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आठ दिन नहीं चली 2 ट्रेन फिर भी 12 लाख अधिक मिला रेलवे को राजस्व

अगस्त 2017 से यात्री ट्रेनों का परिचालन अब तक अनियमित बना हुआ है। हर माह के शनिवार व रविवार को मेमू लोकल व रायपुर तक का...

Danik Bhaskar | Mar 01, 2018, 03:10 AM IST
अगस्त 2017 से यात्री ट्रेनों का परिचालन अब तक अनियमित बना हुआ है। हर माह के शनिवार व रविवार को मेमू लोकल व रायपुर तक का फेरा लगाने वाली पैसेंजर ट्रेन को स्थगित होती रही है।

बावजूद इसके बीते साल की तुलना में अक्टूबर में रेलवे ने यात्री भाड़ा के रूप में 12 लाख, 35 हजार 180 रुपए अधिक जुटाए। वर्ष 2016-17 में अक्टूबर में रेलवे को 54 लाख 46 हजार 250 मिले तो वर्ष 17-18 में उसी माह में अर्निंग बढ़कर 66 लाख 81 हजार 430 पहुंच गई।

अन्य माह में राजस्व कम मिलने का खामियाजा रेलवे को जरूर भुगतना पड़ा है। चालू वित्त वर्ष में अक्टूबर तक का ही डाटा रेलवे दुरुस्त कर सका है। इस अवधि तक दो वित्तीय वर्ष की तुलना करें तो यात्रियों से मिलने वाली आय कम हुई है। कोरबा रेलखंड में रेल टिकट आरक्षित कराकर सफर करने वालों के कारण मिलने वाला राजस्व घटा है।

जनरल टिकट शामिल नहीं

रेलवे से उपलब्ध आंकड़े में जनरल टिकट से होने वाली आय शामिल नहीं है। हर दिन कोरबा रेलवे स्टेशन से 5 हजार से अधिक लोग सफर करते हैं। जिसमें 4 हजार यात्री जनरल टिकट लेकर सफर करते हैं। इन यात्रियों से रेलवे को होने वाली आय राजस्व कोष में जरूर वृद्धि करेगा। फिलहाल डाटा अपडेट नहीं होने से वास्तविक आंकड़ा नहीं मिल सका है।

कोयला ढुलाई से घाटा पूर्ति:यात्री भाड़ा से रेलवे को होने वाला नुकसान कोई बहुत बड़ा नहीं है। यात्री ट्रेनों का परिचालन बाधित करने वाला रेलवे कोयला ढुलाई को कभी बाधित नहीं होने दिया। प्रतिदिन औसतन 38 रैक कोयला ढुलाई करने वाला रेलवे इन दिनों हर दिन 42 रैक से अधिक कोयले का परिवहन कर न केवल घाटे की पूर्ति कर रहा है वरन अर्निंग का रिकार्ड भी बना रहा है।

7 माह से बना है अवरोध

रेलवे ट्रेक मेंटेनेंस के नाम पर ब्लाक लेकर कोरबा से फेरा लगाने वाली दो ट्रेनों का अनियमित परिचालन बीते 7 माह से जारी है। बाधित होने वाली वे ट्रेन हैं जिसमंे बड़ी संख्या में यात्री रायपुर के साथ छोटे-छोटे स्टेशनों का सफर करते हैं। हर माह 8 दिन रद्द होने से यात्रियों को परेशानी तो होती ही है। साथ रेलवे को भी एक बड़ा नुकसान हुआ है।