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सरकार ने 4 माह पहले घोषणा तो कर दी पर माफ नहीं हुए हैं राष्ट्रीयकृत बैंक से लोन

Korba News - प्रदेश सरकार ने किसानों के राष्ट्रीयकृत बैंक से लिए गए अल्पकालीन ऋण माफ करने की घोषणा तो कर दी मगर अब तक किसानों का...

Bhaskar News Network

Jun 14, 2019, 07:15 AM IST
Korba News - chhattisgarh news the government has announced the announcement 4 months ago but it is not forgiven the loan from the nationalized bank
प्रदेश सरकार ने किसानों के राष्ट्रीयकृत बैंक से लिए गए अल्पकालीन ऋण माफ करने की घोषणा तो कर दी मगर अब तक किसानों का यह लोन माफ नहीं हुआ है। इधर बुधवार को राजधानी में हुई केबिनेट बैठक में किसानों के ऐसे खाते जो नॉन परफॉर्मिंग हैं उनके ऋण माफ करने की नई घोषणा कर दी है।

प्रदेश में विगत दिसंबर माह में हुए चुनाव के बाद कांग्रेस की सरकार बनी है। सरकार बनने के बाद सबसे पहला निर्णय सरकार ने अपने चुनावी वायदे के अनुसार किसानों के ऋण माफ करने का लिया। जिसमें प्रदेश के 16 लाख 65 हजार किसानों का 6100 करोड़ रुपए ऋण माफ किया गया। सरकार ने यह ऋण उन किसानों का माफ किया था जिन्होंने सहकारी बैंक या ग्रामीण बैंक से लोन लिया था। राज्य विधानसभा के जनवरी माह में हुए पहले सत्र में मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने यह घोषणा की कि वे किसान जिन्होंने राष्ट्रीयकृत बैंकों से अल्पकालीन ऋण लिए थे, वे भी सरकार माफ करेगी। अर्थात यह राशि बैंकों को सरकार अदा करेगी। सामने लोकसभा चुनाव थे सो सरकार ने बैंकों से इस संबंध में सारे डाटा भी मांगे। हालांकि अब जबकि विधानसभा का अगला सत्र आसन्न है तब यह ऋण माफी एक मुद्दा बन रही है। क्योंकि राष्ट्रीयकृत बैंकों ने अब तक ये अल्प ऋण माफ नहीं किए हैं।

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इन्हें नहीं मिलना है लाभ

इस योजना के अंतर्गत केवल अल्पकालीन कृषि ऋण लेने वाले किसानों को ही लाभ मिलेगा। कॉरपोरेट, पार्टनरशिप फर्म या ट्रस्ट द्वारा लिए गए कृषि ऋण माफ नहीं किए जाएंगे। रिजर्व बैंक द्वारा नियंत्रित माइक्रो फायनेंस संस्थान से लिए गए ऋण भी इस योजना में शामिल नहीं होंगे।



अभी प्रभार मेंे है लीड बैंक का प्रबंधन

लीड बैंक के प्रबंधक सुरेन्द्र शाह हाल ही में रिटायर हो गए हैं उनके स्थान पर जिन्हें प्रभार दिया गया था उनका भी ट्रांसफर हो गया है। ऐसी स्थिति में रीजनल प्रबंधक को अतिरिक्त प्रभार सौंपा गया है।

किसानों को नहीं घोषित किया डिफाल्टर

जिले में लीड बैंक स्टेट बैंक ऑफ इंडिया है। एक अधिकारी ने बताया कि सरकार ने अब तक किसानों की ऋण माफी का पैसा जमा नहीं किया है। ऐसे में ऋण की किश्तें जमा करने के लिए जो तय प्रक्रिया होती है उसी के तहत किसानों से राशि जमा करने के लिए कहा जा रहा है। बकाया राशि वाले किसानों की सूची बनी है। हालांकि ऐसा नहीं है कि उन्हें हमने डिफाल्टर घोषित कर दिया है। हां यह सही है कि नियम के अनुसार अल्पकालीन ऋण या किसान क्रेडिट कार्ड से जो लोन लिया गया था उसकी अदायगी के बाद ही नया ऋण नई फसल के लिए वे ले सकते हैं।

ऋण माफ करने सरकार को जमा करानी थी राशि लेकिन ऐसा नहीं किया

बैंक अधिकारी ने बताया सरकार को संबंधित डाटा दे दिया गया है। प्रदेश में स्टेट बैंक व बैंक ऑफ बड़ोदा ये दो प्रमुख लीड बैंक है। किसानों का ऋण माफ करने जरूरी है कि सरकार यह राशि बैंकों के पास जमा कराए मगर अब तक ऐसा नहीं हुआ है। विगत 1 मार्च को वित्त विभाग ने सार्वजनिक क्षेत्र के व्यवसायिक बैंकों के लिए अल्पकालीन कृषि ऋण माफी योजना 2019 को जारी किया था। अल्पकालीन कृषि ऋण माफी योजना के तहत जिले के 18 हजार 334 किसानों के 54 करोड़ 29 लाख का कर्ज माफ किया गया। ये कर्ज सहकारी, ग्रामीण बैंक या सोसायटियों से खेती-किसानी के लिए लिया गया था। दूसरी तरफ राष्ट्रीयकृत बैंकों से 3419 किसानों ने 55 करोड़ 23 लाख का लोन लिया है, जिसकी माफी की घोषणा सरकार ने की है। मगर बैंकों को रुपए नहीं मिलने से वे किसानों से यह राशि मांग रहे हैं। वहीं उन्हें नए कर्ज देने से पहले उसे अदा करने कहा जा रहा है। ग्रामीण बैंक से 1320 किसानों के 9 करोड़ 23 लाख रुपए माफ किए जा चुके हैं। सरकार ने 2 लाख रुपए तक के अल्पकालीन कृषि ऋण माफ करने का निर्णय लिया है। किसान सुख सिंह, भीखम, गिरवर सिंह, कलेश्वर, कृपा राम आदि ने बताया कि उन्होंने अपना ऋण राष्ट्रीयकृत बैंक से नहीं लिया था, सो उनका लोन माफ हो चुका है। वहीं विजय कुमार, उत्तम सिंह, रामेश्वर ने बताया उनका ऋण राष्ट्रीयकृत बैंक से है, जो अब तक माफ नहीं हुआ है। ऋण जमा करने के लिए बैंक अधिकारियों के फोन आ रहे हैं।

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इन 21 राष्ट्रीयकृत बैंकों से होना है किसानों का ऋण माफ

प्रदेश सरकार ने जिन 21 राष्ट्रीयकृत बैंकों के किसान ऋण माफ करने का निर्णय लिया है उनमें स्टेट बैंक, इलाहाबाद बैंक, आंध्र बैंक, बैंक ऑफ बड़ोदा, बैंक ऑफ इंडिया, आईडीबीआई बैंक, बैंक ऑफ महाराष्ट्र, सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया, केनरा बैंक, कॉरपोरेशन बैंक, इंडियन बैंक, इंडियन ओवरसीज बैंक, ओरियंटल बैंक ऑफ कॉमर्स, पंजाब एंड सिंध बैंक, सिंडिकेट बैंक, यूको बैंक, यूनियन बैंक, यूनाइटेड बैंक, देना बैंक व विजया बैंक शामिल है। सरकार ने जो नॉन परफार्मिंग अकाउंट की ऋण माफी की घोषणा की है उसमें इन बैंकों के साथ आईडीबीआई बैंक को भी शामिल किया है।

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