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कुलियों की शर्ट को रेलवे बनाएगा कमाई का जरिया

रेलवे यात्री किराया, माल परिवहन भाड़ा के साथ-साथ स्टेशनों पर होर्डिंग व बैनर पोस्टर के अलावा कमाई का कोई भी माध्यम...

Danik Bhaskar | Mar 01, 2018, 03:10 AM IST
रेलवे यात्री किराया, माल परिवहन भाड़ा के साथ-साथ स्टेशनों पर होर्डिंग व बैनर पोस्टर के अलावा कमाई का कोई भी माध्यम नहीं छोड़ना चाहता। जहां मूल कार्य से हटकर आय अर्जित करने की कोशिश हो रही है। कमाई के लिए नया माध्यम रेलवे ने तलाश लिया है।

रेल प्रशासन अब कुलियों द्वारा पहने जाने वाले शर्ट को भी कमाई का जरिया बनाने जा रहा है। उनकी शर्ट पर किसी न किसी कंपनी का प्रोडक्ट नजर आएगा। दूसरी ओर से कुली रेलवे की पहल का विरोध करने के मूड में हैं। बोर्ड की इस पहल को दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे बिलासपुर अपने तीनों डिवीजन में प्रायोगिक तौर पर 6 महीने के लिए अपनाने वाला है। जिसकी तैयारी शुरू हो गई है। केवल बिलासपुर डिवीजन में ही 700 कुली कार्यरत हैं। जबकि तीनों डिवीजन के स्टेशनों को मिलाकर यह संख्या ढाई हजार के लगभग है।

पूरे देश में कार्यरत कुलियों का आंकड़ा लाखों में होना संभावित है। ऐसे में अगर यह योजना सफल होती है तो रेलवे को करोड़ों रुपए की आय का माध्यम कुली बन जाएंगे। प्रयोग सफल होने पर इसका आगे विस्तार रेलवे करेगा। इसके लिए कंपनियों को टेंडर के माध्यम से आमंत्रित किया जाएगा। जिनकी बोली अधिक होगी उनसे रेलवे अनुबंध करेगा।

अब विज्ञापन प्रिंटेट होगा उनका शर्ट, कुलियों ने कहा- हमारी पहचान मिट जाएगी, हम इसका विरोध करेंगे

ऐसे में तो उनकी पहचान मिट जाएगी

दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे कुली कल्याण समिति बिलासपुर के सलाहकार सदस्य मुकेश कुमार, एम रामाराव ने बताया ऐसी जानकारी मिली है। पर उनके संगठन के पास ऐसी विभागीय सूचना नहीं है। यदि ऐसा होता है तो उनकी पहचान मिट जाएगी। उनकी वर्दी पर किसी न किसी कंपनी का विज्ञापन होने स्टेशनों पर यात्रियों की नजर में सीधे-सीधे नहीं आ पाएंगे कुली। लाल वर्दी उनकी पहचान है। रेलवे को अन्य विभागों के कर्मियों के ड्रेस को भी विज्ञापन के लिए उपयोग करना चाहिए।

अनुबंधित कंपनी के ब्रांड लाल शर्ट पर नजर आएंगे:रेलवे का अनुबंध जिस किसी कंपनी के साथ होगा। वह कंपनी कुलियों को देने वाले शर्ट पर अपने ब्रांड के प्रोडक्ट प्रिंट कराएगा। शर्ट का कलर लाल ही होगा। इससे कुलियों के पहचान में लोगों को परेशानी नहीं होगी। इससे रेलवे की आय बढ़ेगी पर कुलियों को कोई फायदा नहीं होगा।

ग्रुप डी में समायोजित करने किया प्रदर्शन

बुधवार को रेलवे स्टेशन कोरबा में काम करने वाले कुली हड़ताल पर रहे। कुली कल्याण समिति के सदस्य गौतम यादव ने बताया कि चतुर्थ श्रेणी में समायोजन की मांग को लेकर बुधवार को शांतिपूर्वक कामबंद हड़ताल पर रहे। उनका कहना है कि रेलवे यात्रियों के लिए नित सुविधाओं का विस्तार कर रहा है। जैसे लिफ्ट, स्वचलित सीढ़ी, बैटरी गाड़ी, चक्के वाला बैग, रैम्प सीढ़ी के कारण कुलियों का काम नहीं के बराबर रह गया है।