अफसरों को जनवरी 2017 से 20 लाख ग्रेच्युटी, कर्मियों को नहीं मिल रहा लाभ

Bhaskar News Network

May 18, 2019, 06:36 AM IST

Korba News - भास्कर संवाददाता | कोरबा-गेवरा कोल इंडिया में अफसरों को जनवरी 2017 से 20 लाख कर मुक्त ग्रेच्युटी का लाभ दिया जा रहा...

Korba News - chhattisgarh news officers get 20 lakh gratuity workers not getting profit from january 2017
भास्कर संवाददाता | कोरबा-गेवरा

कोल इंडिया में अफसरों को जनवरी 2017 से 20 लाख कर मुक्त ग्रेच्युटी का लाभ दिया जा रहा है, जबकि कर्मचारियों के मामले में ऐसा नहीं है। कोयला कंपनियों से 28 मार्च 2018 के बाद सेवानिवृत्त हुए कर्मचारियों को ही 20 लाख कर मुक्त ग्रेच्युटी का लाभ मिल रहा है।

ऐसे में इस तारीख से पहले रिटायर्ड होने वाले कर्मचारियों को लाभ नहीं मिल रहा है। इस पर कर्मचारी यूनियनों का विरोध बढ़ा तो प्रबंधन ने इस पर विचार करने का आश्वासन दिया। लेकिन इस पर अंतिम फैसला नहीं लिया गया। इससे यूनियनों में नाराजगी है। अब जब 5 व 6 जून को स्टैंडराइजेशन कमेटी बैठक होनी है। यूनियन इस मुद्दे को प्रमुखता से उठाने की बात कह रहे हैं। दरअसल केंद्र ने पब्लिक सेक्टर के कर्मियों के लिए ग्रेच्युटी राशि की लिमिट 10 लाख से बढ़ाकर 20 लाख रुपए कर दी थी। इस पर कई उपक्रम ने कर्मियों को बढ़ी राशि देने का आदेश भी जारी किया था। पर कई जगह यह योजना कर्मियों के लिए जनवरी 2016 से लागू नहीं की गई। इसमें कोल इंडिया भी शामिल हैं।

कंपनियों से 28 मार्च 2018 के बाद सेवानिवृत्तों को ही लाभ

कोल इंडिया ने सभी कंपनियों से रिपोर्ट मांगी थी। इसके बाद जानकारी दी थी कि ट्रेड यूनियनों की मांग के अनुसार ग्रेच्युटी देने से 900 करोड़ से अधिक का अतिरिक्त भार पड़ेगा। इसलिए प्रबंधन की चिंता बढ़ गई है और मामला अटका हुआ है। कर्मचारियों को जनवरी 2017 से ग्रेच्युटी लाभ देने के फैसले में हो रही देरी को लेकर नाराजगी भी बढ़ते जा रही है।

900 करोड़ के अतिरिक्त वित्तीय भार से प्रबंधन चिंतित

अफसर व कर्मचारिों के लिए तिथि और राशि समान होना चाहिए: लक्ष्मण चंद्रा

बीएमएस नेता व जेबीसीसीआई मेंबर लक्ष्मण चंद्रा ने कहा 1 जनवरी 2017 से 20 लाख ग्रेच्युटी की मांग कर रहें है। क्योंकि पहले अधिकारियों को भी इसी तारीख से 20 लाख ग्रेच्युटी देने की घोषणा की गई थी। भारतीय मजदूर संघ का कहना है कि ग्रेच्युटी भुगतान में किसी भी प्रकार से पक्षपात नहीं किया जाना चाहिए। अधिकारी व कर्मचारियों का ग्रेच्युटी भुगतान तिथि व राशि एक समान होना चाहिए। इसके लिए प्रयास जारी है।

कोयला खान फेडरेशन एटक के सचिव कर्मचारियों को कम से कम जनवरी 2017 से बढ़ी हुई ग्रेच्युटी के साथ लाभ मिलना चाहिए। लेकिन प्रबंधन अब तक वित्तीय स्थिति का हवाला देकर टाल-मटोल की नीति अपना रहा है। प्रतिनिधि आगामी स्टैंडराजेशन कमेटी की बैठक में प्रबंधन पर दबाव बनाकर अफसरों की तरह लाभ दिलाने की मांग करेंगे।

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20 मार्च 18 के बाद के कर्मियों को 20 लाख ग्रेच्युटी का भुगतान का निर्देश जारी

ग्रेच्युटी एक्ट में संशोधन के बाद 29 मार्च 2018 से 20 लाख ग्रेच्युटी देने की अधिसूचना जारी की थी। इसके बाद कोल इंडिया ने भी आदेश जारी कर कर्मचारियों को 28 मार्च 2018 के बाद रिटायर हुए कर्मियों को 20 लाख रुपए ग्रेच्युटी का भुगतान का निर्देश जारी किया। इस आदेश से ऐसे कर्मचारियों को बड़ा झटका लगा था, जो कि इससे पहले रिटायर हुए हैं। जबकि अफसरों के मामले में ऐसा नहीं है। इसलिए यूनियन भी भेदभाव का आरोप लगा रहा हैं।

कर्मियों के साथ अन्याय कर रहा प्रबंधन: अध्यक्ष

एसईसीएल एचएमएस के केंद्रीय अध्यक्ष रेशम लाल यादव ने कहा है कि प्रबंधन को दसवां वेतन समझौता लागू होने के दिन से ही कोयला कर्मचारियों को 20 लाख रुपए ग्रेच्युटी का भुगतान करना चाहिए। लेकिन अब तक इस पर निर्णय नहीं लिया गया है। यह मेहनतकश आम कोयला कामगारों के साथ अन्याय है।

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