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डोर-टू-डोर कलेक्शन से 75 फीसदी कचरा कम, कॉलोनियों में सफाई नहीं, फैली गंदगी

Dainik Bhaskar

Jan 14, 2019, 02:51 AM IST

Korba News - नगर निगम ने स्वच्छता सर्वेक्षण की तैयारी पूरी कर ली है। पहले थ्री स्टार के लिए दावा किया था अब इसे बढ़ाकर 7 स्टार कर...

Korba News - chhattisgarh news door to door collection reduces 75 waste cleanliness in colonies spreads dirt
नगर निगम ने स्वच्छता सर्वेक्षण की तैयारी पूरी कर ली है। पहले थ्री स्टार के लिए दावा किया था अब इसे बढ़ाकर 7 स्टार कर दिया गया है। सभी वार्ड, सार्वजनिक व कामर्शियल एरिया में डोर-टू-डोर कचरा कलेक्शन व उठाव किया जा रहा है। इससे 75 फीसदी कचरा कम हुआ है। लेकिन सार्वजनिक कॉलोनियों में नियमित सफाई नहीं होने से गंदगी फैली रहती है। राज्य स्तर की टीम ने शनिवार के बाद रविवार को भी अलग-अलग क्षेत्रों में पहुंचकर तैयारी का जायजा लिया। टीम ने कहा कि पूरे क्षेत्रों में प्रचार-प्रसार कराएं ताकि लोगों को पता चले कि स्वच्छता सर्वेक्षण चल रहा है। क्वालिटी काउंसिल ऑफ इंडिया दिल्ली की टीम कभी भी सर्वेक्षण के लिए आ सकती है।

पहले निगम ने थ्री स्टार की तैयारी की थी। इसके बाद सेवन स्टार के लिए दावा कर दिया गया। पिछले दो स्वच्छता सर्वेक्षण में कोरबा नगर निगम ने प्रदेश में तीसरा स्थान हासिल किया है। साथ ही देश में क्रमश: 77वां इसके बाद 37वां स्थान हासिल किया। उस समय तक सभी 67 वार्डों में डोर-टू-डोर कचरा कलेक्शन शुरू नहीं हुआ था। अभी सभी 18 एसएलआरएम सेंटर को शुरू कर दिया गया है। जहां कचरे की छंटाई के बाद गीले कचरे से खाद बनाया जाता है। इसके साथ ही ओडीएफ प्लस भी हो गया है। ओडीएफ डबल प्लस के लिए दावा किया गया था, लेकिन इसके लिए टीम ही नहीं आ पाई है।

इस बार रेटिंग में सिटीजन फीडबैक पर मिलेंगे 1250 अंक

होटल के सामने रखा गीला व सूखे कचरे को डालने डस्टबिन ताकि लोगों को पता चल सकें।

कचरा फेंकने पर दुकानों से जुर्माना भी

कचरे का सही निपटान नहीं करने पर जुर्माने की कार्रवाई भी की जा रही है। ट्रामा सेंटर पर 5 हजार व आरके ग्राफिक्स पर 15 हजार का जुर्माना लगाया गया है। वरिष्ठ स्वच्छता निरीक्षक संजय तिवारी ने बताया कि दोनों संस्थानों के साथ ही और भी संस्थानों पर कार्रवाई की गई है।

निगम को सार्वजनिक संस्थानों की काॅलोनियों पर भी करना होगा फोकस

सार्वजनिक संस्थानों की काॅलोनियों में नियमित सफाई नहीं होती। सबसे अधिक शिकायत सीएसईबी काॅलोनी, एसईसीएल की है। इसके अलावा हाउसिंग बोर्ड की काॅलोनियों में भी सफाई नहीं हो रही है। अगर टीम यहां पहुंच गई तो नंबर कटना तय है। इसके अलावा काॅलोनियों से लगे झुग्गी बस्तियों के लोग खाना बनाने के लिए सिगड़ी का उपयोग करते हैं। जले कोयले का राख को कहीं पर भी फेंक देते हैं। इस पर भी ध्यान देने की जरूरत है।

25 फीसदी ही डंपिंग यार्ड में जाता कचरा

डोर-टू-डोर कचरा कलेक्शन के साथ ही व्यावसायिक क्षेत्रों में कचरा संग्रहण के कारण कचरे में 75 प्रतिशत तक कमी आई है। पहले चौक-चौराहों में लोग कचरा फेंक देते थे। इसके लिए कंटेनर भी रखा हुआ था। अब गीले व सूखे कचरे को अलग-अलग कर निपटान किया जा है।

दिल्ली की टीम गोपनीय तरीके से करेगी पड़ताल

सर्वेक्षण टीम सर्विस लेवल प्रोग्रेस देखेगी, इसमें 1250 अंक हैं। सिटीजन फीडबैक में भी 1250 अंक के लिए दिल्ली की सर्वेक्षण टीम शहर में किसी भी क्षेत्र में पहुंचकर लोगों से सफाई के बारे में जानकारी लेगी। केन्द्रीय सर्वेक्षण टीम शहर में गोपनीय तरीके से पहुंचेगी। इसकी जानकारी नगर निगम के अफसरों को भी नहीं रहेगी। रोज टीम के मेंबर स्पॉट पर पहुंचकर फोटो खीचेंगे और रिपोर्ट पोर्टल पर भेजेंगे।

सबकी भागीदारी से मिलेगी बेहतर रेटिंग

निगम के स्वच्छता अधिकारी वीके सारस्वत ने बताया कि राज्य की टीम पहले चरण में जांच करने पहुंची है। जो भी कमियां है उसे दूर किया जा रहा है। सर्वेक्षण टीम शीघ्र आने वाली है। सभी की भागीदारी से ही बेहतर रेटिंग शहर को मिलेगा। अगर किसी को डस्टबिन नहीं मिला है तो जोन कार्यालय पहुंचकर प्राप्त कर सकते हैं।

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