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अनुबंध पूरा नहीं करने का खामियाजा भुगत रहे खाताधारक और कर्मचारी

भारतीय स्टेट बैंक का मुख्य ब्रांच किराए के भवन में संचालित है। पांच साल पहले टीपी नगर में तीन मंजिला भवन को किराए...

Danik Bhaskar

Mar 01, 2018, 03:05 AM IST
भारतीय स्टेट बैंक का मुख्य ब्रांच किराए के भवन में संचालित है। पांच साल पहले टीपी नगर में तीन मंजिला भवन को किराए में लिया गया था। भवन मालिक व बैंक के बीच हुए अनुबंध अनुसार हर तीन साल में भवन का रंगरोगन व मरम्मत कराना होता है। तीन मंजिला होने के कारण ऊपरी मंजिल तक पहुंचने सीढ़ी के साथ-साथ लिफ्ट लगाने का भी प्रावधान शामिल रहा। पांच साल से बिना लिफ्ट के सीढ़ियों से चढ़कर हर उम्र के लोग बैंकिंग कामकाज निपटा रहे हैं तो दूसरी ओर बैंक के बाहरी हिस्से की दिवारें साफ सफाई व रंग-रोमन नहीं होने का प्रमाण दे रही हैं।

बैंक व भवन मालिक के साथ क्या अनुबंध हुआ है यह तो वे दोनों पक्ष ही अच्छे से जानते हैं। लेकिन जहां तक सुविधाओं की बात है तो उससे बैंक के कर्मियों व खाताधारकों को वंचित होना पड़ रहा। बैंक प्रबंधन हर माह किराए के रूप में डेढ़ से पौने दो लाख रुपए भुगतान करता है। लेकिन भवन मालिक की ओर से मेंटेनेंस के नाम पर कोई खास रुचि नहीं दिखाई जा रही है। बैंक के एक कर्मचारी ने बताया कि उनकी जानकारी में है कि कोई भी भवन किराए में लेने पर यह अनुबंध होता है कि भवन मालिक हर 3 साल में एक बार साफ सफाई, रंग-रोमन व मेंटेनेंस कराएगा। लेकिन यहां तो संचालन 5 साल से हो रहा है। इसके बाद भी एक बार भी सफाई नहीं हुई है। जिसके कारण दीवारों के बाहरी हिस्सों पर डस्ट की मोटी परत जम गई है।

साफ-सफाई और रंग-रोगन नहीं

4 बैंक प्रबंधक बदले नहीं लग सकी लिफ्ट

एसबीआई की टीपीनगर ब्रांच में 5 साल के दौरान 4 मुख्य प्रबंधकों का तबादला हो चुका है। लेकिन अनुबंध की शर्तों को पूरा कराने में किसी ने रूचि नहीं दिखाई। नीचे मुख्य ब्रांच का काम होता है तो ऊपरी तल पर रासमेक की शाखा है। तीन मंजिला भवन में लिफ्ट लगाने जगह तो बनाया गया है। लेकिन उसमें अब तक लिफ्ट नहीं लग पाई है।

मौखिक के साथ लिखित में भी दी हैै जानकारी

तत्कालीन मुख्य प्रबंधक व वर्तमान में रासमेक शाखा प्रमुख ए राजू पूर्व में लिफ्ट लगवाने के लिए मौखिक के साथ लिखित में कह चुके हैं। लेकिन लिफ्ट का काम नहीं हो सका है। एसबीआई के मुख्य प्रबंधक एसके कोसरिया ने बताया कि अनुबंध की शर्तें अब तक क्यों नहीं पूरी की गई हैं। अगर भवन मालिक की ओर से उदासीनता दिखाई जा रही है।

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