• Hindi News
  • Chhattisgarh News
  • Korba News
  • तेज हवा चली तो 2 घंटे राख से नहाया शहर सड़क पर चलना दूर सांस लेने में भी दिक्कत
--Advertisement--

तेज हवा चली तो 2 घंटे राख से नहाया शहर सड़क पर चलना दूर सांस लेने में भी दिक्कत

शहर व उप-नगरीय क्षेत्रों में बुधवार की दोपहर चली तेज हवा से राख व धूल से पूरा शहर अट गया, दो घंटे तक लोग परेशान रहे।...

Dainik Bhaskar

Feb 01, 2018, 03:05 AM IST
शहर व उप-नगरीय क्षेत्रों में बुधवार की दोपहर चली तेज हवा से राख व धूल से पूरा शहर अट गया, दो घंटे तक लोग परेशान रहे। राख की आंधी के बीच सड़क पर लोगों का चलना मुश्किल था वहीं राख उड़ने से लोगों को सांस तक लेने में दिक्कत हो रही थी। तेज हवा चलने के बीच अचानक बिजली प्लांटों के राखड़ बांधों से राख को उड़ने से रोकने की व्यवस्थाओं की पोल खुल गई है। इसका खामियाजा लोगों को भुगतान पड़ा।

बिजली प्लांटों से निकलने वाले राखड़ के चलते होने वाला प्रदूषण जिले की आम समस्या में से एक है। लेकिन परेशानी तब ज्यादा बढ़ जाती है जब तेज हवा चलने से राखड़ बांध से उड़कर राख धुएं की शक्ल में वातावरण में नजर आता है। शहर में बुधवार की दोपहर भी यहीं हालात रहे। दो घंटे तक रूक-रूककर तेज हवा चलती रही। राख व धूल से लोग परेशान होते रहे। गर्मी के दिनों में राख उड़ने की समस्या बढ़ जाती है। आंधी तूफान से स्थिति और भी बिगड़ जाती है। आने वाले दिनों में इसे लेकर समस्या और बढ़ेगी। लोग इस परेशानी से जहां राहत दिलाने की मांग कर रहे हैं वहीं पर्यावरण संरक्षण मंडल इसके लिए निर्देर्शों का पालन नहीं करने वाले संस्थानों पर कड़ाई से कार्रवाई की बात कह रहा है।

लोगों ने कहा- उठाने होंगे जरुरी कदम

खदान क्षेत्र में भी लोग परेशान रहे:बुधवार को राख उड़ने से शहरवासी जहां परेशान रहे वहीं कोयला खदान क्षेत्र में भी भारी वाहनांे चलने वाले रुट पर धूलभरी अंधड़ के चलते आवाजाही में लोगों को परेशानी झेलनी पड़ गई। सड़क से उड़ने वाली ध्ूल के चलने रास्ते में लोगों को बाइक व कार खड़ी कर वातावरण से धूल झंटने का इंतजार भी करना पड़ गया। हरदीबाजार, बांकीमांेगरा, दीपका, कुमसुुंडा, मानिकपुर व उरगा क्षेत्र में भी तेज हवा के कारण डस्ट से लोग परेशान रहे।

प्लांटों से हर दिन निकलता है 30 हजार टन राख

शहर के प्रमुख बिजली प्लांट एनटीपीसी, एचटीपीपी, कोरबा पूर्व, डीएसपीएम प्लांट, बालको, लैंको पावर प्लांट में ही हर दिन करीब 80 हजार टन कोयला की खपत होती है। बिजली बनने के दौरान इन प्लंाटो से करीब 38 फीसदी राखड़ निकलता है। इस तरह हर दिन करीब 30 हजार टन से ज्यादा राख डिस्चार्ज होता है। अधिकांश राखड़ ऐशडेम में छोड़ी जाती है।

राख उड़ने की समस्या से परेशान लोगों का यह कहना





शहर और उप-नगरीय इलाकों में है राखड़ डेम

शहर के करीब रुकबहरी में बालको प्लांट का ऐश डायक है। यहां आसपास कई बस्तियां भी है जहां थोड़ी हवा चलने पर भी राखड़ छा जाता है। इससे परसाभांठा, बेलगरी बस्ती,नेहरुनगर, शांतिनगर बालको एरिया व अन्य क्षेत्र प्रभावित है। डीएसपीएम पावर प्लांट का राखड़ डेम शहर के आउटर ग्राम गोढ़ी पंडरीपानी में है। यहां से भी राखड़ उड़कर गांव व शहर तक पहुंचता है। कोरबा पूर्व के लिए रिसदा राखड़ बांध बनाया गया है। इसका राख भी उड़कर बालको, रिसदी, टीपी नगर, निहारिका, आईटीआई, रामपुर तक पहुंचता है।

विभाग बोला-हिदायत दी है, करेंगे कड़ी कार्रवाई

पर्यावरण संरक्षण मंडल के जिला अधिकारी आरपी शिंदे ने कहा कि बिजली प्लांट प्रबंधन व अन्य संबंधित सभी संस्थानों को एक दिन पहले ही राखड़ न उड़े इसके लिए गंभीरता से कदम उठाने कहा है। ऐश डायक को हमेशा गिला रखने व भारी वाहनों के चलने वाले रुट पर नियमित पानी का छिड़काव व जरुरत वाले जगहों पर तारपोलिन बिछाने कहा है।

X
Bhaskar Whatsapp

Recommended

Click to listen..