉट रूम, जीरो लेवल समेत कास्ट हाऊस में लगाई जाती है। रविवार की सुबह कंपनी में कार्यरत 4 मजदूर ए शिफ्ट की ड्यूटी में गए थे। सुपरवाइजर ने उन्हें अलग-अलग स्थान पर ड्यूटी में लगाया था। इनमें मजदूर राजा अंचल (22) भी था। वह जीरो लेवल पर काम कर रहा था।

सुबह 10 बजे राजा अपने कार्यस्थल पर रक्तरंजित व बेहोशी की हालत में मिला। उसके दोनों हाथ पीछे की ओर बंधे थे। गले पर चाकू से हमला किया गया था। उसे बालको अस्पताल पहुंचाया गया। जहां डॉक्टरों उसे कोसाबाड़ी के न्यू कोरबा हॉस्पिटल रेफर कर दिया। जहां वेंटिलेटर में उसे रखा गया था। गंभीर हालत देखते हुए वहां से राजा को अपोलो बिलासपुर रेफर कराया गया है। घटना की जानकारी मिलते ही बालको थाना प्रभारी प्रमोद कुमार सिंह मौके पर पहुंचे थे। बाद में एडिशनल एसपी कीर्तन राठौर ने भी घटनास्थल पहुंच अधिकारियों से जानकारी ली। मामले में बालको थाना में हत्या के प्रयास का केस दर्ज किया है। प्लांट के गेट पर सिक्योरिटी होने से बाहरी व्यक्ति अंदर नहीं जा सकता। दीवार फांदकर कबाड़ चोर भी रात में घुसते हैं। ऐसे में साफ है कि मजदूर राजा पर हमला करने वाले आरोपी प्लांट के भीतर ही काम करने वाले हैं।

प्लांट के गेट पर सिक्योरिटी सिस्टम होने से बाहरी व्यक्ति अंदर नहीं जा सकता

घायल राजा को अस्पताल में भर्ती कराते।

गले मंे ट्यूब लगने से नहीं हो सका घायल का बयान

बालको पुलिस घायल मजदूर का बयान नहीं ले सकी। न्यू कोरबा हॉस्पिटल में उसका बयान दर्ज करने के लिए अस्पताल चौकी प्रभारी भेषदास महंत को भेजा गया था। लेकिन मजदूर के वेंटिलेटर में होने व गले में ट्यूब लगे होने के कारण उसका बयान नहीं हो सका। जिससे घटना के बारे में विस्तृत जानकारी नहीं मिल सकी।

जीरो लेवल पर रहता है सुनसान: घटनास्थल पॉट रूम के नीचे जीरो लेवल है। उक्त स्थान पर एल्यूमिनियम पावडर बिखरे होते हैं जिसे बोरे में भरा जाता है। प्रत्येक शिफ्ट में जीरो लेवल पर गिनती के मजदूर रहते हैं। मजदूरों के मुताबिक पहले वहां सुरक्षा के लिए सिक्योरिटी गार्ड रहते थे लेकिन बाद में हटा दिया गया।

घटना के समय कार्यरत थे 80 लोग, हो रही है पूछताछ

रविवार की सुबह जिस समय घटना हुई उस समय घटनास्थल समेत आसपास के स्थानों पर 80 लोग कार्यरत थे। बालको थाना में उन सभी से पूछताछ करते हुए उनका बयान लिया जा रहा है। खासकर मजदूर राजा से नजदीकी रखने वाले मजदूरों को संदेह के दायरे मेंं रखा गया है। पुलिस जांच-पड़ताल कर रही है।

पहली बार हुई घटना श्रमिक नेता पहुंचे

बालको समेत जिले के किसी भी प्लांट में पहले कभी इस तरह की घटना नहीं हुई। इससे पहले एकमात्र दर्री-कुसमुंडा के बीच बरमपुर के पास कन्वेयर बेल्ट लाइन में एक एचटीपीपी कर्मचारी पर कबाड़ चोरों ने चाकू से हमला किया था। बालको प्लांट में ऐसी घटना होने पर इंटक से जुड़े श्रमिक नेता घटनास्थल व अस्पताल पहुंचे।

आराेपी को दिलाई जाए कड़ी सजा: भारत एल्यूमिनियम श्रमिक संघ के महामंत्री राकेश सोनी के मुताबिक बालको प्लांट में श्रमिक पर जानलेवा हमला करना गंभीर अपराध है। श्रमिक जिंदगी और मौत के बीच संघर्ष कर रहा है। ऐसे समय में संघ उनके साथ है व हर संभव मदद को तत्पर है। इस गंभीर अपराध को करने वाले आरोपी को पुलिस जल्द पकड़े और कड़ी से कड़ी सजा दिलाएं।

5 माह पहले ही लगा जॉब पर: मजदूर राजा अंचल मूलत: लोरमी का रहने वाला है। 5 माह पहले ही बालको प्लांट के ठेका कंपनी में उसका जॉब लगा। वह नेहरूनगर में किराए के घर में रहता है। उसके पिता साहेबलाल व जीजा अरविंद भी प्लांट में साथ काम करते हैं। रविवार को जीजा अरविंद भी ए शिफ्ट में कार्यरत था। उसने घटनास्थल से दूर में काम करते समय साथी मजदूरों से घटना की जानकारी होना बताया।

संडे को जनरल शिफ्ट की छुट्टी: संडे को प्लांट में जनरल शिफ्ट के कर्मियों व मजदूरों की छुट्टी रहती है। इसलिए घटना के समय पॉट रूम व जीरो लेवल सुनसान था। राजा का साथी खलेंद्र मिरी जब वहां पहुंचा तो उसने राजा को लहुलुहान हालत में देखा। उसका हाथ पीछे से रुमाल में बंधा था।

साथी मजदूरों पर ही है संदेह: एडिशनल एसपी कीर्तन राठौर ने बताया कि बालको प्लांट के अंदर एक मजदूर का हाथ बांधकर चाकू से गले पर जानलेवा हमले की घटना हुई है। मामले में हत्या के प्रयास का जुर्म दर्ज करके जांच की जा रही है। प्लांट में कार्यरत साथी मजदूरों पर ही संदेह है उनसे पूछताछ की जा रही है।