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बेस्ट प्रोग्रेसिव प्रिंसिपल का अवार्ड संजय को

स्कूल का संचालन एक विशेष कार्य है जिसमें अथक परिश्रम व कुशल अनुभव की जरूरत होती है। स्कूल में सभी कर्मचारियों के...

Dainik Bhaskar

Feb 01, 2018, 02:55 AM IST
स्कूल का संचालन एक विशेष कार्य है जिसमें अथक परिश्रम व कुशल अनुभव की जरूरत होती है। स्कूल में सभी कर्मचारियों के साथ बेहतर तालमेल रखते हुए छात्रों के भविष्य के लिए मार्ग तैयार करने का कार्य केवल वह प्राचार्य कर सकता है जिसमें ज्ञान, अनुभव, धैर्य व प्रबंधकीय गुण हों।

यह बात दिल्ली में आयोजित सेंटर फॉर एजुकेशन डेवलपमेंट के डायरेक्टर डॉ.प्रियदर्शी नायक ने सम्मान समारोह में कही। भारत समेत कनाडा, साउथ कोरिया, बेल्जियम, दुबई, भूटान व नेपाल में स्थिति सीबीईएसई स्कूलों के 600 प्राचार्यों ने परफार्मेंस दिया। जिसमें जिले के इंडस पब्लिक स्कूल के प्राचार्य संजय गुप्ता के परफार्मंेस को डॉ.नायक व उनके निर्णायक मंडल ने न केवल सराहा बल्कि उन्हें बेस्ट प्रोग्रेसिव प्रिंसिपल का अवार्ड देकर सम्मानित किया। गुप्ता ने समारोह में चैलेंजेस इन एजुकेशन फॉर प्यूचूरिस्टिक स्कूल विषय पर अपना पक्ष रखकर सभी को प्रभावित किया। गुप्ता ने बताया कि वर्तमान में हमारी शिक्षा व्यवस्था के सामने अनेक समस्याएं हैं। जिसमें हमारे देश के भविष्य व आधार छात्रों की अनियमित जीवन शैली व खान-पान प्रमुख समस्या है। जिस तरह से देश आगे बढ़ रहा है, यदि हम प्रतिदिन आने वाली जानकारियों के अभाव में अपनी शिक्षा व्यवस्था को विज्ञान के आविष्कारों के अनुरूप नहीं साध पाएंगे तो बेहतर भविष्य निर्माण करने में शायद ही सफल होंगे। आज प्रत्येक पैदा होने वाला बच्चा अपनी मां के गर्भ से ही साईंस का एस सीख कर आता है। उन्होंने स्पष्ट किया कि हमें अपनी शिक्षा व्यवस्था में विज्ञान का समावेश करना तो पड़ेगा ही साथ ही साथ एक भारतीय होने के नाते हमें अपनी प्राचीन व पुरातन संस्कृति को भी नहीं भूलना है।

अवार्ड प्राप्त करते गुप्ता

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