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बारात से देर रात बाइक में लौट रहे दो दोस्त पेड़ की आड़ में खड़े हाथी से टकराए, एक की मौत, दूसरा घायल

Bhaskar News Network

May 18, 2019, 07:11 AM IST

Korba News - काेरबा में करतला के ग्राम मदवानी-संतपारा में बारात से लाैट रहे दाे बाइक सवार पेड़ की आड़ में छुपे हाथी से टकरा गए।...

Korba News - chhattisgarh news two friends returning to the bike late night from the procession collided with the elephant standing under a tree one died the other injured
काेरबा में करतला के ग्राम मदवानी-संतपारा में बारात से लाैट रहे दाे बाइक सवार पेड़ की आड़ में छुपे हाथी से टकरा गए। हाथी ने उन पर हमला कर दिया। इससे एक की मौत हो गई। वहीं दूसरे भागकर जान बचाई। सूचना पर वन अधिकारी पहुंचे। कोरबा वनमंडल अंतर्गत करतला के ग्राम मदवानी-संतपारा निवासी यशवंत सिंह राठिया (26) व कमल सिंह राठिया (23) गुरुवार को रिश्तेदार की शादी में बाराती बनकर जिल्गा-बरपाली गए थे। जहां शाम को वहां पहुंचे।

शादी समारोह में शामिल होने के बाद रात लगभग 12 बजे वे बाइक में लौट रहे थे। इस दौरान वहां मौजूद लोगों ने क्षेत्र में हाथी की मौजूदगी की जानकारी देते हुए उन्हें रात में जाने से मना किया। लेकिन वे नहीं माने। बाइक में वे कुदमुरा के रास्ते लौट रहे थे। इस दौरान तराईमार जंगल मार्ग से गुजरते समय आगे सड़क पर खड़ा दंतैल हाथी उन्हें नहीं दिखा। उनकी बाइक सीधे हाथी से टकरा गई। इससे वे बाइक समेत सड़क किनारे गिरे। वे संभल पाते इससे पहले हाथी ने सूंड से यशवंत सिंह को लपेट लिया। वह उसे उठाकर पटकने लगा। इस दौरान कमल सिंह ने वहां से भागकर अपनी जान बचाई। घटना की सूचना वन विभाग व करतला पुलिस को दी गई। रात में ही वन विभाग व पुलिस की संयुक्त टीम घटनास्थल पहुंची। जहां से दंतैल आगे जा चुका था। रात में शव को शुक्रवार मृतक के परिजनों को सौंपा गया।

धरमजयगढ़ के छाल क्षेत्र में कई लोगों को मारने वाले दंतैल ने किया हमला

नशे में नहीं सुने किसी की बात, जिद करके निकले थे

जिल्गा-बरपाली के सुमत सिंह राठिया ने बताया कि क्षेत्र में हाथी के झुंड की मौजूदगी की जानकारी वन विभाग ने दी थी। इसलिए शादी समारोह में शामिल होने पहुंचे सभी लोगों को रात के समय जंगल की ओर जाने से मना किया गया था। देर रात बाइक में अपने गांव जा रहे यशवंत सिंह व कलम सिंह को भी रुकने के लिए कहते हुए कुछ घंटे बाद भोर होने पर निकलने के लिए बोला गया। लेकिन वे नशे में थे। इसलिए किसी की बात नहीं सुन रहे थे।

छाल से आए हाथी ने 3 की ली जान

जिल्गा-बरपाली के आसपास गुरमा-लबेद क्षेत्र में 36 हाथी पहले से घूम रहे हैं। जिन्होंने अब तक फसल को ही नुकसान पहुंचाया है। जबकि गुरुवार की रात कुदमुरा-तराईमार मार्ग पर हमला करने वाला हाथी धरमजयगढ़ के छाल क्षेत्र से रात में आया था। जो खतरनाक है और ग्रामीणों पर सीधे हमला करता है। कुदमुरा से पहले उक्त हाथी ने छाल क्षेत्र में एक सप्ताह के भीतर 3 लोगों को मारा है।

कमल सिंह ने बताया - मैं तो मौत के मुंह से बच निकला लेकिन अपने दोस्त को नहीं बचा पाया

यशवंत के साथ मैं जिल्गा-बरपाली गया था। रात में 11 बजे हम बाइक में निकले। तराईमार से गुजरते समय सड़क किनारे पेड़ की आड़ में हाथी खड़ा था जो दूर से नहीं दिखा। पास आने पर हाथी ने सूंड़ आगे बढ़ाया तो हम हड़बड़ाकर बाइक समेत गिर गए। मैं उठकर थोड़ी दूर भागा लेकिन यशवंत का पैर बाइक में फंसने से वह भाग नहीं सका। इतने में हाथी ने उसपर हमला कर दिया। मैं वहां से जिधर पाया उधर भागा। करीब 1 किलोमीटर बाद एक बाराती गाड़ी दिखी। मैनें बदहवाश हालत में उसे रूकवाया। मुंह से केवल हाथी-हाथी ही निकला। मैं मौत के मुंह से बच गया लेकिन दोस्त को नहीं बचा सका।

27 हजार बार फसल को नुकसान

वन विभाग के रिकार्ड के अनुसार जिले में 19 साल के दौरान हाथियों ने 27 हजार से अधिक बार धान की फसलों को नुकसान पहुंचाया है। इसके एवज में 10 करोड़ रुपए से अधिक का मुआवजा बांटा गया है। 463 मकानों को तोड़ने पर 33 लाख 29 हजार का मुआवजा बांटा गया। अन्य संपत्तियों के नुकसान के 479 प्रकरण में 17 लाख 11 हजार 627 का मुआवजा बांटा गया है।

हाथी ने माढ़ नदी से आकर किया हमला, रात में लौटा

कोरबा वनमंडल के एसडीओ जेआर राठिया ने बताया कि कुदमुरा से 1 किमी की दूरी में माढ़ नदी है। कुदमुरा के तराईमार जंगल में गुरुवार की रात बाइक सवार ग्रामीणों पर हमला करने वाला दंतैल हाथी नदी से ही इस ओर आ गया था। जो हमला करने के बाद वापस चला भी गया। इस कारण उसकी ट्रेकिंग नहीं हो पाई थी। मृतक के परिजनों को 25 हजार रुपए की तात्कालिक सहायता दी गई है।

19 साल में 60 व 1 साल में 10 मौतंे

19 साल में जिले में हाथी के हमले से 59 लोगों की मौत हो चुकी है। 2018-19 के दौरान 1 साल में 10 लोगों की मौत हुई है। 5 साल में जिले में हाथी का मूवमेंट के साथ ही हमले भी बढ़े हैं। 2013-14 में 4, 2014-15 में 2, 2015-16 में 6, 2016-17 में 8, 2017-18 में 6 मौतें हैं। अप्रैल 2018 से अप्रैल 19 में 9 लोगों को मारा। अब इस घटना को मिलाकर मृतकों की संख्या 10 हो गई है।

5 साल में बढ़ा मौत का आंकड़ा

केस-1

केस-2

केस-3

केस-4

केस-5

केस-6

केस-7

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